Sat Sep 12, 2026 | Updated 03:25 AM IST

धनतेरस के दिन इस महालक्ष्मी मंदिर में दर्शन मात्र से होती है धन की बारिश

भारत में एक ऐसा महालक्ष्मी मंदिर है जहां धनतेरस और दिवाली के शुभ मौके पर दर्शन मात्र से सभी मुरादें पूरी हो जाती हैं।     
Updated:- 2022-10-12, 15:03 IST
mahalakshmi temple kolhapur history

'मां लक्ष्मी यानी धन की देवी'। सनातन काल से हिन्दू धर्म में मां लक्ष्मी सबसे पूजनीय देवी में से एक हैं। करोड़ों भक्त हर रोज मां लक्ष्मी की पूजा-पाठ करते हैं। खासकर धनतेरस और दिवाली के शुभ मौके पर पूजा-पाठ करने से घर में लक्ष्मी यानी धन की प्राप्ति होती है।

इस साल 23 अक्टूबर को धनतेरस और 24 अक्टूबर को दिवाली है। इस ख़ुशी के मौके पर कई लोग फेमस और पवित्र लक्ष्मी मंदिरों में मां लक्ष्मी का दर्शन करने के लिए पहुंचते रहते हैं।

इस लेख में हम आपको उस महालक्ष्मी मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं जहां कोई भी भक्त दर्शन के लिए पहुंचता है तो उसके पास धन की कमी नहीं होती है। आइए जानते हैं।

महालक्ष्मी मंदिर, महाराष्ट्र

mahalakshmi temple

जी हां, जिस मंदिर के बारे में हम आपसे जिक्र कर रहे हैं उस मंदिर का नाम महालक्ष्मी मंदिर है और यह महाराष्ट्र के कोल्हापुर में है। अन्य दिन तो भीड़ होती ही है इसके अलावा धनतेरस और दिवाली के शुभ मौके पर भी इस मंदिर में भक्तों की बहुत भीड़ होती हैं। कहा जाता है कि दिवाली के कुछ दिन पहले से इस मंदिर को दुल्हन की तरह सजा दिया जाता है।

इसे भी पढ़ें:दिवाली में आप भी इन लक्ष्मी मंदिरों का दर्शन करने पहुंचें, सभी मुरादें हो होंगी पूरी

महालक्ष्मी मंदिर का इतिहास

ahalakshmi temple kolhapur history in hindi

कोल्हापुर में स्थित महालक्ष्मी मंदिर का इतिहास काफी रोचक है। कहा जाता है कि इस मंदिर में स्थापित माता लक्ष्मी जी की प्रतिमा लगभग 7 हज़ार से भी प्राचीन है। इस मंदिर के अंदर माता लक्ष्मी मंदिर के साथ-साथ भगवान सूर्य, दुर्गा माता और विष्णु आदि के अलावा कई देवी-देवताओं की प्रतिमा स्थापित है। कहा जाता है कि यहां स्थापित कुछ मूर्ति 11 शताब्दी की है।(रावण के ससुराल में है कुबेर मंदिर)

महालक्ष्मी मंदिर की पौराणिक कथा

mahalakshmi temple kolhapur

मान्यता है कि महालक्ष्मी जी का मंदिर 108 शक्ति पीठों में एक है। एक अन्य पौराणिक कथा है कि देवी लक्ष्मी इसी स्थान पर निवास करती हैं।

एक अन्य मान्यता है कि एक बार मां लक्ष्मी भगवान विष्णु से नाराज होकर कोल्हालुर में आ गईं थीं। इसके बाद विष्णु से उन्हें मनाने के लिए पहुंचे, लेकिन वो लौटकर नहीं गईं और वो इसी स्थान को उन्होंने अपना निवास स्थल बना लिया।

इसे भी पढ़ें:धनतेरस पर इस धन्वंतरि मंदिर में दर्शन मात्र से होती है धन की बारिश

महालक्ष्मी मंदिर की प्रचलित कथा

mahalakshmi temple kolhapur maharashtra

इस प्रसिद्ध मंदिर की खासियत यह है कि वर्ष में एक बार मंदिर में मौजूद देवी की प्रतिमा पर सूर्य की किरणें सीधे पड़ती हैं। लोगों के बीच यह धारण है कि जो भी भक्त धनतेरस या दिवाली के दिन मां लक्ष्मी की पूजा-पाठ करता है तो उसके पास धन की कमी नहीं होती है। एक अन्य प्रचलित कथा यह है कि जो भी इस मंदिर से मिट्टी लेकर तिजोरी में रखता है उसे धन की प्राप्ति होती रहती है।(करेंसी नोट्स से होती है मंदिर की सजावट)

अगर आपको यह लेख अच्छा लगा हो तो इसे लाइक, शेयर और कमेंट्स ज़रूर करें। इसी तरह के अन्य लेख पढ़ने के लिए जुड़ी रहें आपकी अपनी वेबसाइट हरजिन्दगी के साथ।

Image Credit:(@templepurohit)

Disclaimer

हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।