• + Install App
  • ENG
  • Search
  • Close
    चाहिए कुछ ख़ास?
    Search
author-profile

क्रिकेट की दीवानगी से लेकर फिल्म में एक्टिंग तक, क्या आप जानते हैं लता मंगेशकर के बारे में ये 10 बातें

स्वर कोकिला कही जाने वाली लता मंगेशकर के बारे में ऐसी कई बातें हैं जो उनके फैन्स को नहीं पता होंगी। क्या आप जानते हैं इन्हें? 
author-profile
 facts about lata mangeshkar

'स्वर कोकिला', 'मेलोडी क्वीन', 'प्लेबैक क्वीन' कही जाने वाली लता मंगेशकर अब हमारे बीच नहीं रहीं। उन्हें प्यार से उनके चाहने वाले लता दीदी कहकर पुकारा करते थे। लता मंगेशकर की आवाज़ वो पहचान थी जिसे देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी लोग पहचानते थे। अपने मधुर गानों को तराने के बीच लता मंगेशकर सभी का मन मोह लेती थीं। 6 फरवरी 2022 की सुबह हमारे लिए ये बहुत ही दुखद खबर लाई कि अब वो हमारे बीच नहीं रहीं। 

लता दीदी की खूबसूरत आवाज़ के साथ-साथ उनकी खूबसूरत पर्सनेलिटी भी सभी को पसंद आती थी। लता मंगेशकर गानों के अलावा भी कई चीज़ों की शौकीन थीं, क्या आप जानते हैं वो क्या थी? तो चलिए आज लता दीदी को याद करते हुए उनके बारे में कुछ बातें बताते हैं। 

113 साल की उम्र में इसलिए शुरू किया काम

lata mangeshkar singing

लता मंगेशकर के लिए ये बात प्रसिद्ध थी कि उन्होंने अपना काम 13 साल की उम्र से शुरू किया है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये उन्होंने मजबूरी में किया था। 1942 में हार्ट अटैक के कारण उनके पिता जी की मृत्यु हो गई थी और लता मंगेशकर जो अपने भाई-बहनों में सबसे बड़ी थीं उन्हें मजबूरी में घर में पैसे कमाने के लिए काम करना पड़ा। 

इसे जरूर पढ़ें- इस वजह से नहीं हो पाई थी Lata Mangeshkar की शादी, जानें उनके जीवन से जुड़े 3 बड़े विवाद

 

2ये था लता मंगेशकर का पहला एक्टिंग और सिंगिंग ब्रेक

lata mangeshkar and her career

लता मंगेशकर का पहला ब्रेक उन्हें मराठी फिल्म 'किती हसाल' से मिला था। इस फिल्म में उन्होंने एक गाना गाया था जिसे बाद में ड्रॉप कर दिया गया था। हालांकि, इसी फिल्म में गाना-गाने के बाद उन्हें पहला एक्टिंग ब्रेक मिल गया था। बहुत कम लोगों को पता है कि लता मंगेशकर ने मराठी फिल्म 'पहली मंगलगौर' में एक्टिंग की थी। 

3सफेद रंग बेहद पसंद था

lata mangeshkar hobbies

लता मंगेशकर को सफेद रंग से बहुत लगाव था और शायद इसलिए उनके पहनावे में अधिकतर सफेद साड़ी देखने को मितली थी। सफेद रंग को अलग-अलग ढंग से पहनने वाली लता मंगेशकर हीरे की चूड़ियां भी पसंद करती थीं। 

 

4क्रिकेट से था बहुत लगाव

lata mangeshkar life journey

स्वर कोकीला लता मंगेशकर को क्रिकेट से बेहद लगाव था। हालांकि, वो टेनिस और फुटबॉल देखने का शौक भी रखती थीं, लेकिन क्रिकेट उनका पसंदीदा खेल था। लता दीदी के अंतिम संस्कार में क्रिकेट के मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर और उनकी पत्नी अंजली भी मौजूद थीं। 

 

5लता मंगेशकर के गुरु

lata mangeshkar and friedns

लता जी ने पहले ब्रेक से पहले तो फॉर्मल ट्रेनिंग नहीं ली थी, लेकिन एक बार काम करने के बाद उन्होंने संगीत सीखना भी शुरू कर दिया था। उन्होंने भारतीय क्लासिकल म्यूजिक के बारे में उस्ताद अमानत अली खान से सीखा और पार्टीशन के बाद जब उनके टीचर पाकिस्तान चले गए तो उनकी ट्रेनिंग अमानत खान देवासवाले से हुई। इसके बाद लता मंगेशकर ने पंडित तुलसीदास शर्मा से ट्रेनिंग ली जो उस्ताद बड़े गुलाम अली खान के चेले थे। 

लता मंगेशकर ने म्यूजिक कंपोजर अनिल बिस्वास से भी ये सीखा था कि गानों में कैसे शब्द या वाक्य टूटने नहीं चाहिए। इसके बारे में खुद उनकी पोती तुहीना वोहरा ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक पोस्ट के जरिए बताया था। 

इसे जरूर पढ़ें- लता मंगेशकर के गानों से जुड़े इन 10 दिलचस्प सवालों के जवाब आप भी दीजिए

 

6 लता मंगेशकर का पहला फिल्म फेयर अवार्ड

lata mangeshkar first filmfare

लता मंगेशकर का पहला फिल्म फेयर अवार्ड था फिल्म 'मधुमति' के लिए जो 1958 में रिलीज हुई थी। इस फिल्म में उन्हें 'आजा रे परदेसी' गाने के लिए अवार्ड मिला था। 

7एक दिन ही गईं स्कूल लेकिन थीं 6 डॉक्टरेट डिग्री

lata mangeshkar and asha

लता मंगेशकर उन लोगों में से एक थीं जिनके पास डिग्री की कोई कमी नहीं थी। 5 साल की उम्र में उनका एडमिशन स्कूल में करवाया तो गया था, लेकिन वो सिर्फ 1 दिन ही स्कूल गईं। दरअसल, जब लता जी स्कूल गई तो उनके साथ आशा भोसले भी थीं और स्कूल वालों ने कहा कि दो बच्चों को पढ़ाने के लिए अलग से फीस देनी होगी। उस वक्त घर की माली हालत ठीक नहीं थी और लता मंगेशकर ने अपना नाम कटवा कर बहन को पढ़ाया। 

पर लता मंगेशकर की कला ने वो भरपाई कर दी और अलग-अलग 6 यूनिवर्सिटीज ने लता मंगेशकर को म्यूजिक में डॉक्टरेट की डिग्री दी। 

 

8नॉन वेज खाने की बेहद शौकीन थीं लता मंगेशकर

lata mangeshkar non veg

लता दीदी नॉन वेज खाने की बेहद शौकीन हुआ करती थीं और उन्हें वो इतना पसंद था कि म्यूजिक कंपोजर और लता मंगेशकर के गुरु अनिल बिस्वास खुद उनके लिए ये बनाया करते थे। मुंबई के तारदेव से दादर तक लता मंगेशकर पैदल चलकर गाना सीखने आती थीं और क्योंकि उनकी माली हालत ठीक नहीं थी इसलिए वो नॉन वेज फूड अफोर्ड नहीं कर पाती थीं। इसलिए इसे अनिल बिस्वास बनाया करते थे। 

9लता मंगेशकर की फेमस लड़ाई

lata mangeshkar and dancers

लता मंगेशकर की सबसे फेमस लड़ाई थी 1950 के दशक में एस डी बर्मन के साथ। ये दोनों एक दूसरे को देखना तक पसंद नहीं करते थे और 1962 तक ये लड़ाई चलती रही। तब तक इन दोनों ने एक साथ काम नहीं किया। 

 

10लता मंगेशकर का वो गाना जिसने जवाहरलाल नेहरू को रुला दिया था

lata mangeshkar and pandit nehru

ये बात है 1963 की जब भारत इंडो-चीन युद्ध से उबर रहा था। युद्ध को खत्म हुए सिर्फ 2 महीने ही हुए थे और उस वक्त देश की माली हालत के साथ-साथ भावनात्मक हालत भी सही नहीं थी। उस वक्त लोगों का मनोबल बढ़ाने और शहीद हुए सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के लिए लता मंगेशकर ने 'ऐ मेरे वतन के लोगों' गाना गाया था। ये वो गाना था जिसे सुनने के बाद पंडित नेहरू रोने लगे थे। 

लता मंगेशकर की आवाज कुछ ऐसी थी जो सभी का मन मोह लेती थी। हमारी तरफ से उन्हें श्रद्धांजलि। 

अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़े रहें हरजिंदगी से।