Gravity Hill या कोई रहस्य? गुजरात की इस अनोखी पहाड़ी पर खुद चलने लगती है कार

भारत में कई ऐसी रहस्यमयी जगहें हैं, जिनके बारे में सुनकर हैरानी होती है। वहीं एक जगह हमारे देश में ऐसी है, जिसकी अनोखी कहानी सुनकर आप हैरान हो जाएंगे। हम एक ऐसी सड़क की बात कर रहे हैं, जहां गाड़ी को बंद करके न्यूट्रल गियर में छोड़ दिया जाए, तो वह अपने आप पहाड़ी पर ऊपर की ओर चढ़ने लगती है। जी हां, सुनने में यह किसी चमत्कार जैसा लगता है, लेकिन गुजरात में एक ऐसी जगह है जो सालों से पर्यटकों के बीच इसी अनोखी खासियत के लिए चर्चा में बनी हुई है। यहां आने वाले पर्यटक दावा करते हैं कि सड़क के एक खास हिस्से पर गाड़ियां बिना इंजन स्टार्ट किए ही ढलान के बजाय ऊंचाई की तरफ बढ़ने लगती हैं।
गुजरात की अनोखी जगह
बंद इंजन में गाड़ी का ऊपर चढ़ना भले ही अजीब लगे, लेकिन गुजरात के गिर सोमनाथ जिले में स्थित तुलसी श्याम के पास यह नजारा आम है। जी हां, गुजरात पर्यटन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, मंदिर के पास बनी एक छोटी सड़क पर जब लोग अपनी कार या बाइक को न्यूट्रल गियर में खड़ा करते हैं, तो वाहन धीरे-धीरे ऊपर की ओर खिंचने लगता है। पहली नजर में यह दृश्य किसी सपने जैसा लगता है।

तुलसीश्याम की रहस्यमयी पहाड़ी का अनोखा नजारा
गुजरात का प्रसिद्ध तुलसीश्याम धाम भगवान कृष्ण के प्राचीन मंदिर और प्राकृतिक गर्म पानी के कुंडों के लिए जाना जाता है। मंदिर से कुछ ही दूरी पर स्थित सड़क का एक खास हिस्सा पर्यटकों के बीच हमेशा चर्चा में रहता है। इस सड़क पर लगभग 150 से 200 मीटर का एक ऐसा ढलानदार क्षेत्र है, जहां जैसे ही चालक अपनी गाड़ी को न्यूट्रल करके और इंजन बंद करके खड़ा करता है, गाड़ी नीचे की तरफ लुढ़कने के बजाय अपने आप चढ़ाई की ओर बढ़ने लगती है, लेकिन इसकी असल वजह आखिर है क्या? आइए जानते हैं इसके पीछे का पौराणिक और वैज्ञानिक कारण -
क्या है इसके पीछे का पौराणिक और स्थानीय विश्वास?
स्थानीय निवासियों और तीर्थयात्रियों के बीच इस घटना को लेकर कई तरह की पौराणिक मान्यताएं प्रचलित हैं। कुछ लोगों का मानना है कि यह क्षेत्र भगवान कृष्ण की अलौकिक शक्ति और कृपा से जुड़ा हुआ है। पुराने लोगों का कहना है कि यह तुलसीश्याम धाम की पवित्र भूमि का चमत्कार है, जो श्रद्धालुओं को अपनी तरफ आकर्षित करता है। हर साल हजारों की संख्या में पर्यटक इस खास दृश्य को देखने के लिए यहां आते हैं।
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चुंबकीय खिंचाव या ऑप्टिकल इल्यूजन: क्या कहता है विज्ञान?
वैज्ञानिकों के अनुसार, इस स्थान पर कोई चुंबकीय शक्ति नहीं है। यह एक 'ऑप्टिकल इल्यूजन' या 'ग्रेविटी हिल' का फिनोमिना है। यह केवल आंखों का एक भ्रम है। आसपास के पहाड़ों और क्षितिज की विशेष बनावट के कारण हमारी आंखों को ढलान चढ़ाई की तरह और चढ़ाई ढलान की तरह दिखाई देती है, जिससे वास्तव में नीचे की तरफ जाती हुई ढलान वाली सड़क भी हमें ऊपर की ओर उठती हुई चढ़ाई जैसी दिखने लगती है।
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कैसे पहुंचें तुलसी श्याम मंदिर?
अगर आप भी इस अनोखी और रहस्यमयी जगह का नजारा अपनी आंखों से देखना चाहती हैं, तो यहां पहुंचने का तरीका बहुत आसान है।
- तुलसी श्याम पहुंचने के लिए सबसे नजदीक आपको दीव एयरपोर्ट पड़ेगा। एयरपोर्ट से आप तुलसी श्याम वाले रोड तक पर्सनल कैब या ऑटो से जा सकती हैं।
- बात करें रेलवे स्टेशन की, तो यहां का सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन जूनागढ़ और सोमनाथ है। ऐसे में आप सोमनाथ या जूनागढ़ का टिकट बुककर यहां तक पहुंच सकती हैं। जूनागढ़ या सोमनाथ स्टेशन से आपको बस या प्राइवेट कैब आसानी से मिल जाएगी।

अगर आप भी मानसून या सर्दियों में गुजरात घूमने का प्लान बना रही हैं, तो इस रहस्यमयी जगह पर जाना बिल्कुल न भूलें। यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहे हर जिंदगी से।
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