duryodhana and lord krishna

मरते समय दुर्योधन ने श्री कृष्ण को दिया था कौन सा संकेत?

दुर्योधन कौरवों और पांडवों का भाई था। हालांकि उसने कभी भी पांडवों को भाई समान नहीं माना और यही कारण था कि पांडवों को अपने अधिकार के लिए कौरवों से महाभारत का युद्ध करना पड़ा।   
Editorial
Updated:- 2023-12-13, 16:19 IST

Duryodhan And Lord Krishna: महाभारत में ऐसे कई रहस्य हैं जो आज भी किसी पहेली से कम नहीं। ऐसा ही एक रहस्य है दुर्योधन की उन तीन उंगलियों का जो उसने मरते समय श्री कृष्ण को दिखाई थीं। क्या है उन उंगलियों के पीछे का महत्व और किस बात का दुर्योधन ने किया था श्री कृष्ण को इशारा, इस अबरे में ज्योतिषाचार्य राधाकांत वत्स से आइये जानते हैं। 

दुर्योधन ने क्यों दिखाईं श्री कृष्ण को तीन उंगलियां?

दुर्योधन कौरवों और पांडवों का भाई था। हालांकि उसने कभी भी पांडवों को भाई समान नहीं माना और यही कारण था कि पांडवों को अपने अधिकार के लिए कौरवों से महाभारत का युद्ध करना पड़ा। 

duryodhan ne bhagwan krishna ko kya sanket diya

महाभारत में उल्लेख मिलता है कि जब दुर्योधन और भीम का युद्ध हुआ था। तब भीम ने श्री कृष्ण (श्री कृष्ण के जिंदा सबूत) के कहने पर दुर्योधन की जांघ पर गदा से प्रहार करकर के उसे मृत्यु के द्वार पहुंचाया था।    

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मरते समय दुर्योधन ने श्री कृष्ण की ओर देखा और उन्हें अपनी उंगलियां दिखाईं। महाभारत में उल्लेख मिलता है कि दुर्योधन अपनी तीन उंगलियों को दिखाकर अपनी तीन गलितयों के बारे में बता रहा था। असल में यह वो गलतियां थीं जो अगर दुर्योधन ने नहीं की होती तो वह युद्ध जीत जाता और कौरवों को सारा राजपाट मिल जाता।

हालांकि भगवान श्री कृष्ण ने तब भी दुर्योधन द्वारा कही गई बात को गलत बताया था। दुर्योधन ने कहा था कि उसकी पहली गलती यह थी कि उसने नारायणी सेना को चुना इस युद्ध के लिए जबकि उसे अर्जुन (अर्जुन के भयंकर अस्त्रों के नाम) की भांति श्री कृष्ण को चुनना चाहिए था। इस पर श्री कृष्ण ने कहा कि वह अधर्म का साथ नहीं देते।

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दुर्योधन ने दूसरी गलती बताई कि जूए में जितने के बाद उसे पांडवों को वनवास भेजने के बजाय मृत्यु के घाट उतार देना चाहिए था। इस पर श्री कृष्ण ने उसे यह उत्तर दिया कि उनके होते हुए पांडवों को कभी कुछ नहीं होता। 

duryodhan ne shri krishna ko kya sanket diya

दुर्योधन ने तीसरी गलती अपनी यह बताई कि पापों के साथ अगर उसने पुण्य किये होते तो वह आज जीवित होता। इस पर श्री कृष्ण ने कहा कि अगर पुण्य पाप साथ-साथ किये जाएं तब भी पापों का फल मिलता ही है। 

 

आप भी इस लेख में दी गई जानकारी के माध्यम से यह जान सकते हैं कि आखिर क्यों दुर्योधन ने श्री कृष्ण को अपनी मृत्यु के समय दिखाई थीं तीन उंगलियां। अगर हमारी स्टोरीज से जुड़े आपके कुछ सवाल हैं, तो वो आप हमें आर्टिकल के नीचे दिए कमेंट बॉक्स में बताएं। हम आप तक सही जानकारी पहुंचाने का प्रयास करते रहेंगे। अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से। 

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