क्या स्लगिंग ट्रेंड से बंद हो सकते हैं आपके स्किन पोर्स, जानिए इसे फॉलो करने के नियम

सोशल मीडिया पर ब्यूटी और स्किनकेयर ट्रेंड वायरल होते रहते हैं। आजकल स्लगिंग ट्रेंड खूब चर्चा में है। रात को सोने से पहले चेहरे पर पेट्रोलियम जेली या वैसलीन की मोटी परत लगाने की इस प्रक्रिया को कोरियन ब्यूटी रूटीन से काफी बढ़ावा मिला है। इंटरनेट पर इस बात का दावा भी किया जा रहा है, कि इससे सुबह चेहरा शीशे की तरह चमकने लगता है और त्वचा में नमी बनी रहती है। अगर आप भी इस खास ट्रेंड के बारे में जानना चाहती हैं, तो आज इस लेख में हम आपको डर्मटलॉजिस्ट की मदद से बताएंगे,कि आखिर ये ट्रेंड है क्या और इससे जुड़ी जरूरी बातें।
क्या है 'स्लगिंग' और यह कैसे काम करता है?
जयपुर के डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. साहिल मंसूरी ने बताया की स्लगिंग ट्रेंड को स्किनकेयर रूटीन का सबसे आखिरी स्टेप माना जाता है। यह रात के समय इस्तेमाल किया जाता है। इस ट्रेंड को फॉलो कर आप रात में चेहरे को साफ करके मॉइस्चराइजर लगाने के बाद पेट्रोलियम जेली की एक परत लगा सकती हैं।

भारतीय स्किन टोन और मौसम पर स्लगिंग का असर
हर किसी का स्किन टाइप अलग अलग होता है। यही वजह है कि स्लगिंग का असर भी हर किसी पर एक जैसा नहीं होता। अधिकतर लोगों की स्किन ऑयली या कॉम्बिनेशन होती है। यहां का मौसम ज्यादातर समय नमी और गर्मी वाला रहता है। ऐसे में चेहरे पर वैसलीन की मोटी परत लगाने से पोर्स बंद हो सकते हैं।
इससे जिद्दी मुहासे, ब्लैकहेड्स और व्हाइटहेड्स की भी दिक्कत कम होती है। जिन लोगों की स्किन बहुत जयादा रूखी यानी ड्राई है या जो ठंडे इलाकों में रहते हैं, उनके लिए स्लगिंग काफी फायदेमंद साबित हो सकती है। यह फटी और डैमेज स्किन बैरियर को जल्दी रिपेयर करने में मदद करती है।
स्लगिंग करते समय इन बातों का रखें ध्यान
स्लगिंग हर किसी के लिए नहीं है, अगर आप इसे आजमाना चाहती हैं, तो कुछ जरूरी बातों का खास ध्यान रखें -
- अगर आप रात में रेटिनॉल, AHA, BHA या ग्लाइकोलिक एसिड जैसे केमिकल एक्सफोलिएटर्स लगा रही हैं, तो इसके ऊपर पेट्रोलियम जेली लगाने से बचे।
- चेहरा धोने के बाद सबसे पहले हाइड्रेटिंग मॉइस्चराइजर लगाएं, फिर पेट्रोलियम जेली की पतली परत लगाएं।
- रोजाना स्लगिंग करने के बजाय इसे हफ्ते में केवल 1 या 2 बार ही करें। इसे सर्दियों के मौसम में इस्तेमाल करने से फायदा हो सकता है।
निष्कर्ष: स्लगिंग कोई चमत्कारी उपाय नहीं, बल्कि मॉइस्चराइजर या सीरम लगाने के बाद उसपर पेट्रोलियम जेली की मोटी परत लगाना ही स्लगिंग कहलाता है। अगर आपकी त्वचा बहुत ज्यादा ड्राई है, तो सर्दियों में सीमित मात्रा में स्लगिंग करना फायदेमंद हो सकता है। ऑयली और एक्ने-प्रोन स्किन वाले लोगों को इस ट्रेंड का इस्तेमाल कम करना चाहिए। यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहे हर जिंदगी से।
imgae credit: MAGNIFIC
- क्या स्लगिंग से चेहरे की झुर्रियां कम होती हैं?
- स्लगिंग झुर्रियों को पूरी तरह खत्म नहीं करती, लेकिन स्किन को हाइड्रेटेड रखकर बारीक रेखाओं को कम दिखाने में मदद करती है।
- स्लगिंग के लिए पेट्रोलियम जेली के अलावा और क्या इस्तेमाल कर सकते हैं?
- आप प्लांट-बेस्ड वैसलीन, स्क्वेलैन ऑयल या सेरामाइड्स युक्त हैवी मॉइस्चराइजर का उपयोग भी स्लगिंग विकल्प के तौर पर कर सकते हैं।
- क्या सर्दियों में स्लगिंग करना ज्यादा फायदेमंद है?
- जी हां, सर्दियों में ठंडी हवाओं के कारण जब त्वचा बहुत ज्यादा रूखी और खिंची-खिंची हो जाती है, तब स्लगिंग बेहद असरदार साबित होती है।
हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।