इस Mother's Day पर एक मां और लेखिका ऋतू वैष्णव ने सरल शब्दों और शक्तिशाली संदेश के साथ भारत में बरसों से चले आ रहे लैंगिक रूढ़िवाद को चुनौती दी है। उनकी किताब, 'पिंक एंड ब्लू' आपको पुरानी रूढ़िवादीता यानी लिंग के आधार पर भेवभाव पर पुनर्विचार करने को मजबूर कर देगी। लेखिका ऋतू वैष्णव पफिन द्वारा प्रकाशित अपनी बच्चों लिखी गई किताब पिंक एंड ब्लू के बारे में बात करते हुए बताती हैं कि उनका इस किताब को लिखने उद्देश्य यह है कि माता-पिता कम उम्र में ही बच्चों के साथ लैंगिक रूढ़ियों बारे के बातचीत शुरू कर दें। वह चाहती है कि छोटे लड़के और लड़कियां इस सोच को अपने दिमाग से दूर करें कि गुलाबी लड़कियों के लिए होता है और नीला रंग लड़कों के लिए होता है। लड़कियां घर खेलती हैं, लड़के क्रिकेट खेलते हैं। ऋतू ने कहा कि यह किताब लिंग-भेद के जटिल मुद्दे को प्राथमिक स्‍कूल के स्तर तक लाने का एक प्रयास है, जिससे की वह इसे अपने जीवन के अनुभवों से जोड़ सके।

ऋतू वैष्णव बच्चों के लिए बुकस्टोर चलाती है जो छात्रों के बीच एक मजबूत शिक्षा संस्कृति के निर्माण के लिए स्कूलों के साथ सक्रिय रूप से काम करता है। ऋतू लेखिका के अलावा एक शिक्षक, फीचर लेखक, रिपोर्टर, समाचार निर्माता और पुस्तक संपादक भी रही हैं। ऋतू वैष्णव ने अपनी किताब और भारत में लिंग के आधार पर चले आ रहे भेवभाव पर हमसे बात की। आइए देखें इस वीडियो में ऋतू ने इस विषय पर क्‍या कहा।