Maa Lakshmi Aur Bhagwan Vishnu: भगवान विष्णु के पैरों की तरफ ही क्यों बैठती हैं मां लक्ष्मी? जानें ये गूढ़ रहस्य

Maa Lakshmi Aur Bhagwan Vishnu: भगवान विष्णु को सृष्टि का पालनहार माना जाता है तो मां लक्ष्मी को सृष्टि का संचालक। जहां भगवान विष्णु संसार के हर व्यक्ति का भरण-पोषण करते हैं। तो वहीं, मां लक्ष्मी व्यक्ति की क्षमता और उसके कर्म अनुसार उस तक धन पहुंचाने का कार्य करती हैं।
भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी दोनों एक दूसरे के पूरक हैं और जिस भी व्यक्ति को इनका आशीर्वाद एक साथ प्राप्त होता है उसके व्यारे-न्यारे हो जाते हैं। मां लक्ष्मी हमेशा भगवान विष्णु के साथ वैकुण्ठ धाम में विराजती हैं।
धर्म शास्त्रों, ग्रंथों के अनुसार और यहां तक कि तस्वीरों में भी मां लक्ष्मी को भगवान विष्णु के साथ देखा जाता है। वहीं, गौर करने वाली बात ये है कि मां लक्ष्मी हमेशा भगवान विष्णु के चरणों के निकट ही बैठती हैं।
जब हमने हमारे ज्योतिष एक्सपर्ट डॉ राधाकांत वत्स से इस विषय में पूछा कि आखिर क्यों मां लक्ष्मी भगवान विष्णु के पैरों के पास ही विराजती हैं तो उन्होंने हमें बड़ा ही रोचक तथ्य बताया जो आज हम आपके साथ साझा करने जा रहे हैं।
- एक पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार देवर्षि नारद (देवर्षि नारद ने क्यों दिया नारायण को श्राप) मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु के दर्शन के लिए पहुंचें। भगवान विष्णु निद्रा में थे तो नारद जी ने प्रतीक्षा करना ही उचित समझा।
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- तभी नारद जी के मन में मां लक्ष्मी को भगवान विष्णु के चरणों के पास बैठा देख ये सवाल आया कि आखिर माता हमेशा श्री हरि के चरणों की ओ ही क्यों बैठती हैं। प्रश्न से बैचेन नारद जी खुद को रोक न कसे और उन्होंने मां लक्ष्मी से प्रश्न पूछ ही लिया।
- तब माता लक्ष्मी ने नारद जी को बताया कि स्त्री के हाथ में देव गुरु बृहस्पति (बृहस्पति को मजबूत करने के उपाय) का वास होता है और वहीं, पुरुषों के पैर में दैत्य गुरु शुक्रचार्य का वास है। ऐसे में जब मां लक्ष्मी श्री हरि के चरणों के निकट बैठती हैं तो इससे शुभता का संचार होता है और धन का आगमन भी।
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- इसी कारण से मां लक्ष्मी न सिर्फ श्री हरि विष्णु के चरणों के पास विराजती हैं बल्कि भगवान विष्णु के चरण भी दबाती हैं।
तो ये था मां लक्ष्मी के भगवान विष्णु के पैरों के निकट बैठने के पीछे का कारण। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी हो तो इसे फेसबुक पर जरूर शेयर करें और इसी तरह के अन्य लेख पढ़ने के लिए जुड़ी रहें आपकी अपनी वेबसाइट हरजिन्दगी के साथ। आपका इस बारे में क्या ख्याल है? हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।
Image Credit: Pexels, Herzindagi
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