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उज्जैन के केवल इन शिव मंदिरों में कर लें दर्शन, सावन में कहीं और जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी

सावन के महीने में आप भी भोलेनाथ के आर्शीवाद के लिए इन मंदिरों में दर्शन के लिए जा सकते हैं। माना जाता है कि जो भी यहां सच्चे मन से आता है, बाबा उनकी सभी मुरादें पूरी करते हैं।   
Updated:- 2024-07-24, 18:04 IST
most powerful shiva temples in ujjain

देश भर में सावन का पर्व बड़े ही धूम-धाम से मनाया जा रहा है। लाखों श्रद्धालु जगह-जगह मंदिरों में दर्शन के लिए जा रहे हैं। माना जाता है कि इस महीने में भोलेनाथ को जल अभिषेक करना शुभ होता है। कई लोग सावन के हर सोमवार को भगवान के ऐतिहासिक मंदिर में दर्शन के लिए जाते हैं।

अगर आप भी भोलेनाथ के किसी ऐसे मंदिर में जाना चाहते हैं, जिसे चमत्कारी माना जाता है, तो आप उज्जैन जा सकते हैं। उज्जैन में आपको ऐसे मंदिर मिलेंगे, जहां जाने के बाद आपको एक अलग अहसास होगा। इन मंदिरों से भक्तों का खास रिश्ता है, लोग दूर-दूर से यहां दर्शन के लिए आते हैं।  

महाकालेश्वर मंदिर

MAHAKELSHWAR

उज्जैन के अगर फेमस मंदिरों की बात होती है, तो सबसे पहले महाकालेश्वर मंदिर का नाम आता है। उज्जैन घूमने आने वाले लोग इस मंदिर में दर्शन किए बिना वापस नहीं जाते हैं। बाबा महाकाल उज्जैन में सबसे पवित्र हिन्दू मंदिरों में से एक है। इस मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। यह मंदिर एक विशाल रुद्रसागर झील से घिरा हुआ है। सबसे खास बात यह है कि इस मंदिर में स्थित भोलेनाथ के शिवलिंग का प्रतिदिन श्रृंगार किया जाता है। सावन में यहां आपको दर्शन के लिए लंबी-लंबी लाइनों में लगना पड़ सकता है। यह भगवान शिव के सबसे फेमस मंदिर में से एक है।

  • भस्म आरती का समय- सुबह 4 बजे से 7 बजे तक 
  • दर्शन: सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक
  • शाम - 6:00 बजे से 7:00 बजे तक
  • रात्रि पूजन समय : 8:00 बजे से रात 10:00 बजे तक

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काल भैरव मंदिर

kal bhairav mandir

काल भैरव को भगवान शिव का क्रोधित रूप माना जाता है। सावन में भी यहां भक्तों की बहुत ज्यादा भीड़ दर्शन के लिए उमड़ती है। माना जाता है कि जो भी यहां सावन में सच्चे मन से आता है, उसके सारे पाप धुल जाते हैं। उनके जीवन के सारे पाप मिट जाते हैं और उनकी हर मनोकामना पूरी  होती है। इस मंदिर का इतिहास छह हजार साल पुराना माना जाता है। यहां काल भैरव की प्रतिमा को मदिरा चढ़ाया जाता है। इस मंदिर को चमत्कारी माना जाता है। ऐसा इसलिए, क्योंकि जिस बर्तन में भगवान को मदिरा चढ़ाई जाती है, वह गायब हो जाता है। यह कैसे होता है, इसके बारे में अभी तक किसी को भी पता नहीं चला है।

  • समय- मंदिर सुबह 6 बजे से रात 9 बजे तक खुला रहता है। 

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image credit- shri.mahakaleshwar.ujjain_INSTA

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