सिंगल मदर होना इतना भी आसान नहीं है। एकल पैरेंट होने के कारण एक महिला के कंधों पर ना सिर्फ बच्चे को अच्छे संस्कार देने और उसका ख्याल रखने की जिम्मेदारी होती है, बल्कि घर की फाइंनेशियल जिम्मेदारियों को निभाने के लिए वह बाहर जाकर काम भी करती हैं। सिंगल मदर के जिम्मे कई रिस्पान्सिबिलिटीज होती हैं, ऐसे में अक्सर महिला खुद का व अपनी मेंटल हेल्थ का ख्याल नहीं रख पातीं। परिणामस्वरूप, चिड़चिड़ापन, चिंता, डिप्रेशन या मूड स्विंग्स होना आदि स्वास्थ्य समस्याओं का सामना सिंगल मदर को करना पड़ता है। हालांकि, आपकी मेंटल हेल्थ के पीछे सिर्फ आवश्यकता से अधिक जिम्मेदारियां ही नहीं, बल्कि उसकी कुछ बैड हैबिट्स भी वजह होती हैं। तो चलिए आज हम आपको कुछ ऐसी ही बैड हैबिट्स के बारे में बता रहे हैं, जो एक सिंगल मदर की मेंटल हेल्थ पर बुरा असर डालते हैं-

खुद पर ध्यान ना दे पाना

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एक सिंगल मदर की हमेशा यही कोशिश होती है कि वह अपने बच्चे को सब कुछ दें। चूंकि उनके बच्चे के जीवन से उनके पिता का प्यार का हिस्सा उपेक्षित होता है, जिसके कारण अक्सर महिलाओं के मन में एक अपराध बोध पैदा हो सकता है। नतीजतन, वह खुद को उपेक्षित करके अपने बच्चे को सब कुछ देने की कोशिश करती हैं। हालांकि, यह सोच सही नहीं है। बेहतर होगा कि आप अपने बच्चे के साथ-साथ खुद पर भी उतना ही ध्यान दें।

सब कुछ खुद करना

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अमूमन सिंगल मदर सारी जिम्मेदारी अपने कंधों पर ले लेती हैं, जिसके कारण अतिरिक्त तनाव उन्हें परेशान करने लगता है। आप भले ही एक सिंगल मदर है, लेकिन आप अकेली नहीं हैं। यह दुनिया आपके खिलाफ नहीं है, इसलिए अपने माता-पिता, रिश्तेदारों, पड़ोसियों और सिंगल पैरेंट्स सपोर्ट ग्रुप्स की मदद लें जो न केवल आपके बच्चे की परवरिश में मदद कर सकते हैं, बल्कि अकेलेपन की भावना को भी दूर कर सकते हैं।

प्रोफेशनल की मदद ना लेना

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आप एक सिंगल मदर है और आपने भी अपनी जिन्दगी में सबसे प्यारा रिश्ता टूटते हुए देखा है तो इसका असर आपकी मेंटल हेल्थ पर कहीं ना कहीं पड़ा है। अब आपके कंधों पर नन्हीं जान की जिम्मेदारी है तो ऐसे में आप खुद को अतिरिक्त तनाव में महसूस कर सकती हैं। ऐसे में प्रोफेशनल की मदद ना लेना आपकी मेंटल हेल्थ पर असर डाल सकता है। इसलिए बेहतर होगा कि आप प्रोफेशनल की मदद लें। इससे यकीनन आप अपने बच्चे की परवरिश बेहतर तरीके से कर पाएंगी और खुद को तनाव-मुक्त रख पाएंगी।

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रूटीन ना बनाना

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अगर आप एक रूटीन बनाकर काम नहीं करती हैं तो यह आपकी सबसे बैड हैबिट्स में से एक है, जिसे एक सिंगल मदर कर सकती है। इसलिए, सबसे पहले आप एक उचित दिनचर्या बनाएं। जिसमें भोजन करने से लेकर सोने तक, व्यायाम करने और अपने बच्चे के साथ समय बिताने तक, सब कुछ नियमित रूप से करना चाहिए। इससे आप खुद को अधिक स्ट्रेस फ्री रख पाएंगी।

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पैसे का मिसमैनेजमेंट करना

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हो सकता है कि आप अपने दम पर पैसा कमा रही हों या इसमें आपको बच्चे का समर्थन भी मिल रहा हो, लेकिन यदि आप पैसों का मैनेजमेंट करने में नई हैं, तो इसका विपरीत असर अंततः आपकी मेंटल हेल्थ पर पड़ेगा। इसलिए सिंगल मदर के लिए फाइनेंशियल प्लॉन होना बेहद जरूरी है। यह न केवल आपके जीवन को सुचारू करेगा बल्कि बचत करने में भी आपकी मदद करेगा।

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नकारात्मक होना और हरदम शिकायत करना

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यह भी एक ऐसी आदत है, जो अक्सर सिंगल मदर्स में देखी जाती है। दरअसल, आपने जीवन में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं और हो सकता है कि आप अभी भी कई संघर्षों का सामना कर रही हों। ऐसे में नेगेटिव फीलिंग्स आना लाजमी है। अमूमन इस स्थिति में महिलाएं अपने जीवन से शिकायत करने लग जाती है। इस तरह का व्यवहार यह आपके मानसिक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। इसलिए, सिर्फ शिकायत करने के स्थान पर आप इस बात को तवज्जो दें कि आप अपनी समस्याओं से निजात किस तरह पा सकती हैं।

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