कैंची धाम जाने वाले श्रद्धालु नैनीताल के हनुमान गढ़ी मंदिर के बारे में भी जान लें, क्या है इनके बीच कनेक्शन

हनुमान गढ़ी मंदिर नैनीताल शहर से लगभग 3.5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। ये मंदिर धार्मिक आस्था का केंद्र होने के साथ ही अपने सूर्यास्त के दृश्य के लिए प्रसिद्ध है। इसका खास कनेक्‍शन कैंची धाम से होने की वजह से भी देशभर से श्रद्धालु यहां दर्शन और पूजा करने पहुंचते हैं।
Updated:- 2026-11-02, 12:35 IST
image

Hanuman Garhi Temple: जय सीताराम, जय सीताराम, जय सीताराम... बोलते-बोलते जब आप कैंची धाम पहुंचते हैं तो मन को अपार शांति महसूस होती है। यहां नीब करौरी महाराज का आशीर्वाद लेने के बाद श्रद्धालुओं में अलग ही जोश नजर आता है, लेकिन आपकी यात्रा यहीं पूरी नहीं होती। महाराज जी के दर्शन करने के बाद आप कैंची धाम के पास ही बने हनुमान गढ़ी मंदिर भी जा सकते हैं। इसकी स्थापना बाबा नीब करौरी महाराज के आदेशानुसार 1950 के आसपास की गई थी। इसीलिए यहां का कैंची धाम मंदिर के साथ नाता बेहद पुराना और खास है। आइए जानते हैं कैसें पहुंचे हनुमान गढ़ी मंदिर, टाइमिंग, क्‍या है इसकी खासियत और बहुत कुछ।

Hanuman Garhi Temple: कहां स्थित है 'हनुमान गढ़ी मंदिर'?

उत्तराखंड के नैनीताल स्थित हनुमान गढ़ी मंदिर समुद्रतल से लगभग 6401 मीटर की ऊंचाई में बना है। हुनमान जी को समर्पित इस मंदिर का निर्माण नीब करौरी जी के आदेशानुसार हुआ था। यहां हनुमान जी के साथ-साथ भगवान श्री राम और भोले नाथ भी विराजमान हैं। साल 1950 में बाबा नीब करौरी महाराज ने यह मंदिर बनवाया था जिसमें हनुमान जी की एक छोटी मूर्ति स्थापना की गई।

साल 1953 में बाबाजी ने इसी मंदिर में हनुमान जी की बड़ी मूर्ति स्थापित की। इसके बाद महाराज जी ने ही 1955 में राम मंदिर और 1956 से 1957 के बीच में शिव मंदिर भी बनवाया। मेन रोड से मंदिर तक पहुंचने के लिए करीब 70 सीढ़ियां हैं। कहा जाता है कि बाबाजी हर रोज इस मंदिर में बालाजी के दर्शन करने आते थे और यहां घंटों तक बैठे रहते थे। यह बहुत ही पवित्र स्थान है। यहां पहुंचकर आप आसपास के पहाड़ों तथा सुंदर गांवों से लेकर हरे भरे खेतों को देख सकते हैं।

 Hanuman Garhi Temple: मंदिर स्‍थापना के पीछे की कहानी

hanuman ji inside 2

Image Credit: nainitaltourism.org.in

नीब करौरी महाराज जी ने हनुमान गढ़ी मंदिर की स्‍थापना की थी। इसके पीछे एक कहानी है, स्‍थानीय लोगों के अनुसार, 1950 के दशक से पहले नैनीताल के मनोरा पीक (हनुमानगढ़ी क्षेत्र) की यह पथरीली पहाड़ी एक सुनसान और डरावनी जगह मानी जाती थी। यह एक पुराना श्मशान घाट और बजरी का टीला था, जहां अक्सर भूस्खलन होते रहते थे और लोग यहां जाने से डरते थे।

1950 के आसपास बाबा नीम करौली पहली बार नैनीताल आए। उन्होंने इस स्थान की दिव्य ऊर्जा को पहचाना और यहां मंदिर बनाने का निर्णय लिया। बाबा ने शुरुआत में नीचे सड़क पर बैठकर श्रीराम नाम का जाप शुरू किया, जिससे लोगों का जमावड़ा लगा और लोगों के बीच व्‍याप्‍त डर कम हुआ। इसके बाद भक्तों की सहायता से वहां एक छोटी कुटिया और हनुमान जी की छोटी मूर्ति स्थापित की गई।

Hanuman Garhi Temple: मंदिर खुलने का समय

मंदिर साल के लगभग हर समय सजा रहता है। श्रीराम नवमी और नवरात्र के दौरान मंदिर में खास सजावट और एक छोटे मेले का आयोजन होता है।

  • मंदिर खुलने का समय रोजाना सुबह 5:00 बजे– दोपहर 12:00 बजे तक और शाम 4:00 बजे – रात 9:00 बजे तक है।
  • एंट्री फीस और टाइमिंग- मंदिर में जाने के लिए कोई एंट्री फीस नहीं है।

यह भी पढ़ें- Maine Tere Hi Bharose Song Meaning: 'मैंने तेरे ही भरोसे...' हनुमान अंश के वायरल भजन का क्या है ह‍िंदी मतलब?

Hanuman Garhi Temple: हनुमान गढ़ी मंदिर घूमने का सबसे अच्छा समय

नैनीताल घूमने के लिए एक अच्छी जगह है। आप साल में कभी भी आ सकते हैं।यहां सर्दियां काफी ठंडी होती हैं और नवंबर, दिसंबर और जनवरी में बर्फबारी होती है। ऐसे में गर्मियां या अक्‍टूबर से दिसंबर और फरवरी से अप्रैल का समय यहां आने के लिए उपयुक्‍त माना जाता है। अगर आप मॉनसून के दौरान घूमने का प्लान बना रहे हैं तो मौसम विभाग की ओर से जारी लेटेस्‍ट अपडेट जरूर चेक कर लें।

Hanuman Garhi Temple: कैसे पहुंचे हनुमान गढ़ी मंदिर नैनीताल?

hanuman ji inside 3

Image Credit: travelinuttarakhand.in

सड़क मार्ग - अगर आप सड़क मार्ग से नैनीताल जा रहे हैं, तो आपको नजदीकी तल्लीताल बस स्टैंड पहुंचा होगा। ये मंदिर से महज 4 किलोमीटर दूर है। तल्लीताल बस स्टैंड से दिल्‍ली स्थित आनंद विहार बस अड्डा करीब 297 किलोमीटर है।

रेलवे - अगर आप ट्रेन से यात्रा कर रहे हैं तो काठगोदाम सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन है जो लगभग 32.7 किलोमीटर की दूरी पर है। यहां से आप मॉल रोड या हनुमान गढ़ी मंदिर तक पहुंचने के लिए प्राइवेट टैक्सी कैब या बस किराए पर ले सकते हैं।

हवाई मार्ग- अगर आप हवाई यात्रा कर रहे हैं, तो पंतनगर एयरपोर्ट सबसे पास है जो लगभग 67 किलोमीटर की दूरी पर है। आप एयरपोर्ट से कैब किराए पर ले सकते हैं और NH 109 से हनुमान गढ़ी मंदिर तक जा सकते हैं।

यह भी पढ़ें- कैंची धाम ही नहीं, नीम करौली बाबा ने बनवाए थे ये 4 हनुमान मंदिर; जरूर करने जाएं दर्शन

अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हर जिंदगी से।

Image Credit: nainitaltourism.org.in, Shutterstock, travelinuttarakhand.in, nainitaltourism.org.in

FAQ
 हनुमानगढ़ी मंदिर कहां पर स्थित है? इसका निर्माण किसने करवाया था? 
हनुमान गढ़ी उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित है। यह नैनीताल के तल्लीताल बस स्टॉप से लगभग 3.5 किलोमीटर और नैनीताल शहर से करीब 3.5 से 4 किलोमीटर की दूरी पर हल्द्वानी-नैनीताल मार्ग पर पड़ता है। इसका निर्माण नीब करौरी जी ने करवाया था। 
 हनुमान गढ़ी मंदिर जाने का सबसे अच्छा समय कौन सा है?
यहां पहुंचने का सबसे अच्छा समय शाम का वक्त माना जाता है। इस ऊंचाई से पहाड़ों के पीछे छिपते सूरज और सूर्यास्त का बेहद मनमोहक और खूबसूरत नजारा दिखाई देता है। 
हनुमानगढ़ी मंदिर की मुख्य विशेषता क्या है?
इस मंदिर की विशेषता भगवान हनुमान की एक भव्य मूर्ति है, जिसमें वे अपनी छाती फाड़कर अपने हृदय में भगवान श्री राम और माता सीता के दर्शन करा रहे हैं।
Disclaimer

हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।