How to Grow Marigold in Pot: गेंदे का फूल पवित्रता के साथ ही शुभता का भी प्रतीक है। घरों में पूजा- पाठ से लेकर कई आयोजनों में इसका खूब इस्‍तेमाल होता है। यही वजह है कि गेंदे का फूल भारतीय बागवानी सबसे अहम है, जो अक्सर लोगों के घरों में देखने को मिलता है। यह अपने चमकीले नारंगी और पीले रंगों से हर आंगन या बालकनी अट्रैक्टिव बनाता है। हालांकि, कई महिलाओं को शिकायत होती है कि गेंदे के पौधे घने नहीं होते, या फूलों का साइज छोटा रह जाता है।आइए जानते हैं कि कैसे गमले में उगाए गेंदे के फूल को शानदार और घना बनाएं?

How to Grow Marigold in Pot: जानें क्‍या कहते हैं गार्डनिंग एक्‍सपर्ट?

एनसीआर में अधिकतर लोगों ने अपने घरों की छतों पर गेंदे के फूल उगाए हैं, लेकिन इसे उगाने के दौरान एक जैसी दिक्‍कत यहां देखने को मिल रही है। ऐसे में हमने गार्डनिंग एक्सपर्ट्स कबीर वाही से ये जानने की कोशिश की कैसे हम गमले को गेंदे के फूलों से भर दें। गार्डनिंग एक्सपर्ट्स का कहना है कि गेंदे के पौधे को भरपूर फूल देने के लिए खास पोषण की जरूरत होती है, खासकर फॉस्फोरस और पोटाश की। आप चाहें तो कम समय में आसान और असरदार लिक्विड फर्टिलाइजर बना सकते हैं, जो गमलों को नारंगी फूलों से भर देगा। इतना ही नहीं उनके साइज को भी बढ़ाएगा।

How to Grow Marigold in Pot: ऐसे तैयार करें लिक्विड फर्टिलाइज

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गार्डनिंग एक्सपर्ट्स के अनुसार, लिक्विड फर्टिलाइजर बनाने के लिए आपको एक घोल तैयार करना होगा। घोल के लिए DAP और पोटाश की जरूरत होगी, जो आपको नर्सरी पर आराम से मिल जाएंगी। DAP से गेंदे की जड़ें और कलियां मजबूत होती हैं, जबकि पोटाश फूलों की रंगत और उनके आकार को बढ़ाता है। आधा लीटर सादा पानी लें, इसमें सावधानी से 3 से 4 ग्राम DAP जो लगभग एक छोटा चम्मच होता है।

इसके साथ ही, एक बड़ा चम्मच पोटाश मिलाएं।इन दोनों चीजों को पानी में अच्छी तरह से मिलाने के बाद, घोल को छांव वाली जगह पर एक घंटे के लिए छोड़ दें। इससे यह सुनिश्चित होगा कि दोनों पोषक तत्व पानी में पूरी तरह से घुल जाएं और पौधे के लिए आसानी से अवशोषित होने लायक बन जाएं।

किसी भी लिक्विड खाद को डालने से पहले, गेंदे के गमले की मिट्टी को तैयार करना जरूरी है ताकि वह पोषण को अच्छी तरह से सोख सके। जब आपका घोल भीग रहा हो, तब किसी छोटे औजार की मदद से मिट्टी की ऊपरी सतह की हल्की गुड़ाई करें। इससे मिट्टी भुरभुरी हो जाती है और उसमें हवा का संचार बढ़ जाता है। गेंदे के पौधे पर से सभी सूखे हुए फूल, पत्तियां या पीली टहनियां हटा दें। शुरुआती दौर में, इस घोल का इस्‍तेमाल हर 15 से 20 दिन में एक बार कर सकते हैं। जब आपको लगे कि फूल कम हो रहे हैं या पत्ते पीले पड़ने लगे हैं, तो यह सही समय है जब पौधे को इस पोषक तत्व की जरूरत है।

डिस्क्लेमर: इस लेख में किए गए दावे गार्डनिंग एक्सपर्ट्स और इंटरनेट पर मिली जानकारी पर आधारित हैं। आप चाहें तो किसी बेहतर गार्डनिंग एक्सपर्ट्स से परामर्श से सकते हैं।

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