Water Palaces in India: पानी के बीच तैरते हुए नजर आते हैं भारत के ये खूबसूरत महल, खूबसूरती देख थम जाएंगी सांसें
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कल्पना कीजिए कि आप किसी ऐसे महल के सामने खड़े हैं, जिसके चारों तरफ दूर-दूर तक पानी ही पानी है। शांत झील के बीच बना ये महल ऐसे लगते हैं, मानो पानी की सतह पर तैर रहा हो। भारत में ऐसी कई ऐतिहासिक किले व महल हैं, जो अपनी खूबसूरती और अनोखी बनावट के लिए दुनियाभर में मशहूर हैं। राजस्थान से लेकर मध्य प्रदेश और कर्नाटक तक मौजूद ये महल पुराने राजघरानों की शान और शानदार वास्तुकला की कहानी सुनाते हैं।
पानी में तैरते महल
भारत में घूमने के लिए ऐसी कई जगहें हैं, जहां पहुंचकर आपको किसी सपनों की दुनिया में होने का एहसास होगा। कहीं पहाड़ों के बीच किले बने हैं, तो कहीं झीलों के बीच आलीशान महल खड़े हैं। पानी से घिरे इन महलों की खासियत यह है कि दूर से देखने पर ये तैरते हुए नजर आते हैं। इनका शांत माहौल, खूबसूरत नजारे और इतिहास इन्हें खास पर्यटन स्थल बनाते हैं। आइए जानते हैं भारत के ऐसे ही कुछ महलों के बारे में।
Photo Credit: Magnific
1. लेक पैलेस, उदयपुर
राजस्थान के उदयपुर में पिछोला झील के बीच बना लेक पैलेस किसी सफेद संगमरमर के सपने जैसा लगता है। इसे पहले जग निवास के नाम से जाना जाता था। इसका निर्माण 1743 से 1746 के बीच मेवाड़ के महाराणा जगत सिंह द्वितीय ने करवाया था। यह महल शाही परिवार के गर्मियों के आराम करने की जगह हुआ करता था। झील के बीच स्थित इस महल की सफेद दीवारें, सुंदर आंगन और नक्काशीदार बालकनियां पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। यहां से उदयपुर के सिटी पैलेस और आसपास की पहाड़ियों का खूबसूरत नजारा दिखाई देता है। आज यह एक आलीशान हेरिटेज होटल के रूप में जाना जाता है।
कैसे पहुंचे: उदयपुर एयरपोर्ट (डबोक) से लेक पैलेस 25 KM है, टैक्सी से 45 मिनट में सिटी पैलेस घाट पहुंचा जा सकता है। उदयपुर सिटी रेलवे स्टेशन से सिर्फ 3KM है, ऑटो से बोट जेटी तक जाएं। पिछोला झील के बीच में है, इसलिए आखिरी रास्ता नाव से ही है, जो होटल की तरफ से जाती है।
2. जल महल, जयपुर
राजस्थान की राजधानी जयपुर में स्थित जल महल भारत के सबसे खूबसूरत जल महलों में गिना जाता है। यह मान सागर झील के बीच बना है। दूर से देखने पर ऐसा लगता है, जैसे महल पानी पर तैर रहा हो। इसकी सबसे खास बात यह है कि यह पांच मंजिला इमारत है, जिसकी चार मंजिलें पानी के अंदर रहती हैं और सिर्फ ऊपर की मंजिल दिखाई देती है। लाल बलुआ पत्थर से बने इस महल में राजपूत और मुगल वास्तुकला की झलक देखने को मिलती है। इसके चारों कोनों पर बनी छतरियां और छत पर मौजूद सुंदर बनावट इसकी खूबसूरती बढ़ाती हैं। फिलहाल पर्यटकों को महल के अंदर जाने की अनुमति नहीं है, लेकिन झील के किनारे से इसका नजारा देखा जा सकता है।
कैसे पहुंचे: जयपुर जंक्शन से जल महल 11 KM है, आमेर रोड पर मान सागर झील में है। सिंधी कैंप से आमेर वाली बस, ऑटो या कैब से सीधा पहुंच सकते हो। अंदर जाना बंद है, पर झील किनारे से ही सबसे सुंदर नजारा दिखता है।
3. नीरमहल, त्रिपुरा
त्रिपुरा के रुद्रसागर झील के बीच बना नीरमहल पूर्वोत्तर भारत की खास ऐतिहासिक इमारतों में शामिल है। इसका निर्माण महाराजा बीर बिक्रम किशोर माणिक्य ने करवाया था। इसकी नींव 1930 में रखी गई और निर्माण 1938 में पूरा हुआ। नीरमहल की बनावट में हिंदू और मुगल वास्तुकला का मेल दिखाई देता है। इसमें गुंबद, मीनारें और सुंदर मेहराब बने हुए हैं। महल के अंदरूनी हिस्से को शाही परिवार के रहने के लिए बनाया गया था, जबकि दूसरे हिस्से में मनोरंजन और सांस्कृतिक कार्यक्रम होते थे। यहां पहुंचने के लिए पर्यटकों को नाव से झील पार करनी पड़ती है।
कैसे पहुंचे: अगरतला एयरपोर्ट से नीरमहल 50KM दूर है, मेलाघर तक बस या टैक्सी ले सकते हैं। अगरतला रेलवे स्टेशन से भी 50-55KM है, रुद्रसागर झील तक ऑटो मिल जाता है। आखिर में झील पार करने के लिए नाव लेनी पड़ती है, तभी महल तक पहुंच सकते हैं।
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4. जहाज महल, मध्य प्रदेश
नाम के जैसा ही है ये महल, पानी में तैरता हुआ जहाज लगता है। ये मांडू में मुंज तालाब और कपूर तालाब के बीच में बना हुआ है। इसे 15वीं सदी के आखिर में सुल्तान गियास-उद-दीन खिलजी ने बनवाया था। इसका आकार लंबा और पतला है, इसलिए दूर से देखने पर लगता है जैसे पानी पर कोई जहाज चल रहा हो। सिर्फ खूबसूरती ही नहीं, ये इंजीनियरिंग का भी कमाल था। महल में बारिश के पानी को जमा करने का सिस्टम, ठंडा रखने के लिए नहरें और छोटे-छोटे हौज बने हुए थे, ताकि गर्मी में भी महल ठंडा रहे।
कैसे पहुंचे: इंदौर एयरपोर्ट व रेलवे स्टेशन से मांडू 95 KM है, वहां से बस या टैक्सी लें। मांडू बस स्टैंड से जहाज महल सिर्फ 1।5 KM दूर है, पैदल या ऑटो से आप आसानी से पहुंच जाएंगी।
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Photo Credit: Pinterest (Ekatarina)
भारत के ये पानी में तैरते महल सिर्फ इमारतें नहीं, बल्कि राजा-महाराजाओं की सोच, इंजीनियरिंग और कला का जीता-जागता सबूत हैं। अगर आप भीड़ से अलग, शांत और फोटोजेनिक जगह ढूंढ रहे हैं, तो ये चारों महल आपकी लिस्ट में जरूर होने चाहिए। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
- क्या इन सभी महलों के अंदर जा सकते हैं?
- नहीं। जल महल जयपुर के अंदर आम पर्यटकों को जाने की अनुमति नहीं है, सिर्फ किनारे से देख सकते हैं। लेक पैलेस अब ताज होटल है, सिर्फ गेस्ट जा सकते हैं। नीरमहल और जहाज महल में आप अंदर जा सकते हैं।
- इन महलों को घूमने का सबसे अच्छा समय कौन सा है?
- अक्टूबर से मार्च तक का समय सबसे अच्छा है। इस दौरान मौसम ठंडा और सुहावना रहता है, झीलों में पानी भी भरा रहता है, इसलिए महल सबसे खूबसूरत लगते हैं।
- क्या पानी में बने होने की वजह से ये महल असली में तैरते हैं?
- नहीं, ये तैरते नहीं हैं। ये सभी महल झील के बीच में मजबूत नींव पर बने हैं। पानी के बीच में होने की वजह से दूर से देखने पर ऐसा लगता है जैसे तैर रहे हों, इसलिए इन्हें 'तैरता महल' कहा जाता है।
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