Durgiana Temple: पंजाब में प्रसिद्ध है दुर्गियाना मंदिर, अष्टमी और नवमी के दिन मांगी हर मुराद होती है पूरी

Durgiana Temple In Amritsar Mythology: देश भर में नवरात्रि का पावन दिन चल रहा है। इस खास मौके पर देश के अलग-अलग हिस्सों में रामलीला से लेकर गरबा डांस लोगों को खूब आकर्षित कर रही है।
नवरात्रि के पावन दिनों में मां दुर्गा के मंदिरों का दर्शन करना और पूजा-पाठ करना काफी शुभ माना जाता है। इसलिए मां दुर्गा के भक्त वैष्णो देवी मंदिर, कामाख्या देवी मंदिर या पटन देवी मंदिर का दर्शन करने पहुंचते रहते हैं।
पंजाब के अमृतसर में मौजूद दुर्गियाना भी एक ऐसा मंदिर है, जो पूरे राज्य का एक प्रसिद्ध और पवित्र मंदिर माना जाता है। नवरात्रि के दिनों में यहां हर दिन हजारों भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
इस आर्टिकल में हम आपको दुर्गियाना मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं। नवरात्रि के खास के मौके पर आप भी अपनी फरियाद लेकर दुर्गियाना मंदिर के दरबार में पहुंच सकते हैं।
दुर्गियाना मंदिर कहां है? (Where is Durgiana Temple In Amritsar)

दुर्गियाना मंदिर की खासियत जानने से पहले आपको यह बता दें कि यह मंदिर अमृतसर शहर में लोहगढ़ के पास मौजूद है। यह अमृतसर के साथ-साथ पूरे पंजाब का एक बहुत ही लोकप्रिय मंदिर है।
दुर्गियाना मंदिर को कई लोग लक्ष्मीनारायण मंदिर, दुर्गा तीर्थ और शीतला मंदिर के नाम से भी जानते हैं। कहा जाता है कि इस मंदिर का नाम दुर्गियाना मंदिर इसलिए रखा गया है, क्योंकि यह मां दुर्गा को समर्पित है।
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दुर्गियाना मंदिर का इतिहास (Durgiana Temple History)

दुर्गियाना मंदिर काफी पुराना माना जाता है। इस मंदिर के बारे में कहा जाता है कि इसका निर्माण 16वीं शताब्दी में किया था। 16वीं शताब्दी में निर्मित इस मंदिर का पुनर्निर्माण 20वीं शताब्दी में भी किया गया था।
दुर्गियाना मंदिर को लेकर कई लोगों का मानना है कि गुरु हरसाई मल कपूर द्वारा एकत्रित किए गए धन से इस पवित्र मंदिर का निर्माण किया गया था। इसके अलावा, कई लोगों यह भी मानते हैं कि गंगा दशमी के साथ इस मंदिर की नींव रखी गई थी।
दुर्गियाना मंदिर क्यों प्रसिद्ध है? (Why Durgiana Temple Is So Famous)

दुर्गियाना मंदिर, सिर्फ अमृतसर ही नहीं, बल्कि पूरे पंजाब के लिए सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत केंद्र माना जाता है। इसलिए यहां हर दिन हजारों पर्यटक भी घूमने के लिए पहुंचते हैं। इस मंदिर का निर्माण झील के बिल्कुल बीचों बीच करवाया गया है।
दुर्गियाना मंदिर की वास्तुकला भी भक्तों को खूब आकर्षित करती है। दुर्गियाना मंदिर की खास बात इसका स्वरूप है, जो स्वर्ण मंदिर की तर्ज पर बनाया गया है। इसलिए भी यह मंदिर सैलानियों को खूब आकर्षित करता है। चांदी की नक्काशी के कारण इसे रजत या सिल्वर मंदिर भी कहते हैं।
भक्तों की भीड़ लगती हैं नवरात्रि में (Durgiana Temple In Navratri)
दुर्गियाना मंदिर में सिर्फ आम दिनों में ही नहीं, बल्कि नवरात्रि में भी खूब भीड़ लगती है। इस खास मौके पर राज्य के हर कोने से भक्त मां का दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं। नवरात्रि के मौके पर इस मंदिर को लाइट्स और फूलों से सजा दिया जाता है।
दुर्गियाना मंदिर के बारे में कहा जाता है कि अष्टमी, नवमी और दशमी के दिन यहां जो भी सच्चे मन से दर्शन के लिए पहुंचता है, उसकी सभी मुरादें पूरी हो जाती हैं। इस खास मौके पर दुर्गियाना मंदिर में हर उम्र के लोग पहुंचते हैं।
दुर्गियाना मंदिर कैसे पहुंचें? (How To Reach Durgiana Temple)

दुर्गियाना मंदिर पहुंचना बहुत ही आसान है। इसके लिए आप देश के किसी भी कोने से अमृतसर पहुंचकर मंदिर का दर्शन करने पहुंच सकते हैं। यह मंदिर रेलवे स्टेशन से कुछ ही दूरी पर मौजूद है। इसके अलावा, यह मंदिर अमृतसर बस स्टैंड से लगभग 1.5 किलोमीटर की दूरी पर है।
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