Navratri 2025: अखंड ज्योति में रूई या लाल धागे की बत्ती में से क्या लगाना होगा सही? जानें किससे होगा ज्यादा लाभ

नवरात्रि में कई घरों में कलश स्थापना के साथ-साथ अखंड दीपक जलाने का भी संकल्प लिया जाता है, मगर दीपक में बाती रूई की होनी चाहिए या लाल धागे की, इसको लेकर सभी में भ्रम की स्थिति बनी रहती है। इसलिए हमने पंडित सौरभ त्रिपाठी से इस पर बात की और जाना कि अखंड दीपक में किस तरह की बाती लगाने से क्या फल प्राप्त होता है।
पंडित जी कहते हैं, "हिंदू धर्म में दीपक जलाने का धार्मिक महत्व तो है ही, साथ ही दीपक जलाने से सकारात्मक ऊर्जा भी मिलती है। यह घर में सुख-शांति का प्रतीक माना गया है। घर में अखंड दीपक जलाने के कुछ नियम-कायदे भी हैं, जिनका पालन करना बहुत जरूरी है। सबसे पहला नियम तो यही है कि आप सही बाती का इस्तेमाल करें और लोग यहीं पर भ्रमित हो जाते हैं। खासकर बाती रूई की हो या लाल धागे की, यह लोगों को नहीं पता होता है। जबकि दोनों का ही अपना-अपना महत्व होता है।"
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अखंड ज्योति में रूई या लाल धागे की बत्ती क्या लगाएं?
दोनों का ही अलग-अलग महत्व है और दोनों को ही अखंड ज्योति में लगाया जा सकता है, मगर आपको इसके सही नियमों का ज्ञान होना चाहिए। इस बारे में पंडित जी विस्तार से बता रहे हैं -
रूई की बत्ती का महत्व:
- नवरात्रि में अखंड ज्योति जलाने के नियम होते हैं। इसमें शुद्ध कपास से बनी रूई की बत्ती का इस्तेमाल करना चाहिए, इसे सात्त्विक और पवित्र माना गया है।
- ऐसा माना गया है कि अखंड ज्योति में रूई का प्रयोग करने से घर-परिवार में शांति, स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि आती है।
- रूई की बाती से अखंड दीपक जलाना विशेष रूप से भगवान शिव, विष्णु और गणेश जी की पूजा में श्रेष्ठ माना जाता है।
लाल धागे की बत्ती का महत्व:
- अखंड दीपक में लाल धागा या मौली की बाती शक्ति और पराक्रम का प्रतीक मानी जाती है।
- अगर आप दुर्गा, काली, भैरव और हनुमान जी की साधना कर रहे हैं, तो लाल मौली की बाती से आपको अखंड दीपक जलाना चाहिए।
- नवरात्रि में लाल मौली की बाती से अखंड दीपक जलाने से आपके साहस, आत्मबल और शत्रु निवारण की शक्ति प्राप्त होती है।
- लाल मौली की बाती का अखंड दीपक विशेष रूप से शक्ति साधना और कार्यसिद्धि में लाभकारी होता है।
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पंडित जी कहते हैं, "शास्त्रों में बताया गया है कि दीपक की बाती केवल हमें प्रकाश नहीं देती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि साधक की नीयत क्या है और वह किस उद्देश्य से पूजा कर रहा है।"
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- नवरात्रि में अखंड दीपक क्यों जलाया जाता है?
- अखंड दीपक जलाना माता दुर्गा की कृपा पाने का माध्यम माना जाता है। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा, सुख-शांति और समृद्धि आती है।
- खंड दीपक में कौन-सी बाती श्रेष्ठ मानी जाती है, रूई या लाल मौली?
- दोनों ही श्रेष्ठ हैं। रूई की बाती से शांति और सुख-समृद्धि मिलती है, जबकि लाल मौली की बाती से साहस, शक्ति और शत्रु निवारण की ऊर्जा प्राप्त होती है।
- रूई की बाती से अखंड दीपक जलाने का क्या लाभ होता है?
- रूई की बाती से अखंड दीपक जलाने से परिवार में शांति, स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि आती है। यह भगवान शिव, विष्णु और गणेश की पूजा में विशेष मानी जाती है।
- लाल मौली की बाती कब इस्तेमाल करनी चाहिए?
- लाल मौली की बाती दुर्गा, काली, भैरव और हनुमान जी की पूजा या साधना के समय करनी चाहिए। इससे साहस, आत्मबल और कार्यसिद्धि मिलती है।
- क्या अखंड दीपक जलाने के कुछ नियम भी होते हैं?
- जी हां, दीपक को पवित्र स्थान पर रखें, शुद्ध घी या तेल का प्रयोग करें और दीपक बुझने न दें। पूजा के उद्देश्य के अनुसार सही बाती का चयन करना जरूरी है।
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