फूड डायरी
  • Gayatree Verma
  • Her Zindagi Editorial | 14 Jun 2018, 16:44 IST

अगर बच्चे को बनना है आइंस्टाइन तो ये खिलाएं

हर कोई चाहता है कि उनका बच्चा पढ़े-लिखे और नवाब बने। लेकिन पढ़ाई में बच्चों को तेज बनाना बच्चों का खेल नहीं है। इसके लिए कड़ी डाइट फॉलो करनी पड़ती है।...
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  • Gayatree Verma
  • Her Zindagi Editorial | 14 Jun 2018, 16:44 IST

हर मां-बाप की ख्वाहिश होती है कि उनका बच्चा पढ़े-लिखे और नवाब बनें। हर मां-बाप अपने बच्चे को आइंस्टाइन बनाना चाहते हैं लेकिन आइंस्टाइन की तरह दिमाग पाना बच्चों का काम नहीं है। इसके लिए आपको भी मेहनत करने की जरूरत होगी। इसके लिए आपको अपने बच्चे को एक हेल्दी डाइट देने और कुछ बेसिक काम करवाने की जरूरत होगी। आज हम इसी डाइट के बारे में बात करेंगे जिसे खाने से आपका बच्चा भी आइंस्टाइन की तरह दिमाग पा सकेगा। तो ये डाइट फॉलो करें और ये काम करें। 

1बादाम खिलाएं

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सुबह पांच बजे बच्चे को उठाकर उसके मुंह में सबसे पहले सात भीगे बादाम रखें। दिमाग तेज बनाने के लिए बादाम एक जरूरी ड्राई फ्रूट्स है जो हर इंसान को खाने चाहिए। वैसे तो ड्राई फ्रूट्स खाना ही हेल्दी होता है लेकिन जिनके पास पैसे नहीं है वे कम से कम महीने में आधा किलो बादाम खरीद कर रोज सुबह अपने बच्चे को सात से आठ बादाम खिला सकती हैं। इससे आपके बच्चे का दिमाग तेज होगा और उसका पढ़ाई में भी मन लगेगा। बादाम में विटामिन ई, जिंक, कैल्शियम, मैग्नीशियम और ओमेगा -3 फैटी एसिड होता है जो दिमाग को तेज बनाता है। 

नोट- हमेशा भीगे बादाम खिलाएं। रात को सोने समय बादाम भिगाकर रखे दें और सुबह उनके छिलके उतार कर बच्चों को खिलाएं। इसके भूरे रंग के छिलके में टनीन होता है जो बादाम के पोषक तत्‍वों के अवशोषित कर लेता है।

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2फिर पढ़ाएं

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अमूमन बच्चों का स्कूल सात बजे होता है। इसलिए पांच बजे उठाने के बाद बच्चों को पढ़ने बैठने के लिए बोलें। या फिर उस चीज को रिवाइज करने बालें जो वे रात को पढ़कर सोए थे। इससे उनकी रात की पढ़ाई रिवाइज भी हो जाएगी और वह उसे भूलेंगे भी नहीं। दरअसल सुबह-सुबह दिमाग पूरी तरह से फ्रेश रहता है जिसके कारण सुबह पढ़ी गई चीजें लंबे टाइम के लिए याद रहती हैं। इससे आपके बच्चे में पढ़ने की आदत भी विकसित होगी और सुबह उठने की भी। 

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3दूध और ओट्स

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स्कूल जाने के समय सात बजे माताएं अपने बच्चे को रोटी या पराठां खिलाती हैं। जबकि अनाज खिलाने के बजाय एक कटोरी दूध और ओट्स खिलाएं। दूध में सारे विटामिन्स होते ही हैं और ओट्स में काफी प्रोटीन होता है। जब आप अपने बच्चे को ओट्स वाला दूध खिलाती हैं तो उन्हें प्रचूर मात्रा में विटामिन्स, कैल्शियम और प्रोटीन मिल जाता है। 

4दाल, रोटी और चावल

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दिन में बच्चे को दाल-रोटी खिलाएं या दाल-चावल खिलाएं। दाल में प्रचूर मात्रा में प्रोटीन होता है जो शाम को खेलने के दौरान बच्चे को शक्ति प्रधान करेगी। दालों में कार्ब्स और फाइबर काफी मात्रा में होते हैं जो शरीर को एनर्जी देते हैं। इसके अलावा दाल में आयरन होता है जो हड्डियों को मजबूत बनाता है। यह बॉडी की इम्युनिटी भी बढ़ाता है। जिससे बॉडी की प्रतिरोधकता क्षमता बढ़ती है और बॉडी स्ट्राटन्ग बनती है। 

5पालक और पनीर की सब्जी

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रात को खाने में एक रोटी खिलाएं और उसके साथ एक कटोरी पालक की सब्जी खिलाएं। अगर उसको फिर भी भूख लगती है तो उसे एक और कटोरी और सब्जी खिला दें। पालक में विटामिन ए, बी, सी, फाइबर और कैल्शियम भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं जो शरीर के लिए काफी फायदेमंद साबित होते हैं। दूसरी और पनीर में खनीज, कैल्शियम और फोसफोरस  काफी मात्रा में पाए जाते हैं जो हडि्डयों को मजबूत बनाने में मददगार साबित होते हैं। 

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6दूध जरूर पिलाएं

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बच्चों को रात में खाने के एक घंटे बाद सोते वक्त एक गलास दूध जरूर पिलाएं। लेकिन दूध पैकेट वाला ना हो। गाय का दूध लेकर आएं और उसे ही पिलाएं। भले ही गाय का दूध पानी मिला हुआ होता है लेकिन ये पैकेट वाले दूध से ज्यादा हेल्दी होता है। क्योंकि पैकेट वाले दूध में उतनी मात्रा में पोषक-तत्व नहीं होते जो गाय के दूध में होते हैं।

7पहाड़े याद कराएं

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बच्चों को रात में नौ बजे बिस्तर में ले जाएं और फिर पहाड़े बुलवाएं। बच्चों को सबसे ज्यादा दिक्कत पहाड़े याद करने में होती है। इस दिक्कत को कम करने के लिए बच्चों को रात में पहाड़े बोल कर सोने बोलिए। इससे उन्हें पहाड़े जिंदगी भर के लिए याद हो जाएंगे। 

आप एक महीने तक बच्चों के साथ ये रुटीन फॉलो करें। आपको फर्क नजर आने लगेगा।

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