Mansarovar Yatra 2025: कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए क्या है मेडिकल गाइडलाइन और कहां होती है इसकी जांच, यहां जानें

Kailash Mansarovar Yatra medical check up: कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुका है। इस साल यह पवित्र यात्रा 30 जून से शुरू होने वाली है। खबरों के मुताबिक इस साल मानसरोवर की यात्रा 25 अगस्त तक चलेगी।
भारत सरकार द्वारा जैसे ही कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने की घोषणा होती है, वैसे ही हजारों श्रद्धालु रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू कर देते हैं, लेकिन श्रद्धालु रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के दौरान मेडिकल जांच की प्रक्रिया भूल जाते हैं।
इस आर्टिकल में हम आपको बताने जा रहे हैं कि कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए मेडिकल जांच की प्रक्रिया क्या है और इस यात्रा के लिए देश की किस जगह श्रद्धालुओं की जांच होती है।
कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए मेडिकल जांच क्यों रूरी है?
कैलाश मानसरोवर की मेडिकल जांच क्यों होती है, यह जानना बहुत जरूरी है। दरअसल, मानसरोवर यात्रा को पूरा करने में करीब 2 से 3 हफ्ते का समय लगता है। इसके अलावा, समुद्र तल से कैलाश मानसरोवर की ऊंचाई करीब 21 हजार फीट से अधिक है और इसे पूरा करने के लिए उबड़-खाबड़ पहाड़ों पर करीब 51 किमी पैदल चलना पड़ता है। ऐसे में यात्री की मेडिकल जांच करना बहुत जरूरी हो जाता है कि क्या वो इस यात्रा के लिए फिट है या नहीं।
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मानसरोवर यात्रा के लिए फिट न होने पर क्या होगा?
कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए ऊंचे-ऊंचे पहाड़ों पर चढ़ाई करनी पड़ती है। ऐसे में यात्रा में शामिल होने के लिए यात्री को शारीरिक रूप से फिट होना बेहद जरूरी है। अगर यात्री शारीरिक रूप से फिट नहीं होता है, तो उसे यात्रा में शामिल नहीं किया जाता है।
कैलाश मानसरोवर यात्रा की मेडिकल जांच कहां होती है?
अब यह जान लेते हैं कि कैलाश मानसरोवर यात्रा की मेडिकल जांच कहां होती है? आपको बता दें कि इस यात्रा की मेडिकल जांच दिल्ली हार्ट एंड लंग इंस्टीट्यूट (DHLI) और आईटीबीपी बेस हॉस्पिटल में की जाती है।
खबरों के मुताबिक यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन किए हुए व्यक्तियों को इन हॉस्पिटल्स में बुलाया जाता है और करीब 2-4 दिनों तक तरह-तरह की जांच की जाती है। जांच के बाद यह तय होता है कि यात्रा के लिए व्यक्ति फिट है या नहीं।
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मानसरोवर यात्रा के लिए कौन-कौन सी मेडिकल जांच होती है?
दिल्ली हार्ट एंड लंग इंस्टीट्यूट (DHLI) के मुताबिक कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए कई प्रकार की मेडिकल जांच होती है। जैसे-
- फुल ब्लड टेस्ट (Complete Blood Examination)
- ईसीजी (ECG)
- चेस्ट एक्स-रे (X-ray Chest)
- टीएमटी (TMT)
- पीएफटी (PFT)
- स्ट्रेस इको (Stress Echo), आदि-आदि।
इन चीजों की जांच के बाद यात्री को फिटनेस सर्टिफिकेट दिया जाता है, जिसके आधार पर यात्री कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर जाने की अगली प्रक्रिया शुरू कर सकता है।
- नोट: ये टेस्ट 2024 में दिल्ली हार्ट एंड लंग इंस्टीट्यूट हॉस्पिटल द्वारा किया गया था।
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