धन कमाना और उसे जोड़ना हर व्‍यक्ति चाहता है। मगर, स्थितियां परिस्थितियां हर वक्‍त एक जैसी नहीं होती हैं। कई बार अथक प्रयासों के बाद भी व्‍यक्ति पर आर्थिक संकट मंडराता रहता है। ऐसे में थोड़ी समझादारी के साथ-साथ धार्मिक कार्य करने से भी आर्थिक संकटों को दूर करने का रास्‍ता मिल सकता है। पुराणों में इस बात का उल्‍लेख मिलता है कि आर्थिक संकटों को दूर करने के लिए धन की देवी लक्ष्‍मी को की पूजा करनी चाहिए। देवी लक्ष्‍मी की पूजा के साथ-साथ उनके प्रिय श्रीयंत्र की पूजा भी रोज करनी चाहिए। ऐसी मान्‍यता है कि अगर आप देवी लक्ष्‍मी के साथ-साथ उनके श्री यंत्र की पूजा भी उचित प्रकार से करेंगी तो आपको न तो कभी धन की कमी होगी और न ही आपके उपर आर्थिक संकट मंडराएगा। मगर, इस बात का ध्‍यान जरूर रखें कि आपको श्री यंत्र की पूजा बेहद सावधानी और सही तरीके से करी है। नहीं तो आपको इससे लाभ की जगह हानि भी पहुंच सकती है। चालिए जानते हैं कि कैसे देवी लक्ष्‍मी के श्री यंत्र की पूजा करनी चाहिए और इससे आपको क्‍या लाभ मिलेंगे।

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where to place shri yantra picture in house

श्री यंत्र के बारे में जानें 

ऐसी मान्‍यता है कि श्री यंत्र देवी लक्ष्‍मी को सबसे अधिक प्रिय है। इस यंत्र की उपस्थिति भर से देवी लक्ष्‍मी की कृपा बनी रहती है। आप जहां भी श्री यंत्र को स्‍थापित करेंगी वहीं देवी लक्ष्‍मी का स्‍थाई निवास हो जाएगा। बहुत सारे लोग इसे तिजोरी या पुजा के मंदिर में रखते हैं। इससे वहां पर देवी लक्ष्‍मी की कृपा बनी रहती हैं। श्री यंत्र रेखाओं और बिंदुओं से कई कोण बनाता है। इस के कोणों में उतनी ही शक्ति समाहित होती हैं जितनी किसी पवित्र मंत्र में होती है। श्री यंत्र में 9 कौणों से मिल कर छोटे-छोट 45 कोंण बनते हैं। इतना ही नहीं श्रीयंत्र में कुल 9 चक्र होते हैं जो कि 9 देवियों का प्रतीक होते हैं।

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shri yantra mantra

श्री यंत्र की कैसे करें पूजा 

अगर आप चाहती हैं कि आपके घर में देवी लक्ष्‍मी की कृपा, धन, वैभव और एश्‍वर्य बना रहे तो इसके लिए आपको विधि के साथ करनी चाहिए। इतना ही नहीं आपको इसकी स्‍थापना भी सही प्रकार से करनी चाहिए। बाजार में आपको श्री यंत्र कई धातुओं का मिल जाएगा मगर, आप जब इसे घर लाएं तो शुभ मुहुर्त में ही इसे स्‍थापित करें। अगर आप घर में श्री यंत्र रख रही हैं तो इसकी पूजा वैसे ही करें जैसे आप और देवी देवताओं की करती हैं। आचार्य सतीश की ब्‍लॉग से प्राप्‍त जानकारी के मुताबिक श्री यंत्र की पूजा इस प्रकार होनी चाहिए। 

  • सबसे पहले सुबह उठें और स्‍नान करें। इसके बाद साफ सुथरे कपड़े पहन कर श्री यंत्र की पूजा की तैयारी करें। 
  • श्री यंत्र को साफ लाल कपड़े में स्‍थापित करें और उसे गंगाजल और दूध से स्‍नान कराएं। इसके बाद इसे आप उस स्‍थान पर रखें जहां आप इसे स्‍थापित करना चाहती हैं। आप मंदिर, तिजोरी या ऑफिस कहीं भी श्री यंत्र को रख सकती हैं। 
  • इसके बाद श्री यंत्र को पंचामृत में स्‍नान कराएं। फिर उसमें लाल चंदन (लाल चंदन के फायदे), लाल फूल और चावल चढ़ाएं। श्री यंत्र पर लाल चुनरी चढ़ाएं। 
  • इसके बाद श्री यंत्र की आरती करें। इसके दौरान आपा लक्ष्‍मी मंत्र, दुर्गा सप्‍तशती का पाठ आदि कर सकती हैं। इसके साथ ही श्री यंत्र की आरती करें। 
  • आपको श्री यंत्र के सामने खड़े होकर “ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं नम:” एवं “ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्री ह्रीं श्री ॐ महालक्ष्म्यै नम:” मंत्र का जाप करना चाहिए। 
Shri yantra puja vidhi

श्री यंत्र के लाभ 

  • रामचरितमानस में इस बात का उल्‍लेख किया गया है कि देवी लक्ष्‍मी का श्री यंत्र सेबसे महान और सर्वाधिक फल प्रदान करने वाला है। श्री यंत्र की यदि राज विधि और विधान के साथ पूजा की जाए तो इससे आर्थिक संकट दूर होता है। 
  • ऐसा भी कहा गया है कि मंदिर और तिजोरी में यदि आप श्री यंत्र रखती हैं तो उस पर प्रतिदिन कमलगट्टे की माला चढ़ाने से देवी लक्ष्‍मी प्रसन्‍न रहती हैं। 
  • अगर आपको देवी लक्ष्‍मी को आकर्षित करना है तो आप केवल श्री यंत्र के सहारे ही उन्‍हें आकर्षित और खुश कर सकती हैं।  
  • अगर आपके घर में कोई बहुत समय से बीमार है तो आपको श्री यंत्र की पूजा करनी चाहिए। इससे रोग का नाश होगा। 
  • अगर आपका कोई कार्य बहुत दिनों से अटका हुआ है तो श्री यंत्र की पूजा करने से वह रुकावट भी खत्‍म हो जाएगी। 
  • इससे आपको धन और वैभव की भी प्राप्‍ती होती है। धन कमाने के नए मार्गों का पता चलता है।