उत्तराखंड न सिर्फ अपनी हसीन वादियों के लिए फेमस है, बल्कि वहां के पहाड़ी व्यंजन भी दुनिया भर में मशहूर हैं। पहाड़ों के पारंपरिक भोजन में स्वाद के साथ-साथ सेहत और पोषण भी भरपूर होता है। जब बात कुमाऊनी जायके की हो, तो भांग की चटनी का नाम सबसे पहले आता है। अक्सर भांग का नाम सुनते ही लोगों को लगता है कि यह एक तरह का नशा है, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि भांग के बीजों का इस्तेमाल एक बहुत ही स्वादिष्ट और पौष्टिक चटनी बनाने के लिए किया जाता है।

भांग की चटनी

उत्तराखंड में कड़ाके की ठंड हो या फिर गर्मी या बरसात, वहां हर मौसम में भोजन और मडुवे की रोटी के साथ भांग की चटनी परोसी जाती है। यह स्वाद के साथ-साथ सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद होती है। आइए जानते हैं कुमाऊनी भांग की चटनी के बारे में।

IMAGE CREDIT: AI

सेहत के लिए भांग की चटनी 

अमेरिका के नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन का रिसर्च आर्काइव इस बात की जानकारी देता है, कि भांग के बीजों के औषधीय गुण सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं और इसके कई लाभ भी है। भांग के बीज पोषक तत्वों का खजाना होते हैं। इनके नियमित और सीमित सेवन से शरीर को कई फायदे मिलते हैं -

  • भांग के बीजों में ओमेगा-3 और ओमेगा-6 फैटी एसिड मौजूद होता है। यह कॉम्बिनेशन दिल को स्वस्थ रखता है, कोलेस्ट्रॉल लेवल को मेंटेन रखता है और ब्लड प्रेशर को भी बैलेंस करने में मदद करता है।
  • भांग के बीजों में अच्छी मात्रा में फाइबर भी मौजूद होता है जो आंतों की सफाई करता है। ऐसे में इस चटनी के सेवन से पेट से जुड़ी परेशानियां कम होती हैं।
  • इन बीजों में प्रोटीन, मैग्नीशियम और फास्फोरस भी होता है, जो मांसपेशियों को मजबूत करने में मदद करता है।
  • कड़ाके की ठंड में शरीर को अंदर से गर्म रखने में भी भांग की चटनी बेहद मददगार साबित होती है।

कुमाऊनी भांग की चटनी बनाने की आसान विधि

अगर आप भी घर पर स्वादिष्ट भांग की चटनी बनाना चाहती हैं, तो नीचे बताए गए आसान स्टेप्स को फॉलो करें -

  • सबसे पहले एक तवे पर भांग के बीजों को धीमी आंच पर हल्का भून लें। जब बीजों से चटकने की आवाज आने लगे, तब गैस बंद कर दें। इसके बाद इसके साथ थोड़ा सा जीरा और सूखी लाल मिर्च को भी भून लें।
  • अगर आप असली और पारंपरिक कुमाऊनी भांग की चटनी का स्वाद लेना चाहती हैं, तो सिलबट्टे का इस्तेमाल करें। सिलबट्टे पर भुने हुए भांग के बीज, जीरा, लहसुन, भुनी लाल मिर्च, हरा धनिया और नमक मिलाकर अच्छी तरह पीस लें।
  • जब चटनी अच्छी तरह से पीस जाए, तो इसमें स्वाद के अनुसार फ्रेश नींबू का रस मिला दें।
  • अब आपकी चटपटी और तीखी कुमाऊनी भांग की चटनी बनकर पूरी तरह तैयार है।
IMAGE CREDIT: PINTEREST/Culture Generation

क्या भांग के बीजों से नशा होता है?

अगर आपके मन में भी यह सवाल है कि क्या भांग के बीजों की चटनी खाने से नशा होता है, तो ऐसा बिल्कुल नहीं है। भारत सरकार के खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण  आधिकारिक पोर्टल के अनुसार भांग के पौधे की पत्तियों और फूलों में नशा पैदा करने वाले तत्व होते हैं, बीजों में नहीं। चटनी बनाने के लिए केवल भांग के सूखे और भुने हुए बीजों का उपयोग किया जाता है। साथ ही इसमें धनिया, लहसुन और नींबू जैसी चीजें भी मिलाई जाती हैं, जिससे इसमें किसी भी तरह का नशा नहीं होता है। इसलिए इस स्वादिष्ट चटनी को घर के बुजुर्ग, बच्चे और बाकी सभी सदस्य बेझिझक खा सकते हैं।

निष्कर्ष:अगर आप भी उत्तराखंड की प्रसिद्ध कुमाऊनी भांग की चटनी का स्वाद लेना चाहती हैं, तो ऊपर बताए गए आसान तरीके से इसे अपने घर पर तैयार कर सकती हैं। यह खाने में स्वादिष्ट होने के साथ-साथ सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद मानी गई है। यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहे हर जिंदगी से।

Image credits: Freepik