अयोध्या में दिवाली मनाने का अपना ही अलग मजा है। यहां दिवाली के समय होने वाले दीपोत्सव को देखने के लिए देशभर से लोग पहुंचते हैं। सरयू नदी के घाटों पर लाखों दीये जलते हैं और पूरा शहर रोशनी से जगमगा उठता है। अगर आप भी इस बार दिल्ली से अयोध्या जाने की प्लानिंग कर रही हैं, तो सिर्फ ट्रेन या फ्लाइट की टिकट बुक करना ही काफी नहीं है। कहां ठहरना है, किन मंदिरों में दर्शन करने हैं, घाटों तक कैसे पहुंचना है और भीड़ से कैसे बचना है? इन सबकी जानकारी पहले से होना जरूरी है।
अच्छी बात यह है कि अयोध्या पहुंचने के लिए ट्रेन, फ्लाइट और बस जैसे कई ऑप्शन हैं। यहां आप राम मंदिर में दर्शन करने के साथ सरयू घाट और दूसरे मशहूर मंदिर भी घूम सकती हैं। आज का हमारा लेख भी इसी विषय पर है। हम आपकाे दिल्ली से अयोध्या जाने से लेकर वहां घूमने और ठहरने तक की पूरी जानकारी बता रहे हैं।
2026 में कब है अयोध्या का दीपोत्सव?
अयोध्या का दीपोत्सव दिवाली के आसपास होने वाला खास आयोजन है। इस दौरान सरयू नदी के घाटों और शहर के कई हिस्सों को दीयों से सजाया जाता है। शाम के समय जब लाखों दीये एक साथ जलते हैं, तो पूरा नजारा देखने लायक होता है। इसके साथ धार्मिक कार्यक्रम, सांस्कृतिक आयोजन और रामायण से जुड़े कार्यक्रम भी होते हैं।
- दीपोत्सव की तारीख: 6 या 7 नवंबर 2026
- जगह: अयोध्या, उत्तर प्रदेश
- खास आकर्षण: सरयू घाटों पर 30 लाख से ज्यादा दीप जलना, आरती और सांस्कृतिक कार्यक्रम
दिल्ली से अयोध्या कितनी दूर है और कैसे पहुंचें?
दिल्ली से अयोध्या की सड़क की दूरी करीब 636 किलोमीटर है। आप अपनी सुविधा और बजट के हिसाब से ट्रेन, फ्लाइट या बस से जा सकती हैं। देश के दूसरे शहरों से आने वाले लोग भी इन तीनों तरीकों से अयोध्या पहुंच सकते हैं।
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ट्रेन से कैसे पहुंचें?
अगर आप दिल्ली से अयोध्या जाना चाहती हैं, तो ट्रेन एक अच्छा ऑप्शन है। अयोध्या में दो बड़े रेलवे स्टेशन हैं-
- अयोध्या धाम जंक्शन
- अयोध्या कैंट
ये स्टेशन देश के कई बड़े शहरों से कनेक्टेड हैं। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, पटना, लखनऊ और दूसरे शहरों से आने वाले यात्री अपने शहर के हिसाब से ट्रेन देख सकते हैं। बस टिकट बुक करते समय ध्यान दें कि आपकी ट्रेन किस स्टेशन पर पहुंचेगी। दोनों स्टेशन के नाम मिलते-जुलते हैं, इसलिए टिकट में स्टेशन का नाम अच्छी तरह चेक कर लें।
टिकट कहां से बुक करें?
IRCTC की वेबसाइट या ऐप पर ट्रेन और सीट की उपलब्धता देख सकती हैं। दीपोत्सव के समय भीड़ ज्यादा होने की वजह से टिकट पहले बुक करेंगी तो बेहतर रहेगा।
फ्लाइट से कैसे पहुंचें अयोध्या?
अगर आप कम समय में अयोध्या पहुंचना चाहती हैं, तो फ्लाइट सबसे बेस्ट रहेगा। यहां महर्षि वाल्मीकि इंटरनेशनल एयरपोर्ट, अयोध्या धाम है। यह अयोध्या शहर से करीब 10 किलोमीटर दूर है। अगर आपके शहर से अयोध्या के लिए सीधी फ्लाइट नहीं मिलती, तो लखनऊ, गोरखपुर, प्रयागराज या वाराणसी के एयरपोर्ट तक आने का ऑप्शन भी देख सकती हैं। वहां से सड़क के रास्ते अयोध्या पहुंचा जा सकता है। अयोध्या एयरपोर्ट से शहर तक टैक्सी या दूसरे ऑप्शन देख लें।
- फ्लाइट बुक करने से पहले डायरेक्ट और कनेक्टिंग फ्लाइट के फेयर की तुलना कर लें।
- त्योहार के समय टिकट महंगे होते हैं, इसलिए पहले से बुकिंग करना ठीक रहेगा।
बस या अपनी गाड़ी से अयोध्या कैसे पहुंचें?
अगर आप सड़क के रास्ते ट्रैवल करना पसंद करती हैं, तो बस या अपनी कार से भी अयोध्या जा सकती हैं। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बसें दिल्ली और लखनऊ जैसे शहरों से अयोध्या के लिए चलती हैं। दूसरे शहरों से भी बसों की सुविधा मिल जाएगी। वहीं, अगर आप दिल्ली से सड़क के रास्ते अयोध्या जाना चाह रही हैं, तो इसकी दूरी करीब 636 किलोमीटर है। अपनी गाड़ी से जाने पर रास्ते में आराम करने के लिए ब्रेक जरूर लें।
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अयोध्या में कहां घूमें?
अयोध्या में सिर्फ राम मंदिर ही नहीं बल्कि कई दूसरे मंदिर और घाट भी हैं। अगर आप पहली बार यहां जा रही हैं, तो इन जगहों को अपनी लिस्ट में जरूर शामिल करें।
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर
अयोध्या आने वाले ज्यादातर लोग सबसे पहले श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन करना चाहते हैं। यह शहर की सबसे खास जगहों में से एक है। बस मंदिर में दर्शन के लिए जाने से पहले एंट्री, सुरक्षा नियम और दर्शन से जुड़ी जानकारी जरूर देख लें। भीड़ के दिनों में दर्शन में ज्यादा समय लग सकता है। इसलिए एक्सट्रा टाइम लेकर ही जाएं।
हनुमानगढ़ी मंदिर
हनुमानगढ़ी अयोध्या का एक मशहूर मंदिर है। यहां हनुमान जी के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। मंदिर तक पहुंचने के लिए सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं, इसलिए बुजुर्गों और बच्चों के साथ जा रही हैं तो इस बात का ध्यान रखें।
कनक भवन
कनक भवन भी अयोध्या के खास मंदिरों में से एक है। यह राम जन्मभूमि के पास ही है। यहां भगवान राम और माता सीता के दर्शन करने को मिलेंगे।
राम की पैड़ी और सरयू घाट
अगर आप अयोध्या की शाम को करीब से देखना चाहती हैं, तो राम की पैड़ी और सरयू घाट जरूर जाएं। राम की पैड़ी सरयू नदी के किनारे बने घाटों की एक श्रृंखला है। दीपोत्सव के समय यहां का नजारा देखने लायक हाेता है। इस दौरान घाटों पर दीयों की जबरदस्त रोशनी रहती है। आप आरती का भी हिस्सा बन सकती हैं।
गुलाब बाड़ी
अगर मंदिरों के अलावा कुछ ऐतिहासिक जगह भी देखना चाहती हैं, तो गुलाब बाड़ी चली जाएं। यह नवाब शुजा-उद-दौला का मकबरा है।
अयोध्या में कहां स्टे करें?
दीपोत्सव के समय अयोध्या में काफी भीड़ रहती है। ऐसे में होटल या धर्मशाला की बुकिंग आखिरी समय पर करने से परेशानी होगी। इसलिए अपनी जरूरत और बजट के हिसाब से पहले ही बुकिंग कर लें। इन जगहों पर आप स्टे का ऑप्शन देख सकती हैं-
- अयोध्या धाम स्टेशन के आसपास
- नया घाट और सरयू घाट के आसपास
अयोध्या में क्या खाएं?
अयोध्या में आप यहां के स्वादिष्ट पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लेना बिल्कुल न भूलें। आप ये चीजें खा सकती हैं-
- रबड़ी-मालपुआ: हनुमानगढ़ी मंदिर के आसपास मिलने वाली शुद्ध देसी घी की रबड़ी और गरम-गरम मालपुए का स्वाद पूरे शहर में मशहूर है।
- अयोध्या के खास पेड़े: राम जन्मभूमि और हनुमानगढ़ी के पास मिलने वाले ताजा मावे के पेड़े यहां का सबसे पसंदीदा प्रसाद और मिठाई है।
- कचौड़ी-सब्जी: यहां सुबह के नाश्ते में चटपटी आलू की सब्जी के साथ परोसी जाने वाली खस्ता कचौड़ी या बेडमी पूड़ी भी खूब पसंद की जाती है।
- दही-जलेबी: अयोध्या की गलियों में सुबह और शाम के समय मिलने वाली करारी जलेबी और ठंडे दही का कॉम्बिनेशन भी लोगों को खूब पसंद आता है।
- मटर चाट और समोसा: यहां के बाजारों में मिलने वाली देसी मसालों से तैयार भुनी मटर की चाट और गरमा-गरम समोसे भी जरूर खाएं।
अयोध्या में घूमने के लिए लोकल ट्रांसपोर्ट
अयोध्या पहुंचने के बाद मंदिरों और घाटों तक जाने के लिए आपको कई तरह के साधन मिल जाएंगे। जैसे-
- ई-रिक्शा: शहर के अंदर कम दूरी तय करने के लिए इस्तेमाल कर सकती हैं।
- ऑटो: मंदिरों और दूसरे घूमने वाले जगहों तक जाने के लिए ऑटो भी सही रहेगा।
- टैक्सी: परिवार के साथ हैं या कई जगह एक साथ घूमना चाहती हैं, तो टैक्सी का ऑप्शन देख सकती हैं।
- पैदल घूमना: आसपास की कुछ जगहों को पैदल भी देखा जा सकता है।
दीपोत्सव के समय कुछ रास्तों पर गाड़ियों की एंट्री बंद हो जाती है या ट्रैफिक का रास्ता बदल दिया जाता है। इसलिए पैदल चलने के लिए भी तैयार रहें।
अयोध्या में कितने दिन रुकना सही रहेगा?
अगर आप सिर्फ मंदिरों में दर्शन करना चाहती हैं, तो एक दिन में कुछ बड़ी जगहें देख सकती हैं, लेकिन दीपोत्सव देखने और शहर को आराम से घूमने के लिए दो दिन का प्लान ज्यादा अच्छा रहेगा।
दीपोत्सव के समय अयोध्या जाने से पहले ये बातें जान लें
त्योहार के दिनों में अयोध्या में आम दिनों के मुकाबले ज्यादा भीड़ रहती है। ऐसे में कुछ छोटी बातों का ध्यान रखना आपके लिए सही रहेगा।
- ट्रेन, फ्लाइट और होटल की बुकिंग पहले कर लें।
- मंदिरों के दर्शन का समय और नियम यात्रा से पहले चेक करें।
- दीपोत्सव के दिन ट्रैफिक और पार्किंग से जुड़े निर्देशों को ध्यान से पढ़ें।
- फोन चार्ज रखें और जरूरी सामान अपने साथ रखें।
- घाटों पर दीये और सजावट देखने के दौरान सुरक्षा के नियमों का पालन करें।
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