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    ताजमहल तो कई बार देखा होगा आपने, अब जानिए इससे जुड़ी कुछ रोचक बातें

    ताजमहल एक विश्व प्रसिद्ध मान्यूमेंट है। लेकिन क्या आप इससे जुड़े कुछ मजेदार फैक्ट्स के बारे में जानती हैं। अगर नहीं, तो पढ़िए यह लेख। 
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    • Mitali Jain
    • Editorial
    Published - 20 Jun 2021, 11:30 ISTUpdated - 19 Jun 2021, 18:09 IST
    main Taj mahal PLACES

    प्यार के प्रतीक की निशानी के रूप में देखा जाने वाले आगरा के ताजमहल की गिनती दुनिया के सात अजूबों में होती है और सिर्फ भारत से ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया से लोग इस खूबसूरत ताजमहल को देखने के लिए आते हैं। ताजमहल सफेद संगमरमर से बना है जिसे मुगल बादशाह शाहजहां ने अपनी पत्नी मुमताज महल की याद में बनवाया था। अरबी में ताजमहल को महलों का ताज कहा जाता है। इसे मुख्य रूप से हिंदू राष्ट्र में इस्लामी कला का गहना कहा जाता है। यह इस्लामी, फारसी, तुर्की और भारतीय आर्किटेक्चरल स्टाइल को प्रदर्शित करता है। वैसे तो ताजमहल के बारे में काफी हद जानकारी लोगों को है ही लेकिन आज हम आपको ताजमहल से जुड़े कुछ ऐसे फैक्ट्स के बारे में बता रहे हैं, जो यकीनन आपको भी काफी दिलचस्प लगेंगे- 

    1तो होता काला ताजमहल

    inside  FACT ABOUT TAJ MAHAL

    क्या आप जानती हैं कि देश में सफेद संगमरमर के ताजमहल के अलावा काले संगरमरमर से बना ताजमहल भी होता। किंवदंती है कि सम्राट शाहजहाँ ने ताजमहल के निर्माण कार्य का काम पूरा होने के बाद नदी के उस पार काले संगमरमर में एक और ताजमहल बनाने का इरादा किया था, लेकिन किन्हीं कारणों से उनका युद्ध उनके बेट औरंगजेब के साथ हुआ। उस दौरान शाहजहाँ को 1658 में उसके बेटे औरंगजेब ने नजरबंद कर दिया था। जिसके कारण शाहजहाँ की यह योजना पूरी नहीं हो पाई।

    2बदलता है रंग

    inside  CHANGING COLOUR

    एक बात जो ताजमहल को यकीनन एक अजूबा बनाती है, वह है उसका बदलता रंग। प्रकाश की मात्रा और समय के आधार पर ताज अपना रंग बदलता है। ताजमहल सुबह के समय गुलाबी, शाम को दूधिया सफेद और चांदनी में सुनहरा दिखाई देगा। अगर आप कभी ताजमहल देखने गए हैं, तो आपने शायद इस पर गौर किया होगा। यदि नहीं तो अगली बार जब भी आप उसे देखें तो इस बार अवश्य गौर कीजिएगा। 

    31857 विद्रोह ने पहुंचाया नुकसान

    inside  ATTACK ON  IN TAJ MAHAL

    यह तो हम सभी जानते हैं कि ताजमहल बनवाने के लिए दुनियाभर से लाए गए कीमती पत्थरों का इस्तेमाल किया गया था। लेकिन क्या आपको यह पता है कि 1857 के भारतीय विद्रोह के दौरान ब्रिटिश सेना द्वारा मकबरे की दीवारों से कई कीमती पत्थरों को तोड़ दिया गया था।

    4भूकंप का नहीं होगा असर

    inside  NEVER EFFECT OF EARTH QUAKE

    भूकंप या किसी प्राकृतिक आपदा पर किसी का बस नहीं चलता। लेकिन ताजमहल प्राकृतिक आपदा से भी सुरक्षित है। यदि ध्यान से देखा जाए तो चार स्तंभ या मीनार सीधे खड़े होने के बजाय बाहर की ओर झुकी होती हैं। इसका निर्माण इस तरह से इसलिए किया गया था ताकि भूकंप जैसी किसी भी प्राकृतिक आपदा की स्थिति में मीनारों के गिरने से मुख्य मकबरे (गुंबद) को क्षतिग्रस्त होने से बचाया जा सके।

    5कुतुब मीनार से भी है लंबा

    inside  taj mahal

    कुतुब मीनार को ताजमहल से भी उंचा माना जाता है। अगर आप भी ऐसा ही सोचती है तो आप गलत है। वास्तविकता तो यह है कि ताजमहल कुतुब मीनार (पांच फीट के अंतर के साथ) से लंबा है।

    6मध्य प्रदेश में होता ताजमहल

    inside  MP taj mahal

    सुनने में आपको शायद अजीब लगे लेकिन पहले ताजमहल आगरा में नहीं बनाया जाना है। इससे पहले ताजमहल बुरहानपुर (मध्य प्रदेश) में बनना था जहां मुमताज की प्रसव के दौरान मौत हो गई थी। लेकिन दुर्भाग्य से, बुरहानपुर पर्याप्त सफेद संगमरमर की आपूर्ति नहीं कर सका और इसलिए आगरा में ताजमहल बनाने का अंतिम निर्णय लिया गया। 

    7मजदूरों के नहीं कटे थे हाथ

    inside  taj mahal art

    ताजमहल को लेकर एक प्रमुख किदवंती यह है कि ताजमहल बनने के बाद शाहजहां ने मजदूरों के हाथ कटवा दिए थे, ताकि ऐसा स्मारक दोबारा ना बनाया जा सके। हालांकि, इस बात को साबित करने के लिए कोई साक्ष्य आज तक नहीं मिला है। यह बात एक कहानी इसलिए भी लगती है, क्योंकि उस्ताद अहमद लाहौरी (ईरान से एक फारसी) जो आर्किटेक्ट टीम के सुपरवाइजर थे, ने लाल किले की भी नींव रखी थी। हो सकता है कि ऐसा इसलिए कहा जाता हो, क्योंकि ताजमहल बनने के बाद शाहजहां ने मजदूरों को काफी बड़ा ईनाम दिया था और इसलिए मजदूरों ने ऐसा कहा हो कि बादशाह ने तो हमारे हाथ ही कटवा दिए। 

    8लकड़ी से बनी है नींव

    inside  fact about taj mahal

    यह भी एक हैरान कर देने वाला फैक्ट है। क्या आपको पता है कि ताजमहल की नींव यमुना किनारे न होती तो ढह जाती। हां, ताज की नींव लकड़ी से बनी है जो लंबे समय तक चलने वाली नहीं है। यह लकड़ी समय के साथ कमजोर हो गई होगी होती, लेकिन यह यमुना नदी के कारण है कि लकड़ी को आज तक मजबूत और नम रखा गया है।