दही हांडी उत्सव पर बाल गोपाल को लगाएं गुलकंद पेड़े का भोग, आसान है रेसिपी

दही हांडी और जन्माष्टमी का त्योहार बाल गोपाल को समर्पित है। कल जन्माष्टमी मनाई जा चुकी है। आज हांडी उत्सव है। इस दिन कान्हा जी को लोग तरह-तरह की मिठाइयों का भोग लगाते हैं, लेकिन अगर आप कुछ नया और टेस्टी ट्राई करना चाहती हैं, तो गुलकंद पेड़ा बेस्ट ऑप्शन है।
मावे और गुलकंद के कॉम्बिनेशन से बनने वाला यह पेड़ा न सिर्फ खाने में स्वादिष्ट होता है बल्कि इसका स्वाद आपके पूरे परिवार को भी खूब पसंद आएगा। अच्छी बात यह है कि इसे बनाने में ज्यादा समय भी नहीं लगता और यह झटपट बनकर तैयार हो जाता है। आज हम आपको अपने इस लेख में बता रहे हें कि आप हांडी उत्सव के मौके पर गुलकंद पेड़ा कैसे बना सकती हैं? आइए जानते हैं-
Gulakand Peda Recipe Card
घर पर बाल गोपाल के भोग के लिए गुलकंद पेड़े बनाने की आसान विधि
Ingredients
- मावा/खोया- 250 ग्राम
- पिसी चीनी- 80 से 100 ग्राम
- गुलकंद- 3 बड़े चम्मच
- इलायची पाउडर- आधा छोटा चम्मच
- घी- 1 छोटा चम्मच
- पिस्ता या बादाम- सजाने के लिए
Step
- Step 1:
सबसे पहले एक भारी तले वाली कड़ाही लें। इसमें मावा डालकर धीमी आंच पर भूनना शुरू कर दें। मावे को लगातार चलाती रहें ताकि वह कड़ाही के नीचे चिपके नहीं। इसे ज्यादा तेज आंच पर नहीं चलाना है, वरना मावा जल सकता है और पेड़े का स्वाद भी खराब हो जाएगा।
- Step 2:
जब मावा अच्छी तरह गर्म होकर थोड़ा खुशबूदार हो जाए तो गैस बंद कर दें। अब इसे कुछ देर के लिए ठंडा होने दें। मावा बहुत ज्यादा गर्म नहीं होना चाहिए, क्योंकि इसके बाद इसमें पिसी चीनी मिलानी है।
- Step 3:
मावा जब थोड़ा ठंडा हो जाए तो इसमें पिसी हुई चीनी डाल दें और अच्छी तरह मिला लें। ध्यान रखें कि चीनी डालने के बाद मिश्रण को बहुत देर तक तेज आंच पर नहीं पकाना है।
- Step 4:
अब इसमें गुलकंद डालें। गुलकंद की मात्रा आप अपने स्वाद के हिसाब से थोड़ी कम या ज्यादा रख सकती हैं। इसके साथ इलायची पाउडर डालकर पूरे मिश्रण को अच्छी तरह से मिला लें। गुलकंद से पेड़े में अच्छी खुशबू और मीठा स्वाद आएगा।
- Step 5:
अगर मिश्रण थोड़ा ज्यादा नरम लग रहा है तो इसे कुछ देर ठंडा होने के लिए रख दें। ठंडा होने के बाद मावा थोड़ा सेट होने लगेगा और आप आसानी से पेड़े बना सकती हैं।
- Step 6:
अब हाथों पर थोड़ा सा घी लगाएं। इसके बाद मिश्रण को थोड़ा सा लेकर हथेली के बीच रखें और गोल करते हुए पेड़े का शेप दें। इसके बाद इसे थोड़ा सा दबा दें। इसी तरह बाकी मिश्रण से भी पेड़े तैयार कर लें।
- Step 7:
अब हर पेड़े के बीच में अंगूठे या उंगली से छोटा सा गड्ढा बना सकती हैं और उसमें थोड़ा सा गुलकंद अलग से भी रख सकती हैं। इससे पेड़ा देखने में भी सुंदर लगेगा और काटने पर अंदर से गुलकंद का स्वाद भी आएगा।
- Step 8:
अब ऊपर से कटे हुए पिस्ता या बादाम लगा दें। आप चाहें तो हर पेड़े पर गुलकंद की बहुत थोड़ी सी मात्रा भी रख सकती हैं। अब आपके गुलकंद पेड़े बाल गोपाल को भोग लगाने के लिए तैयार हैं।
कैसे लगाएं भोग?
दही हांडी उत्सव के दिन गुलकंद पेड़े को साफ प्लेट या भोग की थाली में रखकर बाल गोपाल को अर्पित कर सकती हैं। भोग लगाने के बाद इसे प्रसाद के तौर पर परिवार के लोगों में बांट दें।
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Image Credit- Pinterest/Kuch Pak Raha Hai | Vegetarian & Vegan Recipes
गुलकंद पेड़े बनाते समय ध्यान रखें
अगर आप घर पर गुलकंद का पेड़ा बना रही हैं, तो कुछ बातों का ध्यान रखें। जैसे-
- मावा भूनते समय गैस धीमी रखें।
- मावे को कड़ाही में लगातार चलाती रहें।
- चीनी डालने से पहले मावे को थोड़ा ठंडा होने दें।
- गुलकंद बहुत ज्यादा डालने से मिश्रण ज्यादा नरम हो जाएगा।
- पेड़े बनाने से पहले मिश्रण को थोड़ा ठंडा होने दें।
- पेड़े बनाने से पहले हाथों पर थोड़ा घी लगा लें।
- पेड़े तैयार करने के बाद इन्हें कुछ देर सेट होने दें।
गुलकंद पेड़े कितने समय तक रखें?
गुलकंद और मावे से बने पेड़ों को बनाकर बहुत लंबे समय तक बाहर न रखें। इन्हें साफ और ढके हुए डिब्बे में रखकर फ्रिज में रखा जा सकता है। खाने या प्रसाद में देने से पहले इन्हें कुछ देर बाहर रख दें, ताकि इनका स्वाद और टेक्सचर अच्छा हो जाए।
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Cover Image Credit- AI
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