Maha Kumbh 2025: त्रिवेणी संगम के पास घूमने के लिए अच्छी हैं ये 3 जगहें, महाकुंभ के दौरान जरूर जाएं

त्रिवेणी संगम वह स्थान है जहां तीन पवित्र नदियां- जैसे गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती मिलती हैं। इस लिए इस घाट को त्रिवेणी के नाम से जाना जाता है। महाकुंभ के दौरान इस घाट पर स्नान खास करने के लिए हजारों भक्त आते हैं, यह घाट सबसे पवित्र घाटों में से एक माना जाता है। ऐसे में घाट में स्नान करने के बाद लोग, आस-पास कहीं घूमने का प्लान बनाते हैं। भीड़ अधिक होने की वजह से उन्हें आस-पास की जगहों के बारे में जानकारी नहीं मिल पाती, लेकिन आप परेशान न हो। आज के इस आर्टिकल में हम आपको त्रिवेणी संगम के आस-पास स्थित कुछ फेमस जगहों के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे।
शहीद चन्द्रशेखर आजाद पार्क
अगर आप त्रिवेणी संगम पर स्नान करने के बाद कहीं आराम के पल बिताना चाहते हैं, तो शहीद चन्द्रशेखर आजाद पार्क जा सकते हैं। इस पार्क को लोग कंपनी पार्क के नाम से भी जानते हैं। इसलिए अगर पार्क के बारे में किसी से रास्ता पूछ रहे हैं, तो कंपनी पार्क का नाम ले सकते हैं। यह प्रयागराज के सबसे बड़े पार्क में से एक है। बगीचे के एक हिस्से में शहीद चन्द्रशेखर आज़ाद की एक बड़ी मूर्ति है। लोग इस मूर्ति के साथ तस्वीरें भी करवाते हैं। इस पार्क में आपको एक छोटी झील में भी मिलेगी। इसमे लोग बोटिंग भी करते हैं, आप भी यहां बोटिंग का मजा उठा सकते हैं।
- त्रिवेणी संगम से शहीद चन्द्रशेखर आजाद पार्क की दूरी- 13.5 किमी है, यहां पहुंचने में आपको लगभग 30 से 40 मिनट का समय लग सकता है।
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आलोक शंकर देवी शक्तिपीठ मंदिर
यह मंदिर भी त्रिवेणी संगम घाट से ज्यादा दूर नहीं है। इसलिए घाट के आस-पास घूमने वाले लोग यहां जा सकते हैं। यह मंदिर बेहद खूबसूरत और मध्यम आकार का है। मंदिर परिसर के अंदर नवदुर्गा यानी शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री की सुंदर मूर्तियां आप देख सकते हैं। मंदिर के पीछे खिलौने, चूड़ियां और अन्य सामान बेचने वाली छोटी दुकानें हैं, बच्चों को यह जगह पसंद आएगी।
- त्रिवेणी संगम से आलोक शंकर देवी मंदिर की दूरी- 5.8 किमी है, यहां पहुंचने में आपको लगभग 10 से 15 मिनट का समय लग सकता है।
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इलाहाबाद किला
त्रिवेणी संगम पर स्नान करने आए लोग इलाहाबाद किला देखने जरूर जाते हैं। यह प्रयागराज के सबसे सुंदर किलों में से एक माना जाता है। इलाहाबाद किला 1583 में मुगल सम्राट अकबर के शासनकाल में बनाया गया था। इसे अकबर के सबसे शक्तिशाली किलों में से एक माना जाता है। इसलिए यह उसके लिए सबसे खास था। यह किला दुनिया भर से हजारों इतिहास प्रेमियों को आकर्षित करता है। प्रयागराज में घूमते हुए ध्यान रखने योग्य बातें, आपके ट्रिप को यादगार बना देगी।
- त्रिवेणी संगम से इलाहाबाद किला की दूरी- 7.6 किमी है, यहां पहुंचने में आपको लगभग 15 से 20 मिनट का समय लग सकता है।
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