शारदीय नवरात्रि 2026 की शुरुआत हो चुकी है। इन नौ दिनों में मां दुर्गा के अलग-अलग रूपों की पूजा की जाती है। नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा होती है। ऐसे में अगर आप इस दिन माता के दर्शन करने के साथ किसी खास मंदिर में जाने का प्लान बना रही हैं, तो प्रयागराज का प्राचीन मां क्षेमा माई मंदिर आपके लिए सही रहेगा।
यहां मां दुर्गा के चंद्रघंटा रूप की पूजा की जाती है। इस मंदिर को लेकर भक्तों के बीच गहरी आस्था है। खास बात यह है कि यहां मां दुर्गा के नौ रूपों के एक साथ दर्शन करने की मान्यता है। ऐसे में हम आपको इस मंदिर की खास बातें, यहां कैसे पहुंचें और दर्शन के लिए जाते समय किन बातों का ध्यान रखें, सब कुछ डिटेल में बता रहे हैं। आइए जानते हैं-
प्रयागराज में कहां है मां चंद्रघंटा का मंदिर?
मां चंद्रघंटा का फेमस मंदिर उत्तर प्रदेश के प्रयागराज शहर के चौक इलाके में है। यह मंदिर मां क्षेमा माई के प्राचीन मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। चौक शहर का काफी व्यस्त इलाका है, इसलिए यहां पहुंचने के लिए आपको रास्ते में थोड़ी भीड़ मिल सकती है। नवरात्रि के दौरान भीड़ बढ़ भी जाती है। इस मंदिर का जिक्र पुराने धार्मिक ग्रंथों में भी मिलता है। यहां मां दुर्गा के चंद्रघंटा रूप की पूजा की जाती है।
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मां चंद्रघंटा मंदिर की क्या है खासियत?
प्रयागराज के इस मंदिर की कुछ खास बातें भी हैं। जैसे-
- माना जाता है कि इस मंदिर में मां दुर्गा के सभी नौ रूपों के दर्शन एक ही जगह पर हो जाते हैं।
- मां क्षेमा माई का यह मंदिर काफी पुराना है। नवरात्रि में यहां भक्तों की संख्या बढ़ जाती है।
- सच्चे मन से मां के दर्शन और पूजा करने से मन को शांति मिलती है और मनोकामना भी पूरी होती है।
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दिल्ली से प्रयागराज कैसे पहुंचें?
अगर आप दिल्ली या किसी दूसरे शहर से मां चंद्रघंटा के दर्शन करने प्रयागराज आ रही हैं, तो अपनी सुविधा और बजट के हिसाब से यात्रा का तरीका चुन सकती हैं।
- ट्रेन से: प्रयागराज में कई शहरों से ट्रेन आती हैं। ऐसे में यह ऑप्शन आपके लिए बढ़िया रहेगा। साथ ही यह सस्ता भी रहेगा। आप अपने शहर से प्रयागराज के लिए ट्रेन की टिकट बुक कर सकती हैं। टिकट लेते समय स्टेशन का नाम और वहां से मंदिर की दूरी जरूर देख लें। स्टेशन से आगे आपको ऑटो या कैब मिल जाएगा।
- फ्लाइट से: अगर आपके पास समय कम है, तो आप फ्लाइट से भी जा सकती हैं। प्रयागराज में एयरपोर्ट है। एयरपोर्ट से शहर के चौक इलाके तक जाने के लिए टैक्सी या कैब ले सकती हैं।
- सड़क से: अपनी कार या बस से भी आप प्रयागराज पहुंच जाएंगी। बस यात्रा शुरू करने से पहले रास्ते, ट्रैफिक और सफर में लगने वाले समय की जानकारी ले लें।
मंदिर तक कैसे पहुंचें?
प्रयागराज पहुंचने के बाद आपको चौक इलाके की तरफ जाना होगा। इसके लिए ऑटो या कैब ले सकती हैं, लेकिन चौक शहर का व्यस्त बाजार वाला इलाका है, इसलिए कुछ जगहों पर ट्रैफिक और भीड़ मिलेगी। ऐसे में जल्दबाजी से बचें और आने-जाने के लिए थोड़ा समय रखें।
मंदिर जाने के बाद प्रयागराज में कहां घूम सकती हैं?
अगर आप मां के दर्शन के साथ प्रयागराज घूमने का भी प्लान बना रही हैं, तो शहर की दूसरी धार्मिक और ऐतिहासिक जगहों को भी एक्सप्लोर कर सकती हैं। जैसे-
- त्रिवेणी संगम
- लेटे हुए हनुमान जी का मंदिर
- आनंद भवन
बस ध्यान रखें कि इन जगहों पर जाने के लिए आपको अलग-अलग समय देना होगा। इसलिए अगर आप सिर्फ एक दिन के लिए प्रयागराज आ रही हैं, तो अपनी पसंद के हिसाब से जगहें देख लें।
मंदिर जाने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
नवरात्रि में मां चंद्रघंटा के दर्शन करने का प्लान बना रही हैं, तो कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना आपके काम आएगा। जैसे-
- मंदिर में दर्शन का समय पहले पता कर लें, क्योंकि त्योहार के दिनों में टाइमिंग बदल जाती है।
- भीड़ से बचने के लिए सुबह जल्दी पहुंचने की कोशिश करें।
- पूजा के लिए फूल या चुनरी आपको बाहर ही मिल जाएगी।
- चौक इलाके में भीड़ रहती है, इसलिए अपने मोबाइल और पर्स का ध्यान रखें।
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