आस्था या विज्ञान...सावन में सबसे ज्यादा क्यों निकलते हैं सांप, जानें कारण?

सावन शुरू होते ही चारों तरफ हरियाली छा जाती है और मौसम सुहाना हो जाता है। मगर इस दौरान एक चीज का डर रहता है और वह सांपों का निकलना। हालांकि, सांपों का बिलों से बाहर इस दौरान आना आम बात है, जिसे आमतौर लोग आस्था से जोड़कर देखते हैं। अब ऐसे में अगर आपसे सवाल पूछा जाए कि आपको इसके पीछे का असली वजह पता है। यकीनन आपके मन में इसका जवाब धार्मिक मान्यता से जोड़कर आएगा। मगर आपको बता दें कि इसके पीछे की मुख्य वजह आस्था नहीं बल्कि वैज्ञानिक कारण है। नीचे लेख में समझें-
सावन के मौसम में सांप क्यों निकलते हैं?
सावन के महीने में जब बारिश होती है, तो सांपों के बिलों पानी भर जाता है। सांप ठंडे खून वाले जीव होते हैं, जिन्हें नमी और पानी से भरी जगह पर रहना पसंद नहीं होता। जब उनका ठिकाना डूबने लगता है, तो वे मजबूरी में सांस लेने और सूखी जगह की तलाश में बाहर निकलते हैं।

- जोरदार बारिश से उनके बिलों में पानी भर जाता है, जिससे सांपों को बाहर निकलना पड़ता है।
- नमी और सामान्य तापमान उनकी गतिविधि को बढ़ाते हैं।
- शिकार जैसे मेंढक, चूहे, छिपकलियां बड़ी संख्या में मौजूद होते हैं।
- कई प्रजातियां मनसून के दौरान प्रजनन करती हैं, जिससे उनकी आवाजाही बढ़ जाती है।
- इंसानों की खेती से जुड़ी गतिविधियां भी बढ़ जाती हैं, जिससे सांपों से आमना-सामना होने की संभावना ज्यादा हो जाती है।
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सावन में सांप निकलने के पीछे का वैज्ञानिक रिसर्च
साइंटिफिक रिपोर्ट्स (नेचर पोर्टफोलियो) में 2024 में छपी, पीयर-रिव्यू वाली स्टडी के अनुसार, जुलाई और अगस्त के दौरान सांपों के दिखने की घटनाएं सबसे ज्यादा होती हैं और इनका सीधा संबंध मनसून की बारिश, नमी और तापमान से होता है। स्टडी में बारिश और सांपों के दिखने के बीच एक मजबूत सकारात्मक संबंध पाया गया।

इससे पता चलता है कि सावन के महीने में सांपों का ज्यादा दिखना मुख्य रूप से इकोलॉजिकल और मौसमी कारणों से होता है, न कि खुद उस धार्मिक महीने की वजह से।
वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखें तो बारिश का यह मौसम सांपों के प्रजनन का भी समय होता है। इस दौरान वे अपने साथियों की तलाश में एक जगह से दूसरी जगह घूमते हैं। इसके अलावा, मानसून में मेंढक और चूहे जैसे उनके शिकार भी बिलों से बाहर आते हैं, जो सांपों को भोजन की तलाश में बाहर आने के लिए प्रेरित करते हैं। यानी जो कुछ भी हमें दिखाई देता है, वह पूरी तरह से उनके प्राकृतिक जीवन चक्र और उत्तरजीविता का हिस्सा है।
सावन के मौसम में सांपों के निकलने के पीछे की धार्मिक मान्यता
सावन के महीने को भगवान शिव का महीना माना जाता है और गले में नाग देवता विराजमान रहते हैं। नाग पंचमी का त्योहार भी इसी मौसम में मनाया जाता है, जिसमें लोग सांपों को दूध पिलाने और उनकी पूजा करने की परंपरा निभाते हैं। मगर आपको जानकर हैरानी होगी कि सांप दूध नहीं पीते हैं।
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आस्था और विज्ञान दोनों अपनी जगह बिल्कुल सही हैं। अब आप समझ गए होंगे कि सावन में सबसे ज्यादा सांप क्यों निकलते हैं। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी हो, तो इसे शेयर करें और इसी तरह के अन्य लेख पढ़ने के लिए जुड़ी रहें आपकी अपनी वेबसाइट हरजिन्दगी के साथ।
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- क्या सावन में सांप सचमुच दूध पीने के लिए बाहर आते हैं?
- नहीं, यह एक मिथक है। विज्ञान के अनुसार सांप मांसाहारी जीव होते हैं और वे कभी दूध नहीं पीते हैं।
- बारिश के दिनों में सांप हमारे घरों के अंदर क्यों आ जाते हैं?
- जब भारी बारिश की वजह से जमीन के नीचे बने सांपों के बिल पानी से भर जाते हैं, तो वे सुरक्षित, सूखी और गर्म जगह की तलाश में बाहर निकलते हैं।
- क्या सभी सांप जहरीले होते हैं?
- नहीं, भारत में पाए जाने वाले सांपों की सैकड़ों प्रजातियों में से केवल कुछ ही जैसे कोबरा, करैत, वाइपर जहरीली होती हैं। अधिकांश सांप जहरीले नहीं होते, लेकिन फिर भी हर सांप से दूरी बनाए रखना ही समझदारी है।
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