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बिहार की इस गुफा में छिपा है हर्यक वंश का खजाना, जानें पूरा किस्सा

कहा जाता है कि हर्यक वंश के संस्थापक बिम्बिसार को सोने चांदी से बेहद प्यार था। वह काफी ज्यादा सोने चांदी के आभूषणों को इकट्ठा किया करते थे। 
Updated:- 2023-03-14, 16:36 IST
where is the Son Bhandar Cave

भारत में आज भी कई ऐसी रहस्यमय स्थान है जो बड़े से बड़े विज्ञान के लिए भी पहेली बनी हुई है। आज हम आपको बिहार में स्थित नालंदा का 'सोन भंडार' के बारे में बताने वाले है। कहा जाता है कि इस भंडार में करीब सैकड़ों साल से सोने का खजाना छुपा है। खैर इस बात में कितनी सच्चाई है हम आपको इस आर्टिकल में बताने वाले है।

माना जाता है कि हर्यक वंश के संस्थापक बिम्बिसार की पत्नी ने इस भंडार में अपना सोना छिपाया था। जो आज भी लोगों की नजरों से दूर है। इतिहास की माने तो हर्यक वंश के संस्थापक बिम्बिसार को सोने-चांदी से बेहद लगाव था। ऐसे में बिहार के इस गुफा में हर्यक वंश के खजानों को छुपाकर रखा गया था। कई सारे अंग्रेजों ने उस दौर में इस गुफा में जाने की कोशिश भी की थी लेकिन वह असफल रहे।

गुफा का निर्माण किसने कराया था

know the mysterious caves of son bhandar

वहीं इस गुफा का निर्माणकिसी और ने नही बल्कि बिम्बिसार की पत्नी ने कराया था। भारत के लोग ही नही बल्कि विदेश से लोग भी इस गुफा को देखने आते है। इस गुफा से जुड़ी रहस्मयी कहानी को सुनकर सभी हैरान हो जाते है। आपको बता दें कि यह स्थान बिहार के राजगीर में स्थित है।

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बिम्बिसार की रानियां

बिम्बिसार की कई रानियां थीं। ऐसे में उनकी एक रानी बिम्बिसार की पसंद का पूरा ध्यान रखती थीं। वही कहा यह जाता है कि जब अजातशत्रु ने अपने पिता को बंदी बना लिया और कारागार में डाल दिया तब बिम्बिसार की पत्नी ने राजगीर में यह सोन भंडार बनवाया था। वही इसी दौरान गुफा में राजा द्वारा इकठ्ठा किए गए सभी खजानों को छिपा दिया गया था। (इन रहस्यमयी गुफाओं में घूमना किसी रोमांच से कम नहीं)

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अंग्रेजों की तोप भी नहीं उड़ा पाई गुफा का दरवाजा

इस गुफा में दो बड़े कमरे एक समान बनाए गए थे। एक गुफा में सैनिक रहते थे। जबकि दूसरे कमरे में खजानों को छिपाया गया था। इस कमरे को एक बड़े से चट्टान से ढका गया है जिसे आज तक कोई खोलने में कामयाब नहीं हो पाया है। इस दरवाजे पर शंख लिपि में कुछ लिखा है। जिसे पढ़ने में अब तक कोई भी सफल नही हो पाया है। । आजादी से पूर्व अंग्रेजों ने एक बार तोप से इस दरवाजे को उड़ाने की कोशिश की थी लेकिन उन्हें इसमें सफलता नहीं मिली। इसके बाद यह एक किस्सी बनकर रह गया।

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