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आंध्र प्रदेश का वो मंदिर, जहां 20 साल में नंदी की मूर्ति का बढ़ता है आकार

आंध्र प्रदेश के नंद्याल जिले में एक ऐसा मंदिर है, जो अपने अनोखे रहस्य के लिए जाना जाता है। इस मंदिर में स्थापित नंदी जी की विशाल मूर्ति का आकार अपने आप बढ़ता है।
Updated:- 2026-08-26, 17:04 IST
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भारत देश आज भी अपने रहस्यमयी मंदिरों के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। देश में एक नहीं बल्कि ऐसे कई प्राचीन और अद्भुत मंदिर मौजूद हैं, जिनके रहस्यों के बारे में जानकर लोग हैरान रह जाते हैं। ऐसा ही एक अनोखा और चमत्कारी मंदिर आंध्र प्रदेश के नंद्याल जिले में स्थित है। इस मंदिर का नाम यागंती उमा माहेश्वर मंदिर है। इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यहां मौजूद नंदी जी की विशाल प्रतिमा है।

नंदी की विशाल प्रतिमा का रहस्य

पौराणिक मान्यताओं और स्थानीय लोगों के अनुसार, इस मंदिर में नंदी की जो विशाल प्रतिमा है, उसका आकार समय के साथ बढ़ता जा रहा है। आइए जानते हैं इस अनोखे रहस्य के बारे में।

यागंती उमा माहेश्वर मंदिर का इतिहास और पौराणिक कथाएं

यागंती उमा माहेश्वर मंदिर भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है। इस मंदिर का निर्माण 15वीं शताब्दी में विजयनगर साम्राज्य के राजाओं द्वारा करवाया गया था। इस मंदिर में एक ही पत्थर से तराशी गई उमा माहेश्वर और अर्धनारीश्वर रूप की मूर्ति मौजूद है, जो बाकी शिवलिंगों से काफी अलग है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, महर्षि अगस्त्य ने इस स्थान पर भगवान शिव की कठिन तपस्या की थी। तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव और माता पार्वती ने उन्हें इसी रूप में दर्शन दिए थे। इसके बाद ही यहां इस अद्भुत प्रतिमा की स्थापना की गई थी। 

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(Image credit/magnific)

बढ़ते नंदी की मूर्ति का रहस्य

येरामाला की सुंदर पहाड़ियों के बीच बसे इस शिव मंदिर में मौजूद नंदी की मूर्ति मुख्य आकर्षण का केंद्र है। इस प्रसिद्ध मूर्ति को देखने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं। कहा जाता है कि जब यह मंदिर बनाया गया था, तब नंदी की मूर्ति काफी छोटी थी।

स्थानीय परंपराओं और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के अध्ययनों के अनुसार, नंदी की मूर्ति का आकार हर 20 साल में लगभग 1 इंच बढ़ जाता है। यही कारण है कि जो मूर्ति निर्माण के समय छोटी थी, वह अब आकार में काफी बड़ी हो चुकी है। वैज्ञानिकों की मानें तो जिस चट्टान से नंदी की मूर्ति बनाई गई है, उसमें खास तरह के प्राकृतिक खनिज मौजूद हैं, जो समय के साथ धीरे-धीरे फैलते हैं।

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यागंती मंदिर की अन्य अनोखी बातें

इस मंदिर परिसर में नंदी की मूर्ति के अलावा और भी कई अनोखी बातें हैं -

  • इस मंदिर परिसर में एक भी कौवा देखने को नहीं मिलता है।
  • मंदिर में एक पवित्र जलकुंड मौजूद है, जिसमें नंदी के मुंह से लगातार ताजा और मीठा पानी बहता रहता है।
  • पहाड़ियों के नीचे से आने वाला यह पानी पूरे साल कभी नहीं सूखता है।

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(Image credit: pinterest/Sprsksndan)

यागंती मंदिर कैसे पहुंचे?

अगर आप भी इस अद्भुत मंदिर के दर्शन करना चाहती हैं, तो इन आसान तरीकों से वहां पहुंच सकती हैं -

  • यागंती मंदिर आंध्र प्रदेश के नंद्याल जिले में स्थित है।
  • यहां के नजदीकी हवाई अड्डे कुरनूल और हैदराबाद का राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा हैं।
  • सबसे पास के रेलवे स्टेशन नंद्याल और कुरनूल सिटी हैं।
  • रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट से आपको मंदिर तक जाने के लिए टैक्सी या बस आसानी से मिल जाएगी।

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आंध्र प्रदेश का यागंती उमा माहेश्वर मंदिर अपने अनोखे रहस्यों के लिए जाना जाता है। इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यहां मौजूद नंदी की मूर्ति है, जो हर 20 साल में बढ़ती है। आप भी यागंती मंदिर की यात्रा करके एक अनोखा और यादगार अनुभव प्राप्त कर सकती हैं।

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