महिलाओं को दुर्गा की तरह स्ट्रॉग और बोल्ड होना चाहिए –देबिना बैनर्जी

त्योहार को मनाने के साथ साथ हम हर साल इससे कई यादें जोड़ लेते हैं। पिछले साल ऐसे होली मनाई थी, पिछले साल दिवाली पर ये मिठाई खुद बना कर खाई थी... इसी तरह की यादों को हमारे साथ शेयर किया है अभिनेत्री देबिना बैनर्जी ने।
देबिना ने हमसे ख़ास बातचीत में दुर्गा पूजा से जुड़ी उनकी बचपन की बातों को शेयर किया है और बताया है कि कैसे वो पूरे परिवार के साथ इस त्यौहार को सेलिब्रेट किया करती थीं। दुर्गा पूजा का महत्व उनकी ज़िन्दगी में क्या है और वो इन ख़ास दिनों को कैसे सेलिब्रेट करने वाली हैं... आइये जानते हैं-
Read more: जानिए इस साल दुर्गा पूजा को तनुश्री दत्ता कैसे करेंगी सेलिब्रेट
दुर्गा पूजा कम्यूनिटी फेस्टिवल नहीं होता, यह कोलकाता फेस्टिवल होता है
देबिना ने अपने बचपन को याद करते हुए कहा कि मुझे याद है कि स्ट्रीट फ़ूड खाने के लिए मैं मां से पैसे लेती थी और फिर इतना खा लेती थी कि डिनर स्किप करना पड़ता था। हम बड़ी सी गाड़ी hire करते थे और सभी रिलेटिव्स उसमें बैठकर पूरी रात घूमते थे और शहर के हर पंडाल में मौजूद मां दुर्गा के दर्शन करते थे। कोलकाता में इस त्यौहार की अलग ही धूम है। हर गली में लाइट्स लगी होती है, हर जगह रविन्द्र संगीत बज रहा होता है। यह कम्यूनिटी फेस्टिवल नहीं होता, यह कोलकाता फेस्टिवल होता है।
मेरी ही तरह गुरमीत भी दुर्गा पूजा बहुत एन्जॉय करते हैं
देबिना ने कहा कि पति गुरमीत भी उन्हीं की तरह दुर्गा पूजा को एन्जॉय करते हैं। उन्हें बंगाली मिठाइयाँ बहुत पसंद है और मैं बहुत खुश हूँ कि उन्होंने मेरी चॉइस और इंटरेस्ट को बहुत अच्छी तरह अपना लिया है। वैसे, मुंबई में भी इस त्यौहार को मज़े से मनाया जाता है। इस साल मेरे रिलेटिव्स कोलकाता से मुंबई आ रहे हैं और मैं उन्हें मुंबई की दुर्गा पूजा दिखने वाली हूँ। मुंबई में कुछ बंगाली सेलेब्रिटीज़ भी हैं जो मुंबई एक बंगाली कम्यूनिटी से जुड़े हुए हैं, तो मैं रिलेटिव्स को यह दिखाना चाहती हूँ कि मुंबई में भी इस त्योहार को बड़ी धूम से मनाया जाता है।
Read more: एक्ट्रेस दृष्टि धामी खेल रही हैं सिंदूर की होली, आखिर क्या है ‘सिंदूर खेला’ का महत्व
लड़कियों को दुर्गा की तरह होना चाहिए, Strong, Bold, Vulnerable & yet again a Mother
जब हमने देबिना से उनकी ज़िन्दगी में दुर्गा पूजा का महत्व पूछा तो उन्होंने कहा कि बचपन से ही मुझे सिखाया गया है कि दुर्गा ताकत, नारीत्व, ममता का प्रतीक है। मतलब पूरी तरह से Feminism का एक बेहतरीन उदहारण है। तो, हम जब भी Feminist होने की बात करते हैं तो मुझे लगता है हर लड़की को मां दुर्गा की तरह होना चाहिए, Strong, Bold, Vulnerable & yet again a Mother!
हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।