Ahoi Ashtami Upay 2023: अहोई अष्टमी के दिन इन उपायों से भगवान शिव और माता पार्वती की बनी रहेगी कृपा

(ahoi ashtami 2023 remedies) हिंदू धर्म में पूजा-पाठ करने का विशेष विधि-विधान है। वहीं कैलेंडर के अनुसार कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी के दिन अहोई अष्टमी व्रत रखी जाती है। इस साल दिनांक 05 नवंबर को अहोई अष्टमी का व्रत रखा जाएगा। यह व्रत बच्चों की लंबी उम्र और उनकी मंगल कामना के लिए रखा जाता है।
इस दिन खासकर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा अर्चना की जाती है। जिससे व्यक्ति की सभी मनोकामना पूरी हो सकती है। अब ऐसे में इस दिन कुछ ऐसे उपाय हैं, जिन्हें करना बेहद जरूरी माना जाता है। इससे व्यक्ति के ऊपर भगवान शिव औरा माता पार्वती की कृपा बनी रहती है।
आइए इस लेख में ज्योतिषाचार्य पंडित अरविंद त्रिपाठी से विस्तार से जानते हैं कि किन उपायों से लाभ हो सकता है।
भगवान शिव और माता पार्वती की करें पूजा

अहोई अष्टमी के दिन भगवान शिव और माता पार्वती की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन पूजा करने से व्यक्ति को कभी किसी मुसीबत का सामना नहीं करना पड़ता है और उसके जीवन में खुशियों का आगमन होता है। साथ ही सभी मनोकामना भी पूर्ण हो सकती है।
भगवान गणेश की पूजा करें
अहोई अष्टमी के दिन भगवान गणेश (भगवान गणेश मंत्र) की पूजा अवश्य करें। इस दिन माता पार्वती के साथ भगवान गणेश की पूजा करने का विधान है। अहोई अष्टमी से 45 दिनों तक लगातार बप्पा को बेलपत्र चढ़ाएं। ऐसा करने से संतान प्राप्ति में आ रही सभी समस्याएं दूर हो सकती है और शुभ फलों की भी प्राप्ति हो सकती है।
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विवाह के लिए अहोई अष्टमी के दिन उपाय (Vivah ke liye Ahoi Ashtami ke Upay 2023)

अगर किसी व्यक्ति के शादी में किसी भी प्रकार की कोई बाधा उत्पन्न हो रही है, तो अहोई अष्टमी के दिन माता अहोई की पूजा करने के दौरान चांदी की चेन और गुड़ अर्पित करें और पूजा के बाद चेन धारण कर लें। इससे विवाह के अवसर जल्द प्राप्त होंगे।
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संतान प्राप्ति के लिए अहोई अष्टमी के दिन उपाय
संतान प्राप्ति के लिए अहोई अष्टमी के दिन भगवान शिव (भगवान शिव मंत्र) और माता पार्वती की पूजा जरूर करें। इसके साथ ही उन्हें दूध-भात का भोग जरूर लगाएं और पीपल के पेड़ के नीचे पांच घी के दीए जलाएं और पीपल के पेड़ की परिक्रमा करें और अपनी मनोकामना मन में बोलें। ऐसा करने से व्यक्ति को सभी परेशानियों से छुटकारा मिल सकता है और भगवान शिव और माता पार्वती के आशीर्वाद की प्राप्ति हो सकती है।
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- अहोई अष्टमी पर क्या करें?
- अहोई अष्टमी के दिन मां अपने बच्चों के लिये व्रत रखती है। ऐसा करने सें बच्चो पर आने वाली सभी समस्याएं समाप्त हो जाती हैं। वहीं अहोई अष्टमी हर साल कार्तिक माह की अष्टमी तिथी को मनायी जाती है. अहोई अष्टमी में महिलाएं अपने बच्चों के लिये दिन भर निर्जला व्रत रखती हैं और शाम को चन्द्रमा और तारा देखने के बाद व्रत तोड़ती है।
- अहोई अष्टमी पर क्या न करें?
- अहोई अष्टमी के दिन माताएं इस बात का ध्यान रखें कि मिट्टी से जुड़ा कोई काम न करें। इसके साथ बगीचे में भी किसी भी कार्य को इस दिन करने से बचें। ऐसा इसलिए क्योंकि यह आपकी संतान के लिए अशुभ हो सकता है। व्रत के दिन माताएं नुकीली चीजों को हाथ न लगाएं।
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