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Diwali 2023: यहां हुआ था प्रभु श्री राम और माता सीता का स्वयंवर, कहते हैं इसे नौलखा मंदिर

माना जाता है कि जो भी कोई भगवान के विवाह मंडप स्थान के दर्शन के लिए आता है, उनके  सुहाग की उम्र लंबी होती है।
Updated:- 2023-10-29, 12:00 IST
mata janki temple in janakpur nepal

इस साल 12 नवंबर 2023 को दिवाली का पर्व मनाया जाने वाला है। दिवाली का पर्व हर साल लोग जश्न के रूप में बड़े ही उत्साह के साथ मनाते हैं। इस दिन घरों से लेकर हर मंदिर बिल्कुल दुल्हन की तरह सजाए जाते हैं। आज के इस आर्टिकल में हम आपको एक ऐसे मंदिर के बारे में जानकारी देने वाले हैं।

जहां आपको एक बार ट्रैवल के लिए जरूर जाना चाहिए। नेपाल के इस मंदिर में ही प्रभु श्री राम और माता सीता का स्वयंवर हुआ था। यह मंदिर नेपाल के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में से एक है। इस मंदिर की खासियत यह है कि इसकी दीवारों की कलाकृति भी बेहद अद्भुत है। 

नौलखा मंदिर में हुआ था श्री राम और माता सीता का स्वयंवर

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यह मंदिर प्रभु श्री राम का ससुराल माना जाता है। क्योंकि यहीं पर माता सीता ने अपना पूरा बचपन गुजारा था और यहां पर ही उनका विवाह मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम चंद्र से हुआ। इस मंदिर में मौजूद चीजों को देखकर आपको भी अहसास होगा कि इसका इतिहास प्रभु श्री राम और माता सीता से जुड़ा हुआ है।

इस जगह पर ही  माता सीता से विवाह के लिए  भगवान शिव का धनुष तोड़ा था। मंदिर के प्रांगण में आपको एक विवाह मंडप भी मिलेगा, जहां पर माता सीता और भगवान राम ने सात फेरे लिए थे। (ये हैं नेपाल के प्रसिद्ध हिंदू मंदिर)

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कहां स्थित है मंदिर?

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मंदिर  नेपाल के काठमांडू शहर से लगभग 400 किलोमीटर की दूरी पर बसा हुआ है। मंदिर कुल 4860 वर्ग मीटर में फैला हुआ है। यह एक महल की तरह है, जिसकी खूबसूरती आपका दिल जीत लेगी। इस मंदिर के निर्माण में लगभग 16 साल का समय लगा था।

माना जाता है कि मंदिर 1895 ईस्वी से 1911 में बनकर तैयार हुआ था। इस मंदिर का निर्माण राजपुताना महारानी वृषभानु कुमारी द्वारा करवाया गया था। (जानें भारत के प्राचीन मंदिरों के बारे में)

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क्यों कहते हैं इसे नौलखा मंदिर

दरअसल, इस मंदिर के निर्माण में करीब 9 लाख रुपए लगे थे। इसलिए इसका नाम नौलखा रखा गया। बताया जाता है कि इस मंदिर में 657 ईस्वी में सोने की मूर्ति मिली थी। 

इस मंदिर के आसपास कुल 115 सरोवर कुंड है, जिसमें परशुराम सागर, धनुष सागर और गंगा सागर को सबसे ज्यादा प्रसिद्ध माना जाता है। 

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Image Credit-  Freepik

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