रोजाना सूर्य को अर्घ्य देने के बाद सबसे पहले क्या करना चाहिए?

हिन्दू धर्म और ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को अर्घ्य देना बहुत पुण्यकर और लाभकारी माना जाता है। इससे न सिर्फ सूर्य की स्थिति कुंडली में मजबूत होती है और सूर्य देव की कृपा बरसती है बल्कि इसका शुभ प्रभाव हमारे जीवन और स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। यही कारण है कि शास्त्रों में रोजाना सूर्य को अर्घ्य देने की बात कही गई है, लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि सूर्य को अर्घ्य देने के बाद क्या करना चाहिए। अमूमन तौर पर लोग सूर्य को अर्घ्य देने के बाद उस स्थान से हटकर चले जाते हैं और अपने अन्य कार्यों को करने लगते हैं। मगर वृंदावन के ज्योतिषाचार्य राधाकांत वत्स ने हमें बताया कि सूर्य को अर्घ्य देने के बाद सबसे पहले एक काम जरूर करना चाहिए, फिर चाहे तो उसके बाद आप अपने अन्य कार्यों में व्यस्त हो सकते हैं। आइये जानते हैं इस बारे में विस्तार से।
सूर्य को अर्घ्य देने के बाद क्या करें?
सूर्य को अर्घ्य देने की प्रक्रिया में, हम उगते हुए सूर्य को जल अर्पित करते हैं। यह क्रिया हमें ऊर्जा और सकारात्मकता से भर देती है। अर्घ्य देने के बाद अक्सर लोग उस स्थान को छोड़कर चले जाते हैं और बाकी काम निपटाने लगते हैं।

जबकि सूर्य देव को अर्घ्य देने के बाद सबसे पहले काम यह करना चाहिए कि जब जल की धारा जमीन पर गिरती है तो उस गिरे हुए पानी को थोड़ा-सा अपने हाथों से छूकर अपने माथे और शरीर के अन्य हिस्सों पर लगाना चाहिए।
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ऐसा करने से उस पवित्र जल की ऊर्जा और सूर्य का तेज हमारे शरीर में समाहित होता है। यह माना जाता है कि सूर्य की किरणों से युक्त जल को शरीर पर लगाने से हमारे शारीरिक दोष दूर होते हैं। यह एक प्रकार से शुद्धिकरण की प्रक्रिया है।
सूर्य ऊर्जा, शक्ति और तेज का प्रतीक हैं। जब हम अर्घ्य के बाद इस जल को शरीर पर लगाते हैं तो यह माना जाता है कि हम सूर्य के तेज को आत्मसात कर रहे हैं। इससे हमारा शरीर कांतिमान बनता है और हमारे व्यक्तित्व में एक नई ऊर्जा और आत्मविश्वास आता है।
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इस जल को छूने और शरीर पर लगाने से मन में शांति और सकारात्मकता का संचार होता है। यह हमें दिनभर के कार्यों के लिए एक सकारात्मक शुरुआत देता है। सूर्य को अर्घ्य देने के बाद जमीन पर गिरे जल को शरीर पर लगाने से सुख-समृद्धि भी बढ़ती है।

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image credit: herzindagi
- सूर्य को अर्घ्य देते समय क्या बोलें?
- सूर्य को अर्घ्य देते समय सूर्य देव के 12 नामों का जाप करना चाहिए या फिर 'आदिदेव नमस्तुभ्यं प्रसीद मम भास्कर' इस मंत्र का उच्चारण करें।
- सूर्य को अर्घ्य देते समय जल में क्या डालें?
- सूर्य को अर्घ्य देते समय जल में काले तिल, लाल चंदन या फिर लाल पुष्प डालें।
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