केवल पूजा-पाठ ही नहीं बच्चों को बुजुर्गों के करीब लाने का जरिया भी है पितृपक्ष, ऐसे सिखाएं अपनों का सम्मान करना
-1791261737663.webp)
पितृपक्ष को आमतौर पर लोग श्राद्ध, तर्पण और पितरों को याद करने के ही नजर से देखते हैं, लेकिन यह समय परिवार के साथ बैठने और बच्चों को अपनी जड़ों से जोड़ने का भी अच्छा मौका होता है। आज बच्चों की जिंदगी पढ़ाई, मोबाइल, इंटरनेट और दूसरी एक्टिविटीज के बीच काफी बिजी हो गई है। ऐसे में उन्हें अपने दादा-दादी, नाना-नानी और परिवार की पुरानी पीढ़ियों के बारे में जानने का मौका कम मिल पाता है।
पितृपक्ष के दौरान आप बच्चों को परिवार की पुरानी कहानियां सुना सकती हैं और उन्हें बता सकती हैं कि हमारे बुजुर्गों ने परिवार के लिए क्या किया। इससे बच्चों में अपनों के लिए प्यार और सम्मान की भावना बढ़ेगी। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं-

image credit- magnific
बच्चों को दादा-दादी और नाना-नानी की कहानियां सुनाएं
बच्चों को अपने पूर्वजों के बारे में सिर्फ नाम बताने के बजाय उनकी जिंदगी की छोटी-छोटी बातें भी बतानी चाहिए। जैसे दादा-दादी ने मुश्किल समय में परिवार को कैसे संभाला, नाना-नानी ने कैसे मेहनत की या परिवार के किसी बुजुर्ग ने जरूरत के समय दूसरों की मदद कैसे की। ऐसी बातें बच्चों को परिवार के लोगों से इमोशनली कनेक्ट करती हैं।
यह भी पढ़ें- Pitru Paksh 2026: गयाजी से पहले पुनपुन नदी में क्यों किया जाता है तर्पण? जानिए वजहें
पितृपक्ष में बच्चों को परिवार की पुरानी तस्वीरें दिखाएं
पुरानी फोटो बच्चों के लिए परिवार की कहानी समझने का आसान तरीका हैं। उन्हें परदादा-परदादी, दादा-दादी या नाना-नानी की तस्वीरें दिखाएं और उनके बारे में बताएं। इससे बच्चों को यह समझने में मदद मिलेगी कि उनका परिवार कितना बड़ा है और उनसे पहले की जनरेशंस कैसी थी।
श्राद्ध के दौरान बच्चों को सवाल पूछने दें
अगर बच्चा पूछता है कि श्राद्ध क्यों किया जाता है या पितरों को क्यों याद करते हैं, तो प्यार से इन सबके बारे में समझाएं। उनकी उम्र के हिसाब से आसान शब्दों में बात करें। जब बच्चा किसी परंपरा के पीछे की वजह समझता है, तो वह उसे सिर्फ मजबूरी में नहीं बल्कि अपनी समझ से अपनाता है।
बच्चों को बुजुर्गों की मदद करना सिखाएं
पितृपक्ष के दौरान घर के बुजुर्गों के साथ बच्चों को समय बिताने दें। उनसे बात करना, उनकी छोटी जरूरतों में मदद करना या उनके साथ खाना खाना जैसी छोटी चीजें भी बच्चों को बहुत कुछ सिखा सकती हैं। इससे उन्हें समझ आता है कि बुजुर्गों का सम्मान सिर्फ पैर छूने के लिए ही नहीं है।
-1791261809969.webp)
image credit- magnific
बच्चों को सेवा करने का मौका दें
बच्चों से जरूरतमंद को खाना खिलाना, किसी बुजुर्ग की मदद करना, पक्षियों के लिए दाना-पानी रखना या पौधे लगाना जैसे काम भी करवाएं। इससे उन्हें दया, मदद और जिम्मेदारी का मतलब समझ मे आएगा।
बच्चों को संस्कार समझाने का सबसे अच्छा तरीका क्या है?
बच्चे सिर्फ वही नहीं सीखते जो उन्हें बताया जाता है बल्कि वह भी सीखते हैं जो वे घर में रोज देखते हैं। अगर घर के बड़े एक-दूसरे से प्यार और सम्मान से बात करेंगे, बुजुर्गों की मदद करेंगे और परिवार के रिश्तों को महत्व देंगे, तो बच्चे भी धीरे-धीरे यही आदतें अपनाएंगे।
यह भी पढ़ें- पितृपक्ष खत्म होने के बाद कहां चले जाते हैं पूर्वज? जानें उनके स्थान का रहस्य
पितृपक्ष में बच्चों के लिए ये छोटे काम जरूर करें
पितृपक्ष के दौरान बच्चों में संस्कार लाने और अपनापन जताने का सबसे आसान तरीके ये हो सकते हैं-
- परिवार की पुरानी तस्वीरें साथ बैठकर देखें।
- किसी बुजुर्ग से उनके बचपन की कहानी सुनने को कहें।
- बच्चों को परिवार के पुराने सदस्यों के नाम और रिश्ते बताएं।
- घर के बुजुर्गों के साथ एक वक्त का खाना साथ खाएं।
- बच्चों को किसी जरूरतमंद की मदद में शामिल करें।
- बच्चों के सवालों को नजरअंदाज न करें।
- संस्कार सिर्फ समझाने के बजाय अपने व्यवहार से दिखाएं।
अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
Image Credit- AI
हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।