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    आखिर क्यों अलग होता है अंतरिम बजट और आम बजट

    आपने कई बार अंतरिम बजट और आम बजट के बारे में सुना होगा लेकिन क्या आपको इन दोनों का मतलब पता है? अगर नहीं तो आज हम आपको इसके बारे में बताएंगे।   
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    Updated at - 2023-01-24,17:18 IST
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    know the differences between interim budget and union budget in hindi

    फाइनेंशियल ईयर 2023-24 का बजट जल्द ही पेश होने वाला है। बजट में सरकार देश के हर नागरिक के लिए कुछ न कुछ जोड़ने की कोशिश करती है। ऐसे में आपको इससे संबंधित कुछ चीजों के बारे में जरूर पता होना चाहिए।

    बजट के साथ दो-तीन शब्द ऐसे जुड़े हुए हैं जो आपको पता होने चाहिए जैसे अंतरिम बजट और आउटकम बजट आदि। आज हम आपको इसके बारे में इस लेख में सरल भाषा में बताएंगे। 

    आखिर क्या होता है अंतरिम बजट? 

    what is interim budget

    अंतरिम बजट उस बजट को कहते हैं, जो पूर्ण बजट नहीं होता और उसे कम वक्त के लिए लाया जाता है। आपको बता दें कि किसी भी सरकार का अंतरिम बजट उसके कार्यकाल के आखिरी साल में पेश किया जाता है। इसमें आमतौर पर सरकार नीतिगत फैसले नहीं लेती है इसलिए यह आम बजट से अलग माना जाता है। आम चुनावों के पहले का जो वक्त होता है उसमें खर्च के लिए संसद की मंजूरी के लिए अंतरिम बजट को पेश किया जाता है। 

    यह भी जानना आपके लिए बेहद जरूरी है कि अंतरिम बजट अनुच्छेद 116 के तहत पेश किया जाता है। इसमें सरकार किसी भी तरह का कोई नया टैक्स भी नहीं लगाती है। सरकार के लिए जरूरी होता है कि नई सरकार के आने तक वो सरकारी खर्चों को चलाने का पूरा इंतजाम करे। (देश का बजट पेश करने से पहले क्यों होती है हलवा सेरेमनी?)

    सरकार को नहीं पता होता कि पूरे साल शासन करने का मौका उसे मिलेगा या नहीं, इसलिए वो कुछ महीनों का बजट ही तैयार करती है। इस बजट को ही अंतरिम बजट कहते हैं। आपको बता दें कि भारत के संविधान में अंतरिम बजट का कोई जिक्र नहीं है। सरकार चाहे तो साल में दो बार भी बजट पेश कर सकती है। भारत के इतिहास में पहली बार अंतरिम बजट मोरारजी देसाई ने साल 1962-63 में सरकार के सामने रखा था।

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    आम बजट के बारे में भी जानें

    सरकार आम बजट को संविधान के अनुच्छेद 112 के तहत संसद में पेश करती है। आम बजट में सरकार पूरे साल भर का वित्तीय लेखा-जोखा पेश करती है। आपको बता दें कि हर फाइनेंशियल ईयर की शुरुआत से पहले सरकार को संसद में केंद्रीय बजट पेश करना जरूरी होता है।

    बजट की छपाई प्रक्रिया शुरू होने से पहले 'हलवा समारोह' का भी आयोजन किया जाता है।(ब्रीफकेस से लेकर टैबलेट तक, कुछ इस तरह बदला बजट का प्रेजेंटेशन) बजट में राजकोषीय घाटे को कैसे कम किया जाएगा, आम आदमी को क्या राहत मिलेगी और महंगाई को कैसे नियंत्रित किया जाएगा। इन सब बातों को लेकर आम जनता हर साल बजट से कई सारी उम्मीदें लगाए रहती है। 

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    फाइनेंशियल ईयर 2023-24 आम जनता के लिए कितनी राहत लेकर आएगा यह भी कुछ दिनों में पता चल जाएगा। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी हो तो इसे फेसबुक पर जरूर शेयर करें और इसी तरह के अन्य लेख पढ़ने के लिए जुड़ी रहें आपकी अपनी वेबसाइट हरजिन्दगी के साथ। इस आर्टिकल के बारे में अपनी राय आप हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।

     

    Image credit- freepik 

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