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क्या Vivah Panchami के दिन Tulsi की पूजा होती है? जानें पंडित जी से

विवाह पंचमी के दिन माता सीता और श्री राम का विवाह किया जाता है और उनकी पूजा का विधान है। माता सीता मां लक्ष्मी का स्वरूप मानी जाती हैं और तुलसी माता को भी लक्ष्मी माता का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में क्या विवाह पंचमी के दिन तुलसी पूजा करना सही है?
Updated:- 2025-11-19, 15:22 IST
is tulsi worshipped on vivah panchami

विवाह पंचमी का पर्व हर साल मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। साल 2025 में यह पावन तिथि 25 नवंबर 2025, मंगलवार के दिन पड़ रही है। यह दिन भगवान श्री राम और माता सीता के विवाह की वर्षगांठ के रूप में मनाया जाता है, इसलिए यह तिथि वैवाहिक जीवन की सुख-समृद्धि और विवाह संबंधी बाधाओं को दूर करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। वहीं, हिन्दू धर्म में शुभ और मांगलिक अवसरों पर तुलसी माता की पूजा का विशेष महत्व होता है। तुलसी को मां लक्ष्मी का ही रूप माना जाता है और यह भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय हैं, इसलिए किसी भी शुभ कार्य में तुलसी पूजा को शामिल करना बहुत फलदायी माना जाता है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि विवाह पंचमी के दिन माता सीता और श्री राम का विवाह किया जाता है और उनकी पूजा का विधान है। माता सीता मां लक्ष्मी का स्वरूप मानी जाती हैं और तुलसी माता को भी लक्ष्मी माता का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में क्या विवाह पंचमी के दिन तुलसी पूजा करना सही है? आइये जानते हैं इस बारे में वृंदावन के ज्योतिषाचार्य राधाकांत वत्स से। 

क्या विवाह पंचमी के दिन तुलसी की पूजा करनी चाहिए? 

विवाह पंचमी के दिन मुख्य रूप से भगवान राम और माता सीता की पूजा और उनके विवाह का उत्सव मनाया जाता है, लेकिन इस दिन तुलसी की पूजा करना भी अत्यंत शुभ माना जाता है। इसका कारण यह है कि तुलसी भगवान विष्णु को बहुत प्रिय हैं और उन्हें मां लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है। किसी भी मांगलिक या शुभ कार्य से पहले और बाद में तुलसी की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।

kya vivah panchami ke din tulsi ki puja hoti hai

अगर पति-पत्नी के बीच अक्सर मतभेद या झगड़े होते हैं, तो उन्हें विवाह पंचमी के दिन राम-सीता की पूजा के बाद तुलसी के पौधे के पास एक दीपक जलाना चाहिए। इसके बाद, दोनों को मिलकर तुलसी की 11 या 21 बार परिक्रमा करनी चाहिए। माना जाता है कि ऐसा करने से दांपत्य जीवन में आ रही खटास दूर होती है और पति-पत्नी का रिश्ता अटूट और मधुर बनता है ठीक वैसे ही जैसे तुलसी और भगवान विष्णु का प्रेम है।

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जिन अविवाहित युवक-युवतियों के विवाह में देरी हो रही है उन्हें विवाह पंचमी के दिन भगवान राम और माता सीता के साथ-साथ तुलसी माता की भी पूजा करनी चाहिए। तुलसी माता को मां लक्ष्मी का स्वरूप मानकर उनसे शीघ्र और योग्य जीवनसाथी प्रदान करने की प्रार्थना करनी चाहिए। इसके साथ ही, पूजा के बाद तुलसी को जल अर्पित करें और उनकी मिट्टी को अपने माथे पर तिलक के रूप में लगाएं। इससे विवाह में आ रही रुकावटें दूर होती हैं।

kya vivah panchami ke din tulsi puja karni chahiye

चूंकि विवाह पंचमी का पूरा दिन अत्यंत शुभ और मांगलिक होता है, इसलिए इस दिन तुलसी के पौधे के सामने घी का दीपक जलाकर उसकी आरती करना और भोग लगाना घर के वातावरण को शुद्ध करता है और समस्त दोषों को दूर करता है। तुलसी को घर में पूजने से घर के सदस्यों को आरोग्य और समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।

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image credit: herzindagi 

FAQ
विवाह पंचमी के दिन क्या दान करना चाहिए?
विवाह पंचमी के दिन जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और धन दान करना चाहिए।
विवाह पंचमी के दिन श्री राम और माता सीता को क्या अर्पित करें?
विवाह पंचमी पर श्री राम और माता सीता को गुड़ से बनी मिठाई, खीर, पीले या लाल रंग के वस्त्र, 16 श्रृंगार की वस्तुएं, कमल के फूल, पांच प्रकार के फल, तुलसी पत्र और पंचामृत आदि अर्पित करने चाहिए।
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