Mauni Amavasya Puja Muhurat 2025: कब है मौनी अमावस्या? जानें पूजा मुहूर्त और महत्व

हिन्दू धर्म में 12 अमावस्या तिथियां पड़ती हैं। इन्हीं में से एक है माघ माह की अमावस्या जिसे मौनी अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है। मौनी अमावस्या को माघी अमावस्या भी कहते हैं। मान्यता है कि मौनी अमावस्या के दिन पवित्र नदी में स्नान और दान करने से जीवन के दुख दूर होते हैं और घर में खुशहाली बनी रहती है। इसके अलावा, देवी-देवताओं के साथ-साथ ग्रहों की भी कृपा होती है। इस बार की मौनी अमावस्या और भी अधिक खास है क्योंकि यह महाकुंभ के दौरान पड़ रही है और इस दिन शाही स्नान भी किया जाएगा। ऐसे में ज्योतिषाचार्य राधाकांत वत्स के माध्यम से आइये जानते हैं कि इस साल कब पड़ रही है मौनी अमावस्या, क्या है इस दिन पूजा का मुहूर्त और महत्व।
मौनी अमावस्या 2025 कब है?

माघ माह की अमावस्या तिथि का आरंभ 28 जनवरी, दिन बुधवार को शाम 7 बजकर 35 मिनट पर होगा। वहीं, इसका समापन 29 जनवरी, दिन गुरुवार को शाम 6 बजकर 5 मिनट पर होगा। ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, मौनी अमावस्या 29 जनवरी को मनाई जाएगी।
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मौनी अमावस्या 2025 शुभ मुहूर्त
मौनी अमावस्या यानी कि 29 जनवरी के दिन सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है। इस दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त से रात 9 बजकर 22 मिनट तक सिद्धि योग रहेगा। इसके बाद व्यतीपात योग लग जाएगा। इस दिन 5 योगों का निर्माण हो रहा है जो पूजा के लिए शुभ सिद्ध हो सकते हैं।
मौनी अमावस्या के दिन लाभ-उन्नति योग सुबह 7 बजकर 11 मिनट से सुबह 8 बजकर 32 मिनट तक रहेगा।

फिर सुबह 8 बजकर 32 मिनट से 9 बजकर 53 मिनट तक अमृत-सर्वोत्तम योग रहेगा। शुभ-उत्तम योग सुबह 11 बजकर 14 मिनट से दोपहर 12 बजकर 34 मिनट तक है।
इस दिन दोपहर 3 बजकर 16 मिनट से शाम 4 बजकर 37 मिनट तक चर-सामान्य योग है। आखिर में शाम 4 बजकर 37 मिनट से शाम 5 बजकर 58 मिनट तक लाभ-उन्नति योग बन रहा है। स्नान दान के लिए ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 25 मिनट से 6 बजकर 18 मिनट तक रहेगा।
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मौनी अमावस्या 2025 महत्व

सनातन धर्म में मौनी अमावस्या का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन गंगा का जल अमृत के समान माना जाता है। मौनी अमावस्या के दिन गंगा स्नान करने से सभी पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस दिन लोग मौन व्रत भी रखते हैं।
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