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Delhi CM Atishi Marlena: दिल्ली के मुख्यमंत्री के पास कितनी होती हैं पावर्स? जानें यहां कौन होता है सबसे ज्यादा ताकतवर

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपने पद से इस्तीफा दिल्ली की कमान आतिशी को सौंपने के लिए प्रस्ताव रख दिया है। इसी के साख दिल्ली का मुख्यमंत्री पद भी चर्चा में है, तो चलिए जानते हैं कि दिल्ली के सीएम की पॉवर्स क्या होती है।
Updated:- 2024-09-18, 15:02 IST
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अब तक दिल्ली के मुख्यमंत्री रह चुके अरविंद केजरीवाल ने बिते दिन मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इसी के साथ, उन्होंने विधायक दलों की बैठक में देश की राजधानी की कमान आतिशी मर्लेना के नाम प्रस्तावित किया, जिसे सभी ने स्वीकार भी कर लिया है।
दिल्ली केवल राज्य ही नहीं बल्कि भारत की राजधानी होने के साथ-साथ केंद्र शासित क्षेत्र भी है। दिल्ली की स्थिति और सरकारी पावर शेयरिंग आदि बाकि राज्यों से थोड़ी अलग है। कई बार यह भी सवाल उठता है कि यहां मुख्यमंत्री ताकतवर है या फिर उप राज्यपाल। ऐसे में, अगर आपके मन में भी मुख्यमंत्री के पावर्स को लेकर सवाल हैं, तो चलिए आज हम आपको इसके बारे में विस्तार से बताते हैं।

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दिल्ली मुख्यमंत्री के पास कितनी शक्तियां होती हैं?

 

 

 

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दिल्ली के मुख्यमंत्री की शक्तियों को एक अद्वितीय संवैधानिक ढांचे के भीतर परिभाषित किया गया है, जो कि केंद्र शासित प्रदेश और राज्य दोनों के तत्वों को जोड़ने का काम करता है। दिल्ली के मुख्यमंत्री के पास विधायी और कार्यकारी शक्तियां रहती हैं। मुख्यमंत्री विभिन्न प्रशासनिक कार्यों की देखरेख कर सकते हैं। साथ ही, इन शक्तियों की सीमाओं में रहकर नीतियों को लागू कर सकते हैं। दिल्ली के मुख्यमंत्री के हाथों में नेशनल कैपिटल टेरिटेरी (NCT) को चलाने की महत्वपूर्ण शक्तियां हैं। खासकर उन क्षेत्रों में जो केंद्र सरकार के लिए आरक्षित नहीं हैं।

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मुख्यमंत्री या उपराज्यपाल दिल्ली में कौन है सबसे ज्यादा ताकतवर?

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दिल्ली के शासन में उपराज्यपाल की महत्वपूर्ण भूमिका है जबकि मुख्यमंत्री वास्तविक रूप से कार्यकारी प्रमुख हैं। उपराज्यपाल के पास कुछ विवेकाधीन शक्तियां हैं। जैसे- उपराज्यपाल को अधिकांश मामलों में मंत्रिपरिषद की सलाह पर कार्य करने की जिम्मेदारी है, लेकिन किसी खास परिस्थितियों में वह विवेकाधीन शक्तियां अपना सकते हैं। यह तब होता है जब सरकार के फैसले राष्ट्रीय सुरक्षा या सार्वजनिक व्यवस्था को प्रभावित कर रहे हों।
जबकि मुख्यमंत्री दिल्ली सरकार का वास्तविक रूप से कार्यकारी मुखिया होता है, जो दिन-प्रतिदिन के शासन के लिए जिम्मेदार होता है। जानकारी के लिए बता दें, सीएम मंत्रिपरिषद का नेतृत्व करता है और दिल्ली विधानसभा के प्रति जवाबदेह होता है। खासतौर पर मुख्यमंत्री के पास विधायी अधिकार हैं।

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