बर्थडे स्पेशल: शर्मिला टैगोर की सबसे लोकप्रिय फिल्में, जिन्हें आज भी किया जाता है याद

शर्मिला टैगोर के बर्थडे के मौके पर हम उनकी कुछ ऐसी फिल्मों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसमें निभाए गए किरदारों को लोग आज याद करते हैं।
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70 के दशक में मधुबाला, मुमताज, वहीदा रहमान और शर्मिला टैगोर वो एक्ट्रेसेस रही हैं, जिन्हें देखने के लिए दूर-दूर तक दर्शकों की लाइन लगी रहती थी। इन अभिनेत्रियों के द्वारा निभाए गए किरदारों को दर्शक आज भी याद करते हैं। हालांकि, इन अदाकारों में एक्ट्रेस शर्मिला टैगोर की खूबसूरती, ड्रेसिंग सेंस, हेयर स्टाइल और अदाकारी आदि की तुलना आज भी कोई नहीं कर सकता है। 

वह ना केवल बॉलीवुड उद्योग में एक प्रसिद्ध आइकन थीं, बल्कि बंगाली फिल्मों में भी वह अपने शानदार अभिनय के लिए जानी जाती थीं। उन्होंने फिल्मों में बिंदास अंदाज से लेकर बिकनी पहने स्टनर तक, कमर्शियल सुपरस्टार से लेकर दासी तक कई किरदार निभाए हैं। इन फिल्मों को लोग आज भी बहुत याद करते हैं। आज यानि 8 दिसंबर को शर्मीला टैगोर का जन्‍मदिन है, तो चलिए इस अवसर पर जानते हैं उनकी कुछ चुनिंदा फिल्मों के बारे में..

1अपुर संसार

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ये शर्मिला टैगोर की पहली फिल्म थी, जो 70 के दशक में सिनेमाई मील का पत्थर साबित हुई थी। ये फिल्म 'द वर्ल्ड ऑफ अपू' की अनुवादित फिल्म थी। इसमें अपू को  अपर्णा यानि शर्मिला टैगोर से शादी करने के लिए मजबूर किया गया था। इन तमाम दुखों को झेलने के बाद शर्मिला ने पर्दे पर अपनी अदाकारी का रंग बिखेरा। 

2सत्यकाम

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सत्यकाम तर्कवाद से संबंधित एक गहरी नैतिक और दार्शनिक कहानी पर आधारित फिल्म थी। इस फिल्म में शर्मिला टैगोर के साथ मुख्य भूमिका पर कलाकार धर्मेंद्र भी थे। इस फिल्म में अभिनेत्री अपने नैतिक किरदार को बड़ी खूबसूरती से संभालती हैं और लोगों का दिल जीत लेती हैं। 

3आराधना

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आराधना शक्ति सामंत द्वारा निर्देशित 1969 की भारतीय रोमांटिक ड्रामा फिल्म है, जिसमें शर्मिला टैगोर और राजेश खन्ना ने अभिनय किया है। राजेश खन्ना की दोहरी भूमिका वाली इस फिल्म में मेलोड्रामा शायद ही कभी देखने को मिला हो। इसके अलावा, इसमें शर्मिला की दयनीय भूमिका है, जो एक विवाहित पत्नी हैं और जल्दी से विधवा हो जाती हैं और उसे अपने बेटे की नर्स होने का नाटक करना पड़ता है। 

4देवी

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देवी निर्देशक सत्यजीत रे की 1960 की बंगाली ड्रामा फिल्म है, जिसमें सौमित्र चटर्जी और शर्मिला टैगोर ने अभिनय किया है। सामाजिक परंपराओं और धार्मिकता पर आधारित है। इसके अलावा, इस फिल्म में शर्मिला एक देवी का किरदार निभाती हैं। 

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5कश्मीर की कली

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कश्मीर की कली शक्ति सामंत द्वारा निर्देशित 1964 की भारतीय रोमांस फिल्म है। इसमें शम्मी कपूर और शर्मिला टैगोर मुख्य भूमिका निभाते हैं। इस फिल्म में काम करने के बाद शर्मिला की लोकप्रियता बॉलीवुड फिल्म उद्योग में काफी बढ़ गई थी। साधना, सायरा बानो जैसी नायिकाओं के बाद शर्मिला भी हिंदी सिनेमा में काफी लोकप्रिय हो गई। इस फिल्म के बाद उन्होंने एक के बाद एक सुपरहिट फिल्में की। 

6अनुपमा

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ये फिल्म शर्मिला टैगोर की सबसे लोकप्रिय और यादगार फिल्मों में से एक थी। इस फिल्म में डायरेक्टर ने एक गहरी अंतर्मुखी लड़की के चरित्र को रेखांकित किया। शर्मिला ने मितभाषी उमा के रूप में अभिनय किया और धर्मेंद्र ने एक लेखक और शिक्षक की भूमिका निभाई थी। ये फिल्म लोगों ने काफी पसंद की। साथ ही, इस फिल्म को कई फिल्म समीक्षकों द्वारा सराहा गया और इसे कई फिल्मफेयर पुरस्कारों के लिए नामांकित भी किया गया था। 

7नायक

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एक अभिनेता के जीवन और एक सेलिब्रिटी की प्रकृति पर सत्यजीत रे की काल्पनिक कहानी निर्मित की। इस फिल्म में शर्मिला टैगोर ने एक युवा पत्रकार का किरदार निभाया। शर्मिला टैगोर के इस किरदार को लोगों ने काफी पसंद किया। क्योंकि लोगों ने अबतक शर्मिला टैगोर को एक सुंदर, सुशील महिला का किरदार निभाते हुए देखा था। लेकिन इस फिल्म में शर्मिला टैगोर ने एक साहसी पत्रकार की भूमिका निभाकर लोगों को हैरान कर दिया। 

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8एन इवनिंग इन पेरिस

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लोगों ने एन इवनिंग इन पेरिस में शर्मिला को एक उत्तराधिकारी और एक डांसर के रूप में दोहरी भूमिका में देखा था। साथ ही, ये फिल्म हिन्दी सिनेमा के इतिहास में बेहद ही महत्वपूर्ण है। क्योंकि ये ऐसी पहली फिल्म की थी, जिसमें शर्मिला टैगोर ने स्क्रीन पर बिकनी पहनी थी। उन्होंने ऐसा बहुत ही सहज तरीके से किया और फिल्म के व्यावसायिक पहलुओं को बहुत ही शानदार ढंग से अपनाया। इस फिल्म के बाद, शर्मिला टैगोर लंबे समय तक स्क्रीन पर साथी शम्मी कपूर के साथ कई फिल्मों में नजर आईं।

9अरण्येर दिन रात्रि

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शर्मिला टैगोर की साल 1970 में रिलीज हुई एक भारतीय बंगाली एडवेंचर ड्रामा फिल्म है, जिसे सत्यजीत रे ने लिखा और निर्देशित किया है। इस फिल्म में शर्मिला ने अपर्णा की भूमिका निभाई है, जो एक प्रगतिशील और सुंदर महिला है और वे जंगल में पलायन के लिए निकलती है। इस फिल्म में उन्होंने एक ऐसी महिला का किरदार निभाया, जो परिष्कृत, तेज और चतुर है। इस फिल्म में महिला का एक संतुलित चरित्र है, जिसे शर्मिला के अलावा कोई भी इसे इतनी खूबसूरती से नहीं निभा सकता था।

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