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राजा-रानी के जमाने से है कोल्हापुरी चप्पलों का नाता, जानें इसका दिलचस्प इतिहास

आज के समय में ज्‍यादातर लोग कोल्‍हापुरी चप्‍पल जरूर पहनते हैं, लेक‍िन क्‍या आप इसका इत‍िहास जानती हैं क‍ि इसे कहां, कब और कैसे बनाया गया था? हम आपको इसके बारे में व‍िस्‍तार से जानकारी दे रहे हैं।
Updated:- 2026-07-06, 14:10 IST
kolhapuri chappal history

हमारे यहां भारत में फैशन की दुनिया बहुत बड़ी है। ट्रेडिशनल फुटवियर की बात जब भी होती है ताे कोल्हापुरी चप्पल का नाम जरूर लिया जाता है। ये कोई नॉर्मल चप्पल नहीं है। ये हमारे भारतीय कारीगरों के हुनर और पुरानी परंपराओं की पहचान भी हैं। आज भले ही मार्केट में आपको फुटवियर की ढेरों वैरायटीज मिल जाती हों, लेकिन कोल्हापुरी चप्पलें आज भी खूब पसंद की जाती हैं।

महाराष्ट्र के कोल्हापुर शहर से जुड़ी ये चप्पल सिर्फ हमारे देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी खूब पसंद की जाती हैं। कई लोग इसे ट्रेडिशनल आउटफिट्स के साथ पहनते ताे कुछ लोग इसे मॉडर्न ड्रेसेज के साथ भी स्टाइल करते हैं। आज ज्यादातर लोग कोल्हापुरी चप्पलों को पहनते हैं, लेकिन शायद ही आपको इसका इतिहास मालूम होगा। आज हम आपको इस चप्पल का इतिहास बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं-

सदियों पुराना माना जाता है इतिहास

कोल्हापुरी चप्पल का इतिहास काफी पुराना माना जाता है। माना जाता है कि इसकी शुरुआत 12वीं और 13वीं सदी में हुई थी। दरअसल, उस समय हाथ से बनी चमड़े की चप्पलों का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर किया जाता था। समय के साथ इसका डिजाइन बदला, लेकिन इनकी पहचान वही पुरानी बनी रही।

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पहले सिर्फ पुरुष पहनते थे ये चप्पल

बताया जाता है कि शुरुआत में तो कोल्हापुरी चप्पलें सिर्फ पुरुषों के लिए बनाई जाती थी। इसकी डिजाइन भी उसी हिसाब से होती थी। बाद में जब फैशन की दुनिया में बदलाव आया, तो महिलाओं के लिए भी अलग-अलग डिजाइन की कोल्हापुरी चप्पलें बनने लगीं। आज बाजार में कलरफुल, कढ़ाई वाली और कई तरह की डिजाइन वाली कोल्हापुरी चप्पलें मिल जाती हैं।

कोल्हापुर से जुड़ी है इसकी पहचान

अब आप सोच रहीं होंगी कि इस चप्पल का नाम कोल्हापुर क्यों रखा गया। आपको बता दें कि महाराष्ट्र के कोल्हापुर शहर से इस चप्पल का नाम पड़ा था। कोल्हापुर लंबे समय से अपने कारीगरी और हैंडमेड चीजों के लिए जाना जाता रहा है। यहीं के कारीगरों ने अपनी मेहनत से इस फुटवियर को पहचान दी। धीरे-धीरे ये चप्पल आसपास के इलाकों में फेमस हुआ। आज कोल्हापुरी चप्पल पूरे देश में पहनी जाती है।

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शिवाजी महाराज के समय से भी जुड़ी हैं कहानियां

ऐसा भी कहा जाता है कि कोल्हापुर में छत्रपति शिवाजी महाराज के वंशजों का शासन रहा था। उस समय यहां के कारीगरों के हुनर की खूब वाहवाही होती थी। इसी वजह से यहां बनने वाली चीजों को खास महत्व मिला और कोल्हापुरी चप्पल की पहचान दूर-दूर तक फैल गई।

कैसे इतनी फेमस हुई कोल्हापुरी?

पुराने समय में कोल्हापुरी चप्पल का डिजाइन एकदम सिंपल सा हुआ करता था। कुछ जगहों पर इसे कानवाली नाम से भी जाना जाता था। समय के साथ इसकी डिमांड बढ़ने लगी और ये महाराष्ट्र से निकलकर बड़े शहरों तक पहुंच गई। जब ये मुंबई जैसे शहरों के बाजारों में पहुंची, तो लोगों ने इसे खूब पसंद किया। धीरे-धीरे ये फेमस होती चली गई।

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तो अगर आप भी कोल्हापुरी चप्पलों को आज का फैशन मानती थीं तो हमने आपको इसकी पूरी कहानी बता दी है। साथ ही अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।

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