Sat Sep 12, 2026 | Updated 01:33 AM IST

तुंगनाथ मंदिर से कितनी दूर है श्री मारकंडेश्वर मंदिर, जानें कैसे पहुंच सकती हैं आप?

इस मंदिर में के परिसर में 3 पवित्र कुंड बने हुए, जहां लोग अपने पितरों की मुक्ति के लिए 'पिंड दान' करते हैं। मंदिर परिसर बहुत ही विशाल, हरा-भरा और शांत है।
Updated:- 2026-07-18, 18:29 IST
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तुंगनाथ मंदिर दर्शन करने के लिए हर साल लाखों लोग जाते हैं। यह मंदिर देशभर के पर्यटकों को अपनी खूबसूरती के साथ-साथ आस-पास के ऐतिहासिक जगहों के लिए भी आकर्षित करता है। यहां दर्शन करने आने वाले यात्री श्री मारकंडेश्वर मंदिर के दर्शन के लिए जरूर पहुंचते हैं। यह मंदिर से ज्यादा दूर नहीं है, इसलिए यहां पहुंचना आसान है। इस मंदिर में लोग लंबी आयु और कष्ट निवारण की पूजा करने के लिए आते हैं। मंदिर का इतिहास भी भोलेनाथ की शक्ति से जुड़ा हुआ है। माना जाता है कि ऋषि मार्कंडेय भोलेनाथ की इसी मंदिर में बैठकर पूजा करते थे। एक दिन जब यमराज उनके प्राण लेने आए, तब वे शिवलिंग से लिपट गए। तभी भोलेनाथ प्रकट हुए और उन्होंने यमराज को पराजित कर उन्हें अमरता का वरदान दिया। आज के इस आर्टिकल में हम आपको तुंगनाथ मंदिर सेश्री मारकंडेश्वर मंदिर की दूरी के बारे में विस्तार से बताएंगे।

तुंगनाथ मंदिर से मारकंडेश्वर मंदिर कैसे जाएं?

दोनों मंदिर के बीच लगभग 26 किमी की दूरी है। हालांकि, यहं पहुंचने में आपको लगभग 1 घंटे का समय लग जाएगा। रास्ते घुमावदार हैं और सड़कों पर गाड़ी ध्यान से चलानी पड़ती है, इसलिए इतना समय अधिकतर यात्रियों को लग जाता है। मारकंडेश्वर मंदिर को मक्कूमठ (Makkumath) के नाम से भी जाना जाता है।

  • सबसे पहले आपको यह जान लेना चाहिए कि यह मंदिर तुंगनाथ मंदिर से नीचे पड़ता है। तुंगनाथ लगभग 3,680 मीटर की ऊंचाई पर है, जबकि मारकंडेश्वर मंदिर लगभग 2,000 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यह मंदिर यह तुंगनाथ ट्रेक के रास्ते में नहीं पड़ता, इसलिए अगर आप पहले तुंगनाथ गई हैं, तो पहले नीचे आना होगा।
  • तुंगनाथ जाने का ट्रेक चोपता से शुरू होता है, लेकिन मारकंडेश्वर मंदिर के लिए अलग रास्ता लेना पड़ता है। अगर आप चोपता से आ रही हैं, तो पहले तुंगनाथ जाएं। इसके बाद नीचे आते हुए मारकंडेश्वर मंदिर के दर्शन करें।

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Makkumath temple

कहां स्थित मारकंडेश्वर मंदिर?

यह मंदिर उखीमथ (Ukhimath) में स्थित है। इसके लिए आपको चोपता से प्राइवेट टैक्सी या शेयरिंग वाहन मिलेगा। मंदिर तक आने के लिए आपको ट्रेकिंग करने की जरूरत नहीं है। आप वाहन से यहां पहुंच सकती हैं, जबकि तुंगनाथ का सफर आपको पैदल करना होता है।

  • पहले आप चोपता से उखीमथ आएं और इसके बाद श्री मारकंडेश्वर मंदिर के दर्शन करें। यह मंदिर लगभग 10 किमी की दूरी पर स्थित है। आप उखीमथ या दुग्गलविट्ठा से टैक्सी करके आसानी से मक्कुमथ (Makkumath) पहुंच सकती हैं।

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Ukhimath tourism

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