अब गोवा को सफर होगा ट्रांसपेरेंट, बड़ों के साथ बच्चों के इंटरटेनमेंट का भी होगा इंतजाम

सफर का मजा तब ही आता है जब सफर सुहाना हो और सफर को सुहाना बनाने के लिए भारत की सरकार बीते कई समय से ढरों प्रयास कर रही है। यह प्रयास सबसे ज्यादा रेलवे में किए जा रहे हैं। जहां पहले केवल बड़े शहरों में ही ट्रेन की सुविधा हुआ करती थी वहीं अब सरकार बड़े शहरों को छोटे कस्बों और गांवों से जोड़ने के लिए नए रेलवे ट्रैक्स बिछा रही है। सफर में असुविधा न हो इसलिए बड़े बड़े त्योहारों पर सरकार द्वारा स्पेशल ट्रेनें भी चलाई जाती हैं। इसके साथ ही सरकार नई नई तकनीकों को भी भारत में इंट्रोड्यूस कर रही है।
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भारत में यात्रियों के सफर को इंट्रेस्टिंग और सुविधाजनक बनाने के लिए डबलडेकर ट्रेन, गतिमान एक्सप्रेस, पैलेस ऑन व्हील जैसी अनोखी सुविधाओं को देने वाली ट्रेने भी हैं। इन सबके बीच सरकार अब यात्रियों को एक और अनोखी ट्रेन का तोहफा देने जा रही है। यह तोहफा है शीशी वाली ट्रेन का। जी हां, टीवी और इंटरनेट पर आपने कई बार शीशे वाली ट्रेने देखी होंगी। इन ट्रेनों की छत और खिड़कियां शीशे की होती हैं। कुछ ऐसे ही डिजाइन वाली ट्रेन अब भारत में भी देखने को मिलेगी।
इस ट्रेन में आप इसी वर्ष 18 सितंबर से बैठ पाएंगी। फिलहाल इस ट्रेन को मुंबई से गोवा के बीच में चलाए जाने की योजना है। सोर्स के मुताबिक मुंबई से गोवा के बीच चलने वाली जन शताब्दी एक्सप्रेस में एक विस्टिाडोम कोच लगाया जाएगा। इस कोच की छत शीशे की होगी और उस छत से आरपार देखा जा सकेगा।
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ट्रेन में क्या है खास
ट्रेन के विस्टिाडोम कोच को आम ट्रेनों के कोच से बेहद अलग तरह से डिजाइन किया गया है। इस कोच में न केवल छत शीशे की है बल्कि इसमें बैठने के लिए रोटेबल सीट्स है, जिसमें बैठकर यात्री 360 डिग्री में किसी भी तरफ घूमकर बाहर के प्राकृतिक नजारों का मजा ले सकते हैं। सफर के दौरान यात्री बोर न हों ट्रेन में इसका भी पूरा इंतजाम किया गया है। इसके लिए ट्रेन में हैंगिंग एलसीडी टीवी लगाए गए हैं जो आपको अपके मनमाफिक चनलों को देखने की आजादी देंगें। इस सुविधा का सबसे ज्यादा फायदा मदर्स को होगा जिनके बच्चे अभी छोटे हैं। दरअसल ट्रेन में सफर के दौरान बच्चों को सबसे ज्यादा दिक्कत होती है क्योंकि वह कम स्पेस में खुद को इंटरटेन नहीं कर पाते हैं। मगर इस ट्रेन में लगे टीवी में आप बच्चों को कार्टून दिखा कर थोड़ा बहल सकती हैं। लगभग 3 करोड़ की लागत से तैयार इस कोच में 40 सीटे ही हैं इसलिए गोवा के सफर में जोने की प्लानिंग होतो थोड़े दिन पहले ही अपनी सीट बुक कर लें।

कब चलेगी ट्रेन
इस ट्रेन मॉनसून में चलाए जाने की बात कहीं जा रही है। जानकारी के अनुसार ट्रेन हफ्ते में 3 दिन चलाई जाएगी, मगर मॉनसून के खत्म होते ही यह ट्रेन हफ्ते में 5 दिन चलाई जाएगी। क्योंकि यह कोच जन शताब्दी एक्सप्रेस में लगेगा इसलिए यह सुबह 5:25 पर दादर से चलेगी और शाम 4 बजे तक गोवा के मडगांव पहुंचाएगी।
कितना होगा किराया
आपको बता दे कि इस कोच में बैठ कर सफर केरने के लिए आपको बहुत ज्यादा किराया नहीं देना होगा। इस कोच में बैठने के लिए आपको जन शताब्दी के एग्जीक्यूटिव क्लास में बैठने जितना किराया ही देना होगा। मगर इस कोच में किसी भी तरह का कोई कनसेशन देने का प्रोविजन नहीं होगा। किसी भी यात्रि को 50 किलोमीटर तक की यात्रा तक का किराया तो देना ही पड़ेगा।
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