Fri Sep 11, 2026 | Updated 08:09 PM IST

पुरी में कहां है भगवान जगन्नाथ की मौसी का घर? जानें लोकेशन और दर्शन का समय

जगन्नाथ रथ यात्रा में भगवान अकेले अपनी मौसी के घर नहीं जाते, बल्कि उनके साथ बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा भी गुंडिचा मंदिर जाते हैं।
Updated:- 2026-07-16, 13:52 IST
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जगन्नाथ रथ यात्रा 2026 की शुरुआत आज (16 जुलाई) से हो गई है। ओडिशा के पुरी की यह यात्रा सबसे खास मानी जाती है। हर साल यह यात्रा निकलती है। हजारों श्रद्धालु अलग-अलग शहरों से इसमें शामिल होने के लिए आते हैं। इस साल भी हजारों लोग हैं, जो इस यात्रा में शामिल होने के लिए पहुंचे हुए हैं और कई यात्री यहां आने का प्लान भी कर रहे होंगे। जो यात्री हर दिन यात्रा में शामिल नहीं हो सकते, वे इस यात्रा के दौरान सबसे खास माने जाने वाले मंदिर के दर्शन करने जाते हैं। इस यात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ की मौसी का घर गुंडिचा मंदिर को सबसे खास माना जाता है। यहां वह अपने बड़े भाई और बहन के साथ विशाल लकड़ी से बने रथ पर सवार होकर आते हैं। ऐसे में अगर आप भी यहां दर्शन करने का प्लान बना रही हैं, तो यह आर्टिकल आपके काम आएगा। आज के इस आर्टिकल में हम आपको, इस मंदिर की लोकेशन और दर्शन के समय से जुड़ी जानकारी विस्तार से देंगे।

गुंडिचा मंदिर खुलने का समय

भुवनेश्वर टूरिज्म (Bhubaneswar Tourism) की आधिकारिक वेबसाइट पर डाली गई जानकारी के अनुसार, मंदिर हर दिन सुबह 6:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक और शाम 4:00 बजे से रात 9:00 बजे तक खुला रहता है। दोपहर में एक घंटे के लिए बंद रहता है।

Gundicha Temple darshan timings

क्या रथ यात्रा के दौरान यहां जा सकते हैं?

यात्रा के दौरान आप मंदिर दर्शन करने जा सकते हैं, लेकिन ध्यान रखें कि शाम के समय जाने से बचें। आप सुबह और दोपहर के समय यहां जाएंगी तो आपको भीड़ कम मिलेगी। शाम के समय यहां आपको भीड़ ज्यादा मिलेगी, क्योंकि ज्यादातर लोग अच्छे मौसम का इंतजार करते हैं। आप अगर अपने पूरे परिवार के साथ जा रही हैं और साथ में बच्चे भी हैं, तो सुबह का समय आपके लिए बेस्ट होगा। 

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Jagannath Rath Yatra

कैसे पहुंचें गुंडिचा मंदिर?

जगन्नाथ मंदिर से गुंडिचा मंदिर की दूरी लगभग 2.6 किमी है। आप यहां 10 मिनट में पहुंच सकती हैं, लेकिन रथ यात्रा के चलते भीड़ ज्यादा होती है। इसलिए, आपको यहां पहुंचने में समय लग जाता है। यहां पहुंचने के लिए आपको सबसे पहले पुरी शहर आना होगा।

  • आप ट्रेन से आ रही हैं, तो सीधा पुरी रेलवे स्टेशन के लिए टिकट बुक कर सकती हैं। नई दिल्ली, कोलकाता और मुंबई जैसे बड़े शहरों से सीधी ट्रेनें मिलती हैं। पुरी रेलवे स्टेशन से मंदिर की दूरी लगभग 1.4 किलोमीटर  है। यहां से आपको मंदिर तक पहुंचने के लिए कैब, बस और रिक्शा मिल जाएगी।
  • फ्लाइट से आने का प्लान बना रहे यात्री भुवनेश्वर स्थित बीजू पटनायक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा के लिए टिकट बुक कर सकते हैं। यहां से मंदिर की दूरी ज्यादा है। लगभग 58.1 किलोमीटर का सफर करना होगा, जिसके बाद आप मंदिर पहुंचेंगे।
  • इसके अलावा भुवनेश्वर से पुरी के लिए नियमित रूप से बसें भी चलती हैं। यह पुरी का सबसे खास मंदिर माना जाता है, इसलिए यहां पहुंचने के लिए सुविधाएं अच्छी हैं। 

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Image Credit : bhubaneswartourism.in, magnific

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