क्या आप भी कर रही हैं ये गलती? पूजा की राख को गलत जगह फेंकने से बढ़ सकता है दुर्भाग्य!

हम अक्सर अपने घर में पूजा-पाठ करते समय दीपक, अगरबत्ती, धूप या हवन सामग्री की बची हुई राख को बेकार समझकर कूड़े में फेंक देते हैं। यही नहीं कई बार हमारा ध्यान इस बात की तरफ भी नहीं जाता है कि इस राख को किसी भी अशुध्द स्थान पर न फेंकें। शास्त्रों के अनुसार आपकी यह आदत बहुत अशुभ मानी जाती है और ये आपके घर में आने वाले दुर्भाग्य का कारण भी बन सकती है। ऐसा माना जाता है कि पूजा की राख में दिव्य ऊर्जा और सकारात्मक शक्ति दोनों मौजूद होते हैं, इसी वजह से उन्हें गलत स्थान अपर फेंकने से घर की समृद्धि, सौभाग्य और शांति पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। आइए ज्योतिर्विद पंडित रमेश भोजराज द्विवेदी से जानते हैं, पूजा की राख को लेकर क्या कहते हैं शास्त्र और कौन-सी गलतियों से आपको बचना चाहिए।
पूजा की राख का ज्योतिष में महत्व
पूजा के दौरान जलने वाली अगरबत्ती, धूप या दीपक केवल सुगंध या प्रकाश के लिए नहीं होते हैं बल्कि इन्हें देवताओं का आह्वान और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने का माध्यम भी माना जाता है। जब यह पूर्ण रूप से जल जाते हैं, तो उनकी राख बनती है जिसे भी बहुत पवित्र सामग्री माना जाता है। मान्यता है कि इस राख में उस समय किए गए मंत्र, ध्यान और भक्ति की ऊर्जा समाहित रहती है। इसलिए इसे सामान्य कचरे की तरह फेंकना उचित नहीं माना जाता है।
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पूजा की राख को गलत जगह फेंकना अशुभ क्यों है?
कई बार लोग पूजा के बाद बची राख को घर के बाहर, कूड़ेदान में या किसी अन्य स्थान पर फेंक देते हैं। शास्त्रों के अनुसार ऐसा करने से घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है और घर की सकारात्मक ऊर्जा दूर हो सकती है। यही नहीं ऐसा भी माना जाता है कि राख को अपवित्र जगह फेंकने से देवी-देवताओं का अपमान होता है और आपके बनते काम भी बिगड़ सकते हैं। इसके परिणामस्वरूप आपके घर में अचानक से मानसिक तनाव और धन हानि भी हो सकती है।

पूजा की राख को कहां फेंकना चाहिए?
पूजा की राख को कूड़े में फेंकने के बजाय इसका निस्तारण बहुत अच्छी तरह से करना चाहिए। इसे कुछ विशेष स्थानों पर ही सम्मानपूर्वक फेंकने की सलाह दी जाती है।
किसी पवित्र नदी में करें विसर्जन
यदि संभव हो, तो आप पूजा की सामग्री की राख को इकठ्ठा करें और महीने में एक बार किसी बहते हुए जल जैसे नदी या पोखर के साफ़ पानी में विसर्जित करें। यह सबसे उचित तरीका माना जाता है। यदि राख का जल में विसर्जन संभव न हो, तो इसे एक साफ कपड़े में इकट्ठा करके घर के बाहर किसी शांत और पवित्र स्थान पर गाड़ दें। यह तरीका भी शास्त्र सम्मत माना जाता है।
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घर के बगीचे में डालें पूजा की राख
अगर आपके घर में बगीचा है तो आप इस राख को उसमें दबाएं या फिर आप एक खाली गमले में इसे इकट्ठा करके रखें और समय मिलने पर इसे घर के बाहर या मंदिर के पास किसी बड़े पेड़ जैसे पीपल या बरगद के पास डालें।
पूजा की बची हुई राख के साथ न करें ये गलतियां
- आप पूजा की बची हुई राख को भूलकर भी कूड़े या कचरे वाले स्थान पर न डालें। यह आपकी सबसे बड़ी गलती हो सकती है और दुर्भाग्य का कारण बन सकती है। पूजा की सामग्री की ऊर्जा कचरे की अपवित्रता से जुड़कर नकारात्मक प्रभाव उत्पन्न कर सकती है।
- कभी भी पूजा की बची हुई राख को घर के मुख्य द्वार पर नहीं डालना चाहिए। मान्यता है कि इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा का आगमन हो सकता है और देवताओं का अपमान होता है।
अगर आप भी पूजा की बची हुई राख से यहां बताई कोई भी गलती करती हैं तो अपनी इस आदत को आज ही बदल लें जिससे घर में समृद्दि बनी रहे।
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