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आखिर कैसे 'जन गण मन' बना भारत का राष्ट्रगान

राष्ट्रगान ऐसा गीत जो किसी भी देश के इतिहास और परंपरा को दर्शाता है लेकिन क्या आपको पता है कि 'जन गण मन' बना भारत का राष्ट्रगान कैसे बना और इससे जुड़े हुए रोचक तथ्यों के बारे में।   
Updated:- 2023-01-26, 08:00 IST
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भारत इस बार अपना 74 वां गणतंत्र दिवस मनाने जा रहा है। इस दिन ही भारत का संविधान लागू हुआ था और इस दिन राष्ट्रगान भी गाया जाता है लेकिन क्या आप जानते हैं कि संविधान सभा ने 'जन-गण-मन' को भारत के राष्ट्रगान के रूप में 24 जनवरी 1950 को अपनाया था।

इसे सबसे पहले 27 दिसंबर साल 1911 को कोलकाता में कांग्रेस के कार्यक्रम में गाया गया था। राष्ट्रगान ऐसा गीत जो किसी भी देश के इतिहास और परंपरा को दर्शाता है। उस देश को उसकी पहचान का अहसास कराता है। हर देशवासी को अपने राष्ट्रगान से प्यार होता है। तो चलिए जानते हैं राष्ट्रगान से जुड़ी हुई जानकारी के बारे में। 

कैसे 'जन गण मन' बना भारत का राष्ट्रगान?

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आपको बता दें कि पहली बार 27 दिसंबर साल 1911 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कलकत्ता सत्र में राष्ट्रगान गाया गया था। जन गण मन को आधिकारिक रूप से 24 जनवरी साल 1950 को भारतीय राष्ट्रगान के रूप में संविधान सभा द्वारा अपनाया गया था।(गणतंत्र दिवस 26 जनवरी को क्यों मनाया जाता है?)

जन गण मन के हिंदी संस्करण को भारतीय संविधान सभी द्वारा 24 जनवरी 1950 को राष्ट्रगान के रूप में स्वीकृति प्रदान की गई। भारत के राष्ट्रगान में मुख्य रूप से 7 राज्यों का उल्लेख किया गया है। पंजाब, सिंधु , गुजरात, मराठा, द्राविड़ यानी दक्षिण भारत, उत्कल यानी कलिंग और बंग यानी बंगाल का उल्लेख है। 

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किस भाषा में लिखा गया? 

इसे 1911 में मूल रूप से बांग्ला भाषा में लिखा गया था। फिर इसके हिंदी संस्करण को संविधान सभा ने भारत के राष्ट्रगान के रूप में अपनाया था। नोबेल पुरस्कार विजेता रविंद्रनाथ टैगोर द्वारा लिखे गये 'जन गण मन' को भारत के राष्ट्रगान के रूप में साल 1950 को अपनाया गया था।

भारत के राष्ट्रगान की पंक्तियां रवींद्रनाथ टैगोर के गीत 'भारतो भाग्य बिधाता' से ली गई हैं। आपको बता दें कि 28 फरवरी साल 1919 को टैगोर ने पूरे बंगाली गीत की एक अंग्रेजी व्याख्या लिखी और इसका शीर्षक 'द मॉर्निंग सॉन्ग ऑफ इंडिया' रखा। (गणतंत्र और स्वतंत्रता दिवस में क्या अंतर है? जानें इतिहास)

24 जनवरी 1950 को टैगोर के 'भारतो भाग्य बिधाता' के पहले छंद को आधिकारिक तौर पर भारत की संविधान सभा द्वारा भारत के राष्ट्रगान के रूप में घोषित किया गया था।

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हम जब कभी अपने देश भारत के राष्ट्रगान को सुनते हैं तो हमारे मन में देशभक्ति का भाव खुद ब खुद ही आ जाता है। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी हो तो इसे फेसबुक पर जरूर शेयर करें और इसी तरह के अन्य लेख पढ़ने के लिए जुड़ी रहें आपकी अपनी वेबसाइट हरजिन्दगी के साथ। इस आर्टिकल के बारे में अपनी राय आप हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।

 

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