पूजा में पहनी गई सिल्क साड़ियों को कैसे रखें सुरक्षित? जानें तरीका

पूजा-पाठ से लेकर त्योहारों पर महिलाएं साड़ी जरूर पहनती हैं। पहनी गई कीमती सिल्क साड़ियों को लंबे समय तक नया बनाए रखने के आसान उपाय। जानें सिल्क साड़ियों की सही सफाई, ड्रायरूल और स्टोरेज हैक्स।
Updated:- 2026-09-15, 20:15 IST
image

भारतीय घरों में पूजा-पाठ, शादी-ब्याह और त्यौहारों पर महिलाएं साड़ी जरूर पहनती हैं। ऐसे में सिल्क की साड़ियां पहनना आजकल काफी ट्रेंड में है। कांजीवरम, बनारसी, चंदेरी या तुषार सिल्क साड़ियां अब महिलाओं की पसंद बन रही हैं। वे इस तरह की साड़ियां तीज त्योहारों पर पहन रही हैं। हालांकि, पूजा या समारोह खत्म होने के बाद इन हैवी सिल्क साड़ियों की सही देखभाल और स्टोरेज न की जाएं, तो इससे साड़ी में नमी, पसीने के दाग और गलत फोल्डिंग की वजह से जरी वर्क काला पड़ सकता है। ऐसे में कीमती सिल्क साड़ियों की चमक और मजबूती को बरकरार रखने के लिए कुछ जरूरी बातों का खास ध्यान रखें।

हैवी सिल्क साड़ियों की ऐसे करें देखभाल

अगर आप भी अपनी हैवी सिल्क साड़ियों को हमेशा नई जैसी बनाएं रखना चाहती हैं, तो आइए जानते हैं एक बार पहनने के बाद सिल्क साड़ियों को सुरक्षित रखने के आसान तरीकों के बारे में।

1 (15)

इस्तेमाल के तुरंत बाद हवा में सुखाना

जब भी आप घर में या बहार मंदिर में पूजा के दौरान सिल्क की साड़ी पहनें, तो लौटकर साड़ी को तुरंत अलमारी में बंद करके न रखें। पूजा के दौरान शरीर के पसीने की नमी और परफ्यूम के अंश साड़ी के धागों में चले जाते हैं, ऐसे में साड़ी उतारने के बाद आप 3 से 4 घंटे तक छांव में किसी साफ जगह फैलाकर इसे हवा लगने दें। ऐसा करने से साड़ी से नमी दूर हो सकती है।

प्लास्टिक की जगह सूती कपड़े में लपेटकर रखें

सिल्क फैब्रिक वाली साड़ियों को अक्सर महिलाएं प्लास्टिक के कवर या पॉलीथीन बैग में पैक कर देती है, लेकिन ऐसा करने से मॉइश्चर जमा हो सकता है और इससे फैब्रिक पर फंगस लग सकते हैं। इससे बचने के लिए आप साड़ियों को हमेशा मलमल या सूती साड़ी कवर या कपड़े में लपेटकर रखें। इससे कपड़े में हवा का सही सर्कुलेशन बना रहता है और जरी वर्क भी काला नहीं पड़ता।

यह भी पढ़ें- पुरानी सिल्क और कॉटन साड़ी से सोफे को दें नया लुक, ट्राई करें ये 3 यूनिक DIY आइडियाज

नियमित रूप से फोल्डिंग बदलना

कई बार महिलाएं सिल्क की हैवी साड़ी तभी निकालती है, जब उन्हें जरूरत होती है, लेकिन साड़ी को सालों तक एक ही मोड़ पर रखे रहने से कपड़े के कटने का डर बना रहता है। ऐसे में आप हर 2 से 3 महीने में अलमारी में रखी सिल्क साड़ियों को निकालकर उसे खोलकर उल्टा करें और नए सिरे से मोड़कर रख दें। इससे भारी जरी और सिल्क के रेशे कमजोर नहीं पड़ते।

2 (15)

ड्राई क्लीनिंग और इस्त्री का सही तरीका

अक्सर महिलाएं घर पर ही साधारण डिटर्जेंट से सिल्क साड़ियों को धो देती है, लेकिन ऐसा करने से इन साड़ियों की शाइन कम हो सकती है और ये समय से पहले ही पुरानी दिख सकती है। ऐसे में पूजा में पहनी गई भारी सिल्क साड़ियों को निकालने के बाद खुद धोने के बजाय प्रोफेशनल ड्राइ क्लीन कराएं।

निष्कर्ष:

अगर आप भी हैवी सिल्क साड़ी की केयर करना चाहती हैं, तो ऊपर बताएं गए कुछ स्मार्ट तरीके आपकी मदद कर सकते हैं। इनकी थोड़ी सी देखभाल और सहेजने का सही तरीका इन्हें लंबे समय तक नए जैसा रख सकता है। यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहे हर जिंदगी से। 

(image credit: magnific) 

Disclaimer

हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।