Black Rice Benefits: तेजी से बदलती लाइफस्टाइल में हर कोई अपनी सेहत को लेकर सजग रहता है। वजन घटाने के लिए कोई जिम तो कई योग या डाइटिंग को फॉलो करता है। बहुत से लोग मोटापा कम करने के लिए अपनी डाइट में ब्लैक राइस का इस्तेमाल करते हैं। क्योंकि ब्लैक इसमें कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं जो सेहत के लिए लाभदायक माने जाते हैं।
इसमें फाइबर और प्रोटीन होने के कारण वेट लॉस में ये मददगार माना गया है। https://www.india.gov.in के अनुसार, ब्लैक राइस में मिलने वाले सेहतमंद गुणों की वजह से ही इसे "फॉरबिडन राइस" के नाम से भी जाना जाता है। यह एंटीऑक्सीडेंट, फाइबर और मिनरल का एक अच्छा सोर्स है। अपने खास गहरे रंग और नटी स्वाद की वजह से कई पारंपरिक डिशेज में एक पॉपुलर मील के तौर पर फेमस है। जो बॉडी फिटनेस के साथ आंखों का भी ख्याल रखता है। आइए जानते हैं इसके फायदे।
Black Rice Benefits: क्या हैं ब्लैक राइस खाने के फायदे
ब्लैक राइस के अंदर मौजूद पौष्टिक तत्वों की वजह से ही भारत सरकार के कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) ने पूर्वोत्तर और अन्य राज्यों से जैविक और एनओपीओपी (NPOP)-प्रमाणित काले चावल के निर्यात को बढ़ावा दिया है।
वेट लॉस में कारगर- ब्लैक राइस अगर आप अपनी डेली रूटीन डाइट में शामिल करते हैं तो आपको कमाल के फायदे देखने को मिल सकते हैं। दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इस चावल में भरपूर मात्रा में प्रोटीन और फाइबर होता है। यही आपके वजन को नियंत्रित करने के साथ ही छरहरा रखने में सहायक होता है।इतना ही नहीं दिनभर एनर्जी से भी भरपूर रहते हैं।
एंटीऑक्सीडेंट की अधिकता- ब्लैक राइस में एंटीऑक्सीडेंट की अधिकता होने से ये शरीर को ठीक रखता है। आपकी याददाश्त बेहतर करने के साथ इम्यूनिटी भी बनाए रखता है। काले चावल का सेवन करने से सूजन की समस्या में भी लाभ मिलता है।इसके अंदर मौज्द फाइबर आपके डाइजेशन प्रोसेस को बेहतर बनाने के साथ ही पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराने में सहायक होता है।
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Black Rice Benefits: इसका रंग इतना गहरा क्यों होता है?
https://pmc.ncbi.nlm.nih.gov/ के अनुसार ब्लैक राइस एक पिगमेंटेड वैरायटी का चावल है। इसकी बाहरी परत में एंथोसायनिन की प्रचुरता होती है। यही प्राकृतिक पिग्मेंट्स इसे गहरा बैंगनी या काला रंग देते हैं। पकाने के बाद इसका रंग अक्सर गहरा बैंगनी दिखाई देता है। अगर बात व्हाइट राइस की करें तो पॉलिश करने के दौरान इसकी बाहरी परत और ब्रान का काफी हिस्सा निकल जाता है। ब्लैक राइस की वैरायटी में बाहरी पिग्मेंटेड लेयर मौजूद रहने की वजह से इसमें कुछ ऐसे कंपाउंड्स अधिक मात्रा में बने रह सकते हैं जो पॉलिश्ड व्हाइट राइस में कम पाए जाते हैं।
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