उज्जैन के आसपास हैं ये 5 खूबसूरत जगहें, आप भी करें एक्सप्लोर

जब बात घूमने की आती है तो कोई भी व्यक्ति ऐसी जगह जाना चाहता है जहां आध्यात्मिक आनंद लेने का भी मौका मिले और कुछ एडवेंचर का भी लुत्फ़ उठा सकें। महाकाल की नगरी यानी उज्जैन भी कुछ ऐसी ही जगह है। शिप्रा नदी के तट पर स्थित उज्जैन मध्य प्रदेश के सबसे पवित्र शहरों में से एक है।
लेकिन इस शहर की खूबसूरती जिस कदर भारत भर में प्रचलित है ठीक उसी तरह शहर के आसपास कुछ ऐसी जगहें हैं जो घूमने के लिहाज से बेहतरीन स्थान है।
इस लेख में हम आपको उज्जैन के आसपास स्थित उन अद्भुत जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं जहां आप भी ज़रूर घूमने जाना चाहेंगे। आइए इन जगहों के बारे में जानते हैं।
देवास (Dewas)

महाकाल की नगरी के आसपास अगर घूमने के लिए सबसे खूबसूरत कोई जगह है तो देवास उसमें से एक स्थान हो सकता सकता है। प्राकृतिक सुन्दरता से भरपूर इस शहर में घूमने के लिए हर दिन हजारों लोग पहुंचते हैं।
देवास में आप कावड़िया हिल्स, मीठा तालाब देवास, शिप्रा बांध, पुष्पगिरी तीर्थ और शंकरगढ़ हिल्स जैसी अन्य कई जगहों पर परिवार, दोस्तों या पार्टनर एक साथ घूमने के लिए जा सकते हैं।
- दूरी- उज्जैन से लगभग 36 किमी।
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रतलाम (Ratlam)
रतलाम मध्य प्रदेश का एक खूबसूरत जिला है। कहा जाता है कि इस खूबसूरत जिले पर किसी समय महाराज रतन सिंह का शासन था। इस शहर में एक खूबसूरत सेलाना पैलेस है और इस पैलेस के बीच में तक़रीबन 200 साल प्राचीन एक गार्डन भी है।
रतलाम जिले में आप बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान, कैक्टस गार्डन, धोलावाद डैम और हिमालय की तराई क्षेत्र में स्थित खरमौर अभयारण्य भी घूमने के लिए एक बेहतरीन पर्यटक स्थल है।
- दूरी-उज्जैन से लगभग 103 किमी।
रालामंडल वाइल्ड लाइफ सैंक्चुरी (Ralamandal Wildlife Sanctuary)

रालामंडल वाइल्ड लाइफ सैंक्चुरी एक ऐसी जगह है जहां सिर्फ उज्जैन ही नहीं बल्कि मध्य प्रदेश के अन्य शहर से भी लोग घूमने के लिए पहुंचते हैं। समुद्र तल से लगभग 700 से अधिक मीटर की ऊंचाई पर मौजूद यह सैंक्चुरी कई प्रवासी पक्षियों का घर भी है।
अगर आप हरियाली और ठंडी हवा के बीच घूमना चाहते हैं तो फिर आपको यहां ज़रूर जाना चाहिए। इस सैंक्चुरी में घूमने के साथ-साथ आप जीप सफारी का भीलुत्फ़ उठा सकते हैं। यहां आप ट्रैकिंग भी कर सकते हैं। आपको बता दें कि अभ्यारण्य सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक ही खुला रहता है।
- दूरी-उज्जैन से लगभग 69 किमी।
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जानापाव कुटी (Janapav Kuti)

ऊंचे-ऊंचे पहाड़ और हरियाली से घिरा यह स्थान सैलानियों के बीच काफी लोकप्रिय है। जानापाव कुटी को भगवान पशुराम का जन्म स्थान माना है। यह कुटी (पहाड़) कई दुर्लभ औषधीय जड़ी-बूटियों के लिए भी प्रसिद्ध है। जानापाव कुटी की पहाड़ियां चंबल नदी के उद्गम स्थल के रूप में भी लोकप्रिय है।
कहा जाता है कि जानापाव कुटी एक नहीं बल्कि कई लुभावने दृश्यों के लिए प्रसिद्ध है। यहां आप ट्रैकिंग का भी लुत्फ़ उठा सकते हैं।
- दूरी-उज्जैन से लगभग 98 किमी।
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Image Credit:(@chaloghumane,tripoto)
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