Puja Path: पूजा पाठ से पहले क्यों किया जाता है आचमन? जानें इसका गूढ़ महत्व

Puja Path: हिन्दू धर्म में किसी भी पूजा या अनुष्ठान की शुरुआत आचमन के साथ की जाती है। यह वो प्रक्रिया है जिसमें आप जल से अपने आस-पास के वातावरण को पवित्र करती हैं। यह मात्र एक परंपरा नहीं, बल्कि एक गूढ़ आध्यात्मिक प्रक्रिया भी जो साधक के शरीर, मन और वाणी को भी पवित्र बनाती है। पूजा में आचमन विधि को पूजा की पहली सीढ़ी कहा जाता है, क्योंकि इसके बिना कोई भी पूजा अधूरी मानी जाती है। अक्सर लोग इसे केवल एक रस्म समझकर कर ही कर लेते हैं, जबकि इसके पीछे गहन कारण और अनेक लाभ भी छिपे हुए हैं। आइए, ज्योतिषाचार्य डॉ. राधाकांत वत्स से जानते हैं आचमन करने का महत्व क्या है और पूजा-पाठ में ये क्यों जरूरी माना जाता है।
आचमन का महत्व
पूजा से पहले आचमन करना इसलिए आवश्यक माना जाता है क्योंकि इसके बिना पूजा पूर्ण नहीं होती। आचमन के बिना की गई पूजा का कभी भी फल नहीं मिलता। किसी भी पूजा पाठ में शरीर का शुद्धिकरण आवश्यक है और आचमन वो प्रक्रिया है जिसके द्वारा शरीर को पूजा के लिए शुद्ध किया जाता है। स्पष्ट शब्दों में कहें तो पवित्र जल को पीना आचमन कहलाता है।
आचमन की प्रक्रिया

- सर्व प्रथम पूजा की समस्त सामग्री एकत्र कर लें।
- साथ ही तांबे के बर्तन या छोटी सी लुटिया में पवित्र गंगाजल भरकर रख दें।
- लुटिया में छोटी सी आचमनी यानी कि तांबे की छोटी चम्मच भिओ रखें।
- इस पवित्र जल को और भी शुद्ध बनाने के लिए इसमें तुलसी दल अवश्य डालें।
- पूजा शुरू करने से पूर्व भगवान का ध्यान करें।
- ध्यान करते हुए आचमनी से जल निकालकर हथेली पर डालें।
- मंत्रोच्चार के साथ उस पवित्र जल को ग्रहण करें।
- ग्रहण करने की प्रक्रिया को 3 बार करना है।
- ध्यान रहे जल ग्रहण करने के बाद हाथ को माथे और कान से अवश्य लगाएं।
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आचमन के मंत्र

मंत्रोच्चार के बिना शुद्धिकरण संभव नहीं। तो आइये आपको मंत्र भी बता देते हैं।
- ॐ केशवाय नम:
- ॐ नाराणाय नम:
- ॐ माधवाय नम:
- ॐ ह्रषीकेशाय नम:
आचमन के लाभ
- आचमन करने से पूजा पाठ के दौरान भगवान के प्रति मन, वचन और कर्म की शुद्धता बनी रहती है जिसके कारण पूजा पूर्ण रूप से फलित होती है और भगवान भी आपसे जल्दी प्रसन्न होते हैं।
- आचमन की प्रक्रिया के जरिए भगवान तक सूचना पहुंचाई जाती है कि हे प्रभु अब हम आपकी पूजा आरंभ करने जा रहे हैं। आप ऐसी कृपा करें कि हमारी पूजा पूर्ण हो और अपना आशीर्वाद हम पर बनाएं रखें।
तो इस कारण से किया जाता है पूजा से पहले आचमन। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी हो तो इसे फेसबुक पर जरूर शेयर करें और इसी तरह के अन्य लेख पढ़ने के लिए जुड़ी रहें आपकी अपनी वेबसाइट हरजिन्दगी के साथ। आपका इस बारे में क्या ख्याल है? हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।
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- पूजा शुरू करने से पहले क्या करना चाहिए?
- पूजा शुरू करने से पहले, आपको खुद को और पूजा के स्थान को पवित्र करना चाहिए। आप अपने आस-पास जल छिड़ककर आचमन कर सकती है।
- पूजा से पहले आचमन क्यों किया जाता है?
- पूजा, यज्ञ आदि आरंभ करने से पूर्व शुद्धि के लिए मंत्र पढ़ते हुए जल पीना और छिड़कना ही आचमन कहलाता है। शास्त्रों में आचमन ग्रहण करने की कई विधियां बताई गई हैं।
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