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    9 मीटर लंबी नऊवारी साड़ी के बारे में रोचक तथ्य जानें

    मराठाओं की शान नऊवारी साड़ी के बारे में आपको नहीं पता होंगे ये तथ्‍य, जानने के लिए पढ़ें यह आर्टिकल। 
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    Updated at - 2022-11-09,16:25 IST
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    भारत में साड़ी महिलाओं का पारंपरिक पहनावा है। भारत में जितने राज्य हैं, उससे भी ज्यादा साड़ियों के प्रकार हैं। हर राज्‍य में साड़ी आपको एक नए रंग रूप में नजर आ जाएगी। देखा जाए तो साड़ी स्थान विशेष की कला का परिचय भी देती है। फिर चाहे बनारस की बनारसी साड़ी हो या महेश्वर की महेश्वरी साड़ी हो। इसी तरह महाराष्ट्र की नऊवारी साड़ी मराठा संस्कृति की पहचान है। 

    नऊवारी साड़ी आज जहां फैशन का हिस्सा है, वहीं इसका एक बेहद रोचक इतिहास भी रहा है। आज हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से इस साड़ी की विशेषता के बारे में बताएंगे, साथ ही आपको इससे जुड़े कुछ तथ्‍य भी बताएंगे। 

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    नौ गज की साड़ी का इतिहास 

    नऊवारी साड़ी, इसे नौवारी साड़ी भी कहा जाता है। नाम से ही आप यह समझ सकते हैं कि यह साड़ी नौ गज की होती है। आमतौर पर गाड़ियों की लेंथ 5 से 6 गज होती है, मगर यह साड़ी विशेष होती है और यह नौ मीटर की होती है। 

    ऐसा कहा जाता है कि मराठों के राज्य में सेना को युद्ध में मदद करने के लिए महिलाओं ने अस्‍त्र उठा लिए थे। युद्ध के मैदान में योद्धा की तरह लड़ने के लिए तब की महिलाओं ने नऊवारी साड़ी तैयार की, जो नौ गज की थी और इसे पतलून की तरह पहना जा सकता था। तब से यह साड़ी मराठाओं के पारंपरिक परिधान में शामिल हो गई। 

    कब पहनी जाती है नऊवारी साड़ी? 

    मराठी शादियों में दुल्हन को आप नऊवारी साड़ी में ही देखेंगे। यह साड़ी विशेष अवसरों जैसे गणेश चतुर्थी और गुड़ी पड़वा में भी मराठी महिलाएं पहनती हैं। गृह प्रवेश या फिर किसी और विशेष अवसर पर भी इसे पहना जा सकता है। 

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    नऊवारी साड़ी से जुड़े रोचक तथ्‍य 

    • नऊवारी साड़ी को लुगाड़ा, काष्टा और नौवारी भी कहा जाता है। पहले यह कॉटन फैब्रिक में ही बनाई जाती थी, मगर अब आपको सिल्‍क और साटन के कपड़े में भी इस तरह की साड़ी मिल जाएगी। 
    • लावणी महाराष्‍ट्र का लोक नृत्य है और इस नृत्य के दौरान भी यही साड़ी पहनी जाती है। 
    • नऊवारी साड़ी के साथ पेटीकोट (पेटीकोट चुनते वक्‍त ध्‍यान रखें ये बातें) नहीं पहना जाता है। 
    • नऊवारी साड़ी को जहां ब्राह्मण महिलाएं एंकल लेंथ तक पहनती हैं, वहीं रायगढ़ जिले में रहने वाली महिलाएं केवल घुटने तक की लेंथ में इस साड़ी को ड्रेप करती हैं। 
    • कोली ट्राइब की महिलाएं इस साड़ी को दो हिस्सों में पहनती हैं। एक हिस्से को वे कमर में बांधती हैं और दूसरे हिस्से से वह शरीर के ऊपरी हिस्से को कवर करती हैं। 

    नऊवारी साड़ी का बॉलीवुड कनेक्शन 

    आपको महारानी लक्ष्‍मीबाई, बाजीराव मस्तानी, पानीपत जैसी फिल्‍मों में एक्‍ट्रेस नऊवारी साड़ी में नजर आजाएंगी। इन फिल्‍मों के माध्‍यम से इस साड़ी को दोबारा पहचान मिली है।इतना ही नहीं, अंकिता लोखंडे, माधुरी दीक्षित और श्रद्धा कपूर जैसी एक्ट्रेस तो केवल फिल्‍मों में ही नहीं बल्कि बड़े अवसरों पर नऊवारी साड़ी में नजर आ जाती हैं। देखा जाए तो यह साड़ी फैशन का हिस्सा भी बन चुकी है और इसमें नए-नए ट्रेंड्स भी देखने को मिल रहे हैं। 

    आपको कई तरह के प्रिंटेड बॉर्डर, फेब्रिक और वर्क में यह साड़ी बाजार में मिल जाएगी। खासतौर पर ब्राइड्स के लिए नऊवारी साड़ी में बहुत वैरायटी देखने को मिल जाएंगी। 

     

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