यमुनोत्री से गंगोत्री के बीच कितनी दूरी है, पैदल या गाड़ी…जानें कौन सा रास्ता है बेहतर?

चार धामों में से एक यमुनोत्री धाम, उत्तराखंड के गढ़वाल हिमालय में स्थित है। जब से चारधाम यात्रा की शुरुआत हुई है, तब से लाखों लोग अभी तक यमुनोत्री धाम के दर्शन कर चुके हैं। सबसे पहले यमुनोत्री आता है उसके बाद गंगोत्री, केदारनाथ और अंत में बद्रीनाथ। लेकिन चार धाम यात्रा की असली शुरुआत गौरीकुंड से होती है। लेकिन गौरीकुंड यमुनोत्री की यात्रा के लिए नहीं है। अगर आप यमुनोत्री जाना चाहते हैं तो गौरीकुंड नहीं बल्कि आपको उत्तरकाशी जिले के बड़कोट या हनुमान चट्टी तक पहुंचना होगा। यहां से फिर आपको यमुनोत्री का सफर शुरू होता है, फिर आगे जाकर आप गंगोत्री के लिए बढ़ते हैं। आज के इस आर्टिकल में हम आपको यमुनोत्री से गंगोत्री जाने का सही तरीका बताएंगे।
यमुनोत्री का रास्ता कौन सा है?

आप हरिद्वार या रिशिकेश, जिस भी मार्ग से यमुनोत्री के लिए निकलें, ध्यान रखें कि यमुनोत्री का रास्ता धरासू से अलग हो जाता है। धरासू तक दोनों मंदिरों का रास्ता एक है। इसके बाद जो लोग यमुनोत्री जाना चाहते हैं, वह बड़कोट से होकर जानकी चट्टी तक बस से पहुंच सकते हैं। यह पूरा सफर आपका बस से होता है। इसके बाद आप जानकी चट्टी से 6 किलोमीटर पैदल चलकर यमुनोत्री पहुंच जाते हैं। इससे देखा जाए तो अन्य धाम के मुकाबले यहां तक पहुंचना आपके लिए आसान रहता है। यमुनोत्री के लिए आप खच्चर या पालकी भी ले सकते हैं। ध्यान रखें कि यमुनोत्री तक आप गाड़ी से नहीं जा सकते। पैदल चढ़ाई आपको करनी ही होगी, क्योंकि ऐसी सड़क नहीं है, जिसपर गाड़ी चलाई जा सकें। जानकी चट्टी तक पहुंचने के लिए आपको बस, टैक्सी कैब जैसी सभी सुविधाएं मिल जाती है।
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यमुनोत्री से गंगोत्री का रास्ता कौन सा है?

- जब आप यमुनोत्री के दर्शन कर लेते हैं, तो आपको वापस बरकोट पहुंचना होगा। क्योंकिय बरकोट से ही गंगोत्री का रास्ता भी शुरू होता है। यहां पहुंचने के लिए आपको लगभग 100 किमी का सफर तय करना होगा।
- इसके लिए पहले आप जानकी चट्टी आएं। जानकी चट्टी तक आपको पैदल आना होगा। इसके बाद आपको र बरकोट के लिए बस या टैक्सी मिल जाएगी। बरकोट पहुंचने के बाद आप अगले दिन गंगोत्री के लिए निकल सकते हैं। आप चाहें, तो उसी दिन भी यात्रा की शुरुआत कर सकते हैं।
- बरकोट पहुंचने के बाद आपको उत्तरकाशी जाना होगा। बरकोट से उत्तरकाशी के लिए आपको गाड़ी मिल जाएगी।
- इसके बाद उत्तरकाशी से हर्षिल के लिए भी गाड़ी मिल जाएगी। इसकी दूरी लगभग 75 किमी है। यहां से आपकी गंगोत्री के लिए यात्रा शुरू होती है। इस तरह आप यमुनोत्री से गंगोत्री का सफर पूरा कर सकते हैं।
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