महिलाओं की सेहत के लिए सिर्फ वजन कम करना या अच्‍छी नींद लेना ही काफी नहीं होता। शरीर के अंदर कई सिस्टम एक-दूसरे से जुड़े होते हैं और सभी के बीच बैलेंस बना रहना जरूरी होता है। अक्‍सर महिलाएं एक समय में किसी एक समस्‍या पर ही ध्‍यान देती हैं, जैसे वजन कम करना, नींद सुधारना या हार्मोन बैलेंस करना। लेकिन शरीर एक साथ कई लेवल पर काम करता है, इसलिए अच्‍छी सेहत के लिए सभी सिस्‍टम का सही तरीके से काम करना जरूरी है।

महिलाओं के शरीर में ओवरी, थायराइड और एड्रिनल ग्लैंड्स जैसे अंग हार्मोनल बैलेंस बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ब्लड सर्कुलेशन का बेहतर होना, तनाव का कम रहना और शरीर के विभिन्न अंगों के बीच सही तालमेल हार्मोन हेल्थ को सपोर्ट कर सकता है। योग में कुछ ऐसे आसन हैं जो शरीर को रिलैक्स करने, ब्लड फ्लो को बेहतर बनाने और तनाव कम करने में मदद कर सकते हैं। योग कोच मरीना के अनुसार, ये दो योगासन शरीर के ऐसे हिस्सों पर काम करते हैं, जो हार्मोनल हेल्थ से जुड़े होते हैं। अगर आप भी अपने हार्मोनल हेल्‍थ को सपोर्ट करना चाहती हैं, तो इन योगासनों को अपने रूटीन का हिस्सा बनाएं।

मलासन

यह आसन पेल्विक एरिया में फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ाता है और शरीर के निचले हिस्‍से में ब्‍लड फ्लो को सही करता है।

मलासन की विधि‍

  • इसे करने के लिए सीधी खड़ी हो जाएं और पैरों के बीच कंधों से थोड़ी ज्‍यादा दूरी रखें।
  • धीरे-धीरे घुटनों को मोड़ते हुए स्क्वाट पोजीशन में नीचे आएं।
  • एड़ियों को जमीन पर टिकाएं और घुटनों को बाहर की ओर रखें।
  • दोनों हथेलियों को चेस्‍ट के सामने नमस्कार मुद्रा में रखें।
  • कोहनियों से घुटनों को हल्का बाहर की ओर दबाएं और रीढ़ को सीधा रखें।
  • इस मुद्रा में नॉर्मल सांस लेते हुए 30 सेकंड से 1 मिनट तक रहें।
  • धीरे-धीरे खड़ी हो जाएं।

मलासन के फायदे

  • पेल्विक फ्लोर को खोलने में मदद करता है।
  • शरीर में जमा तनाव को कम कर सकता है।
  • हिप्स और लोअर बॉडी को एक्टिव करता है।

उष्ट्रासन

यह आसन चेस्‍ट को खोलने, सांस लेने की क्षमता बेहतर करने और शरीर को रिलैक्स करने में मदद करता है।

उष्ट्रासन की विधि

  • इस आसन को करने के लिए योगा मैट पर घुटनों के बल बैठ जाएं।
  • घुटनों के बीच हिप्स जितनी दूरी रखें।
  • थाइज को सीधा रखते हुए शरीर को धीरे-धीरे पीछे की ओर झुकाएं।
  • दोनों हाथों को पीछे ले जाकर एड़ियों को पकड़ें।
  • चेस्‍ट को ऊपर उठाएं और कंधों को पीछे की ओर खोलें।
  • गर्दन पर प्रेशर न डालें और आरामदायक महसूस होने पर ही सिर को पीछे ले जाएं।
  • इस मुद्रा नॉर्मल सांस लेते हुए 15-30 सेकंड तक रहें।
  • पहली पोजीशन में आने के लिए हाथों को कमर पर रखें और धीरे-धीरे शरीर को सीधा करें।

उष्ट्रासन के फायदे

  • गर्दन और चेस्‍ट के हिस्से में स्ट्रेच देता है।
  • तनाव कम करने में मदद कर सकता है।
  • शरीर के पोश्चर को सही बनाए रखता है।

इन दोनों योगासनों का कॉम्बिनेशन शरीर के निचले और ऊपरी हिस्से पर काम करता है। मलासन शरीर में फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ाता है और उष्ट्रासन शरीर को एक्टिव और रिलैक्स करता है।

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योगासन हार्मोन हेल्थ को सपोर्ट करते हैं, लेकिन ये हार्मोनल समस्याओं का सीधा इलाज नहीं हैं। अगर आपको हेल्‍थ से जुड़ी कोई समस्‍या है, तो इन योगासन को करने से पहले डॉक्टर या योगा एक्‍सपर्ट से सलाह जरूर करें।

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Image Credit: magnific.com