करीब 100 साल पुरानी है भारत की यह आइकॉनिक ट्रेन, इसी में शुरू हुआ था देश का पहला महिला कोच

आज के समय में हर किसी ने ट्रेन में सफर किया है, लेकिन यब बहुत कम लोगों को पता है कि पहला महिला कोच किस ट्रेन में बना था। आइए जानते हैं यहां।
Updated:- 2026-10-30, 11:13 IST
Deccan Queen First Women Coach

आजकल के समय में हर किसी ने ट्रेन में सफर किया है, लेकिन क्या आपके मन में कभी एक सवाल आया है, क्या आपने कभी सोचा है कि सबसे पहला महिला कोच किस ट्रेन में बना था? अगर नहीं तो आइए यहां जानते हैं। अपनी रफ्तार, आराम और शाही अंदाज के लिए फेमस 'Deccan Queen' ट्रेन ने पिछले 95 सालों से मुंबई से पुणे के बीच के सफर को आरामदायक बनाया है। यह ट्रेन 1930 में शुरू हुई। इस ट्रेन का सफर आज भी उतना ही खास है, जितना पहले हुआ करता था।

क्यों पड़ा नाम Deccan Queen?

पुणे को प्यार से 'Queen of the Deccan' यानी डेक्कन की रानी कहा जाता है। डेक्कन के पठार पर बसे इस अहम शहर को मुंबई से जोड़ने के लिए जब इस ट्रेन को शुरू किया गया, तो इसी नाम से इसे डेक्कन क्वीन बुलाया गया। देखते ही देखते ये नाम ट्रेन की पहचान बन गया।

डेक्कन क्वीन ने अपनी पहली दौड़ 1 जून, 1930 को लगाई थी। यह आज भी चल रही है और भारत की सबसे पुरानी ट्रेनों में से एक है। उस समय इसे मुंबई से पुणे के बीच एक स्पेशल वीकेंड ट्रेन के तौर पर शुरू किया गया था, ताकि लोग पुणे में होने वाली घुड़दौड़ देखने जा सकें। बाद में इसकी पॉपुलैरिटी इतनी बढ़ी कि इसे रोजाना चलाया जाने लगा।

deccan queen women coach

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इलेक्ट्रिक इंजन से चली पहली ट्रेनों में से एक

डेक्कन क्वीन का इतिहास मुंबई-पुणे रूट के इलेक्ट्रिफिकेशन से भी जुड़ा है। अपने शुरुआती सालों में ही ये ट्रेन इलेक्ट्रिक इंजन से चलने लगी थी, जब मुंबई के आसपास रेलवे नेटवर्क का विद्युतीकरण हो रहा था। उस दौर में इलेक्ट्रिक ट्रेन का चलना बहुत बड़ी और मॉडर्न बात मानी जाती थी।

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देश को दिया पहला महिला कोच

भारतीय रेलवे में महिलाओं की सेफटी और सुविधा की बात आती है तो डेक्कन क्वीन का नाम सबसे पहले आता है। यह वही ट्रेन है जिसने 1930 में भारत का पहला महिला स्पेशल कोच शुरू किया था। उस समय जब अकेली महिलाओं का ट्रेन में सफर करना आम बात नहीं थी, तब महिलाओं को ज्यादा सेफ और आरामदायक सफर देने के लिए ये पहल की गई थी।

deccan queen dinning

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डाइनिंग कार और घाट का नजारा

इस ट्रेन की एक और पहचान है इसका डाइनिंग कार। उस जमाने में ट्रेन में बैठकर खाना खाना एक लग्जरी माना जाता था और डेक्कन क्वीन अपनी इस सुविधा के लिए काफी फेमस हुई।

इसके अलावा भोर घाट का सफर इस ट्रेन की जान है। मुंबई से पुणे के बीच पश्चिमी घाट, पहाड़, घाटियां, सुरंगें और मानसून में झरनों का नजारा, इस सफर को यादगार बना देता है।

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FAQ
Deccan Queen ट्रेन कब शुरू हुई थी?
Deccan Queen ट्रेन की शुरुआत 1 जून, 1930 को हुई थी, इसे पहले बॉम्बे से पूना में घुड़दौड़ देखने जाने वाले लोगों के लिए वीकेंड स्पेशल के तौर पर चलाया गया था।
Deccan Queen को देश की पहली महिला कोच वाली ट्रेन क्यों कहा जाता है?
1930 में इसी ट्रेन में भारतीय रेलवे ने पहली बार महिलाओं के लिए अलग कोच की शुरुआत की थी, ताकि महिला यात्रियों को ज्यादा सुरक्षित सफर मिल सके।
Deccan Queen का नाम Deccan Queen क्यों रखा गया?
पुणे को डेक्कन की रानी कहा जाता है, और ये ट्रेन डेक्कन के पठार पर बसे पुणे को मुंबई से जोड़ती है, इसलिए इसका नाम डेक्कन क्वीन रखा गया।
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